इंडिगो की दिक्कत क्या थी, इसकी जांच होगी। सरकार ने इंडिगो के सामने एक बड़ा सवाल उठाया है। पिछले 2 महीनों में, इस एयरलाइन ने 2000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। इसकी वजह से यात्रियों पर बहुत बोझ पड़ा।
इस संकट के पीछे एक मुख्य कारण नियमों का अनुपालन नहीं करना था। इंडिगो ने नए नियमों का उल्लंघन किया था, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानें रद्द हुईं।
इस स्थिति के लिए एक्सपर्ट कहते हैं कि सिर्फ इंडिगो जिम्मेदार नहीं है, बल्कि एयरलाइन कंपनियों पर भी तगड़ा फाइन लगाना चाहिए।
इंडिगो की दिक्कत बहुत बड़ी है , सरकार ने एक बड़ा सवाल उठाया है और इसका जवाब ढूंढना जरूरी है। पिछले 2 महीनों में 2000 से अधिक उड़ानें रद्द किए जाने से यात्रियों पर बहुत बोझ पड़ा। यह तो कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन इसके पीछे एक मुख्य कारण नियमों का अनुपालन नहीं करना था। इंडिगो ने नए नियमों का उल्लंघन किया था, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानें रद्द हुईं।
अब सरकार और एयरलाइन कंपनियों दोनों को एक साथ तगड़ा फाइन लगाना चाहिए, नहीं तो इससे आगे कुछ भी नहीं होगा। यह एक बड़ी सबक है कि नियमों का अनुपालन करना जरूरी है।
Wow , ये बात सच में है कि इंडिगो ने नए नियमों का उल्लंघन किया था और इसके परिणामस्वरूप यात्रियों पर बहुत बोझ पड़ा। इंडिगो की दिक्कत तो यहीं नहीं, एयरलाइन कंपनियों में भी नियमों का अनुपालन करने की कमी है जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।
इंडिगो की दिक्कत बहुत बड़ी है , सरकार को इस पर कड़े कदम उठाने चाहिए। 2000 से अधिक उड़ानें रद्द करना तो बहुत बड़ा नुकसान है, यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। और इसके पीछे इंडिगो ने नए नियमों का उल्लंघन किया था, यह तो सरकार की जिम्मेदारी है। सिर्फ फाइन लगाना नहीं चाहिए, एयरलाइन कंपनियों को अपने व्यवसाय पर ध्यान देना चाहिए। और सरकार को इन नियमों को बहुत सावधानी से बनाना चाहिए ताकि ऐसी समस्या फिर न हो।
अगर इंडिगो ने ऐसा उल्लंघन किया, तो यह हमें सोचने का मौका देता है कि हमारे व्यवसायिक जीवन में क्या महत्वपूर्ण है, और हमारी योजनाओं को लेकर हमने कहां धारणा कर रखी हुई है। अगर एक छोटे-छोटे से नियमों का उल्लंघन करने पर इतना बुरा प्रभाव पड़ रहा है, तो यह हमें सोचने का मौका देता है कि हमारे व्यवसायिक जीवन में हमारी रणनीतियां सही से तैयार नहीं की गई हैं। और अगर इंडिगो के लिए एक बड़ा सवाल उठाया गया है, तो यह हमें सोचने का मौका देता है कि हमारे पास नियामक प्रणाली मजबूत नहीं है।
मुझे लगता है की इस दिक्कत में हमारा सबसे बड़ा दोष अपने उड़ानों को समय पर पूरा करने में नहीं है, बल्कि हमारे यात्रियों की ज़रूरतों और सुविधाओं को पूरा करने में।
उसकी तरह इंडिगो ने अपने नियमों में बदलाव कर दिए, जिसने उनके उड़ानों पर बहुत बोझ डाला, तो हमें भी अपने यात्रियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।
और फिर एक सवाल उठता है की, सरकार से कहीं अधिक इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहिए। हमारे यात्रियों की ज़िंदगी में सुरक्षा और समय पर पूर्ति सबसे बड़ी चीज़ है।
मुझे लगता है कि इंडिगो जैसी एयरलाइनें अपने ग्राहकों से बहुत अधिक उम्मीदें लगाती हैं और अगर वे इन उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाती हैं, तो उनके लिए बहुत बड़ी समस्याएं होती हैं।
मुझे लगता है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एयरलाइनें अपने नियमों का अनुपालन करें और अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें कड़ी सजा देनी चाहिए।
मुझे लगता है कि इस तरह से हमारे देश की एयरलाइनें अच्छी तरह से चलने में मदद करेंगी।
इंडिगो की दिक्कत बहुत गंभीर थी, तो वैसे क्या कुछ? सरकार ने उन्हें एक बड़ा सवाल पूछा है, और अब यात्रियों को परेशान नहीं रहना चाहिए। पिछले 2 महीनों में इंडिगो ने 2000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे बहुत सारे लोग परेशान हुए।
मुझे लगता है कि इंडिगो की इस समस्या के पीछे एक मुख्य कारण था नियमों का अनुपालन नहीं करना। उन्होंने नए नियमों का उल्लंघन किया, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानें रद्द हुईं।
मेरी बात इस प्रकार है - इंडिगो को सजा मिली, लेकिन एयरलाइन कंपनियों को भी सजा देनी चाहिए, तो वे भविष्य में ऐसी गलतियां न करें।
बात में आ रही है इंडिगो की दिक्कत, यह तो बहुत बड़ी बात है । सरकार ने इंडिगो के सामने एक बहुत बड़ा सवाल उठाया है। 2000 से अधिक उड़ानें रद्द करना, यह तो यात्रियों पर बहुत बोझ पड़ा।
इंडिगो की दिक्कत की जांच होनी चाहिए, लेकिन इसके पीछे एक मुख्य कारण नियमों का अनुपालन नहीं करना था । इंडिगो ने नए नियमों का उल्लंघन किया था, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानें रद्द हुईं।
एक्सपर्ट कहते हैं कि सिर्फ इंडिगो जिम्मेदार नहीं है, बल्कि एयरलाइन कंपनियों पर भी तगड़ा फाइन लगाना चाहिए । अगर हम सब नियमों का पालन करते हैं, तो यात्रियों को बहुत संकट नहीं होगा।
इंडिगो की दिक्कत देखकर मुझे बहुत दुःख हुआ । एक सामान्य यात्री होकर भी, यह सोच नहीं सकता था कि इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन पर इतनी ज़ब्जब हो। 2000 से अधिक उड़ानें रद्द करना बिल्कुल सही नहीं है। इसके पीछे नियमों का अनुपालन करने में असफलता का सामना करना पड़ा।
मुझे लगता है कि सरकार ने इस पर दखल देनी चाहिए, लेकिन सरकार को यह तय करना होगा कि इंडिगो जैसी एयरलाइनों को फिर से प्रशिक्षण दिया जाए या नहीं।
मुझे लगता है कि एक्सपर्ट की बात सही है, लेकिन इसके साथ-साथ, सरकार और इंडिगो दोनों को अपनी-अपनी गलतियों को मानना चाहिए।
इंडिगो की मुश्किल तो बहुत बड़ी है , उड़ानें रद्द करने से लोगों को बहुत बुरा व्यवहार किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर सरकार की कड़ी मुश्किल होनी चाहिए। इंडिगो जैसी एयरलाइन्स को ध्यान देना जरूरी है और अगर उन्हें नहीं तो फिर वे लोगों को इससे निकाल दें।
इंडिगो की दिक्कत बहुत बड़ी है। मुझे लगता है कि सरकार ने सही मायने में कहा, लेकिन इसके पीछे कुछ और भी जांच करनी चाहिए। यानी कि इंडिगो ने क्योंना नए नियमों का उल्लंघन किया? और क्या सरकार ने पर्याप्त साफ-सफाई नहीं की थी?
मुझे लगता है कि तगड़ा फाइन लगाने से काम चलेगा, लेकिन इसके अलावा इंडिगो को अपनी एयरलाइन की सुरक्षा और सेवाओं पर ध्यान देना चाहिए। और सरकार को भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई एयरलाइन ने ऐसा नहीं कर पाया।
मेरा विचार है कि सरकार और नियमों के पास खुले दिल होने चाहिए, लेकिन इंडिगो जैसी एयरलाइनों को अपने कर्मचारियों और यात्रियों के साथ ईमानदारी से बात करना चाहिए। अगर वे अपने पास कुछ गलती हुई है तो उन्हें खुलकर मान लेना चाहिए और समझौता करना चाहिए।
मैं नहीं मानता कि सिर्फ इंडिगो जिम्मेदार है, बल्कि एयरलाइन कंपनियों पर भी उनके पास कुछ गलतियाँ होनी चाहिए, लेकिन अगर वे अपने अंदर सुधार लेंगे तो किसी और को तगड़ा फाइन देने की जरूरत नहीं है।
मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका है कि हमें अपने पास की एयरलाइनों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनको फाइन देना।
मुझे लगता है कि सरकार ने इस मामले में बहुत जल्दी काम लेना चाहिए। अगर सिर्फ इंडिगो को ही दोषी ठहराया जाए तो यह अच्छा नहीं होगा। उनके अन्य एयरलाइन्स भी ऐसे ही नियमों का उल्लंघन कर सकती हैं और यात्रियों को परेशान कर सकती हैं।
अब अगर सरकार इन सभी एयरलाइन्स के खिलाफ एकजुटता दिखाएं तो फिर अच्छा होगा। उन्हें जरूर तगड़ा फाइन लगाना चाहिए और उनके लिए कड़े नियम बनाने चाहिए। इससे उड़ानों की सुरक्षा में सुधार होगा और यात्रियों को शांति मिलेगी।
भाई, यह देखकर चिंतित हूँ। इंडिगो की इस समस्या से यात्रियों का नुकसान हुआ है। उनकी उड़ानें रद्द हुईं और परिवहन में बाधा उत्पन्न हुई।
क्या सरकार देखेगी कि इंडिगो ने नियमों का उल्लंघन किया था। अगर ऐसा है तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
बात देखी निकाला तो इंडिगो के पास बुरी तरह से घेरा हुआ है। 2 महीने में इतनी सारी उड़ानें रद्द करना तो सोच-समझ कर नहीं किया जा सकता। और ये सब तो एक ही कारण से होता है, नियमों का अनुपालन नहीं करना।
आजकल लोग बिल्कुल भूल गए हैं कि हमारा देश एयर ट्रैफिक नियंत्रण का मौखिक और शैक्षिक अध्याय है। तो इंडिगो जैसी एयरलाइनों पर कड़ा से नज़र रखना जरूरी है। फिर भी, मुझे लगता है कि इस सब को लेकर सरकार को भी कुछ करने की बात करनी चाहिए।