‘क्या ब्राह्मणों पर कर्फ्यू लगा है, फिर मीटिंग होगी’: अधिकारी सुनते नहीं, क्या हम अछूत; यूपी में ब्राह्मण विधायकों की मीटिंग से कौन परेशान

मध्य प्रदेश में ब्राह्मण विधायकों ने शनिवार को लखनऊ में एकजुट होकर 1 करोड़ रुपये चंदा लगाने और हर महीने बैठक करने की घोषणा की है। इस बैठक में 50 से ज्यादा विधायक शामिल रहे। पार्टी नेताओं ने इस बैठक में भाग लेने पर कहा, 'हम समाज को ये बताना चाहते थे कि हमारे पास इतना पैसा है कि हम 1 करोड़ रुपये लगाकर फंड बना सकते हैं।'
 
मैंने कल मध्य प्रदेश में गए था, जहां मैंने अपने दादाजी की खेती में मदद की, वहाँ से मुझे लगता है कि इतने बड़े फंड बनाने को लेकर चिंतित होना तो जरूरी नहीं है। मैंने सोचा कि पार्टी नेताओं ने ये बैठक ताकि वे अपने समर्थकों को खुश रखें और वे लोग उनकी भागीदारी के लिए उत्साहित हों। लेकिन मैं सोचता हूँ कि 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए इतनी बैठक करना जरूरी नहीं है, चिंतित होना चाहिए कि सरकार द्वारा नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं और राहतों पर ध्यान देना चाहिए।

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बिल्कुल सुनकर अच्छा लगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत ही अनावश्यक है, यार! इतनी बैठकें और ऐसा पैसा लगाना सिर्फ साबित करने के लिए हो रहा है कि हमारे पास भी खून सूखने की गहराई से जुड़ी संसाधनें हैं। 🤔 क्या यही तो उनका लक्ष्य है?

मुझे लगता है, अगर वे इतने पैसे कमाने में सक्षम हैं तो उन्हें अपनी परिस्थिति को समझना चाहिए और समाज की ज़रूरतों को देखना चाहिए। 🤷‍♂️ और सबसे बड़ा सवाल, क्या ये पैसे वास्तव में उनके विधायक कार्यक्रमों को आगे बढ़ने में मदद करेंगे या फिर सिर्फ अपने पंजाब की निजी खरीदारियों को बढ़ावा देने के लिए? 🤑
 
ब्राह्मण विधायकों ने जो प्लान बनाया है, तो मुझे लगता है की ये पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है। उनका यह चंदा लगाने का प्रयास, देखें, वह 50 से अधिक विधायकों की भागीदारी, तो यह एक अच्छा संकेत है कि पार्टी में सभी वर्गों की बात करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, अगर ये पैसा वास्तव में उनकी पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए लगाया जाएगा, तो यह एक अच्छा निर्णय होगा। हमें देखें, क्या उन्होंने यह सोचा है कि वे अपने सभी विधायकों को एक ही रास्ते पर चलाने का प्रयास कर रहे हैं या नहीं। मुझे लगता है, की उनके पीछे यह तयी किया गया है कि हमारे पास इतना पैसा है कि हम अपने विधायकों को फायदा पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस बैठक में भी यह एक अच्छा संकेत दिख रहा है कि पार्टी नेताओं को अपने विधायकों की समस्याओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। उनके पास इतना पैसा होना एक अच्छा उपहार नहीं लगता। लेकिन, अगर ये पैसा उनके विधायकों को फायदा पहुंचाने के लिए लगाया जाएगा, तो यह एक अच्छा निर्णय होगा।
मुझे लगता है, की हमें देखें, क्या इस बैठक में पार्टी नेताओं ने अपने विधायकों को फायदा पहुंचाने के लिए सोचा है या नहीं। अगर हां, तो यह एक अच्छा निर्णय होगा।
 
😊 ब्राह्मण विधायकों ने 50 से ज्यादा लोगों की मिलकर 1 करोड़ चंदा लगाया, इससे यही सवाल उठता है कि पार्टी नेताओं को इतना पैसा में कैसे लगाया गया? 🤔 और क्या ये बैठक में कोई सामान्य व्यक्ति भी शामिल था? जिसकी आय 10-15 लाख है? 🤑 यह एक दिलचस्प सवाल है, अगर पार्टी नेताओं को इतना पैसा लगाने में तो हमारी आम जनता की आय क्यों नहीं मानी जाती? 🤷‍♂️
 
मुझे लगता है की यह एक अजीब बात है, 1 करोड़ रुपये चंदा लगाने और हर महीने बैठक करने की बात तो विधायक अपने पार्टी के लिए इतना ज्यादा पैसा लगाने के लिए नहीं कर सकते। मुझे लगता है की यह किसी एक्ज़वेसिटी फंड या सोशल पर्सनिटी थीम पर आधारित हो सकता है, और यह किसी बड़ी पार्टी की राजनीतिक गठबंधन में नहीं आ रही लगती।

मुझे बात करने वालों के बीच का भाषण भी सुनकर थोड़ा अजीब लगा। 'हम समाज को ये बताना चाहते थे...' तो क्या? यह एक प्रोपेगंडा फिल्म है? मुझे लगता है कि वे अपनी पार्टी के बारे में भ्रमित लोगों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
 
मुझे यह बातें बहुत अजीब लगती हैं 🤔। विधायक एकजुट करक 1 करोड़ रुपये चंदा लगाने की क्यों? मेरा मानना है कि हमारे देश में सरकार से पहले आम आदमी को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना चाहिए। यह विधायकों की जगह आम आदमी को एकजुट करक आवाज लगाने की जरूरत है। मुझे लगता है कि हमें अपने देश के विकास के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। 👥🚀
 
ਕੀ ਇਹ ਸਮਾਜਿਕ ਅਖਬਾਰ ਹੈ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਨੇਤਾਵਾਂ ਬਹੁਤ ਸੋਚ-ਮਚਿਆਂ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਪੈਸੇ 'ਤੇ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ? 50 ਵਧੀਆ ਮੁੰਡੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਅਣਤਰਫ 'ਤੇ ਪਾਰਟੀ ਸ਼ੱਕਲਾਂ ਛੇਤੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ, ਅਤੇ 1 ਕਰੋੜ ਪੈਸੇ 'ਤੇ ਬਿੱਲ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਨ ਜਾਂਦੀਆਂ?
 
ब्राह्मण विधायकों की बैठक में यह सोचकर भी मुझे थोड़ा शरमाना पड़ा कि 50 से ज्यादा विधायक एक जगह इकट्ठे होकर इतना पैसा जमा करने के लिए तैयार हैं। 🤔 लेकिन फिर सोचते हुए तो यह तो उनकी पार्टी की मजबूती और समर्थन की बात है। अगर विधायकों के बीच सहयोग बढ़ता है तो समाज में अच्छाई ही चलेगी। 🌟
 
बिल्कुल सही किया गया 🤝, मध्य प्रदेश में ब्राह्मण विधायकों ने अपने एकजुट होने से देश में राजनीति में बदलाव लाने का संकेत देने की उम्मीद कर रहे थे। 1 करोड़ रुपये लगाकर फंड बनाने की बात कुछ अलग है 🤑, ये पैसा तो किसी भी एकजुटता समूह या सामाजिक कारण के लिए नहीं जारी किया गया, बल्कि राजनीतिक रुचि और शक्ति का हथकंडा।
 
ब्राह्मण विधायकों की यह बैठक सुनकर मुझे थोड़ा अजीब लगा कि ये लोग इतने पैसे जमा करने के लिए एकजुट हुए, तो फिर भी उनकी पार्टी में ऐसे दुखिया लोग हैं जिन्हें संसद में बैठने का मौका नहीं मिल रहा है 🤔

मुझे लगता है कि ये बैठक अच्छी तरह से आयोजित नहीं हुई, भले ही 50 से ज्यादा विधायक इसमें शामिल हों, तो फिर भी पार्टी नेताओं की इतनी खुशी और गर्व कैसे समझ में आता? और ये बताना कि हमने इतना पैसा जमा किया है, तो फिर भी समाज में रोजगार की समस्याएं दूर नहीं होती हैं... 😐
 
ब्राह्मण विधायकों ने एकजुट होकर 1 करोड़ रुपये चंदा लगाने की बात तो सुनने में थी , लेकिन 50 से ज्यादा विधायक शामिल होने से लगता है कि पार्टी में कुछ ठीक-ठाक चल रहा है 🤔। चंदा लगाने और हर महीने बैठक करने की बात तो अच्छी है, लेकिन यह तो देखने की जरूरत है कि विधायकों ने ये पैसा सुरक्षित रूप से जमा कर लिया है या नहीं।
 
मैंने कुछ सोचा है… मध्य प्रदेश में ब्राह्मण विधायकों की यह बैठक मुझे थोड़ा अजीब लगती है। ये तो दिखाई दे रहा है कि वे अपने बीच फंड इकट्ठा करने के लिए एकजुट हुए हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि क्या यह सब सिर्फ पार्टी के नेताओं को अपने समर्थकों को दिखाने का तरीका है? और, क्या 50 से ज्यादा विधायक एक ही बैठक में शामिल हो सकते हैं? यह थोड़ा अजीब लगता है।
 
ब्राह्मण विधायकों ने तो यह तो सोच लिया होगा कि एकजुट होकर बिलकुल भी क्या हासिल करेंगे। 1 करोड़ रुपये चंदा लगाने और हर महीने बैठक करने से फंड बनाने में सिर्फ समय लेगा। क्या वो जानते हैं कि आम आदमी भी ऐसा ही पैसा लगाकर फंड बना सकती है, या नहीं? 🤔

मुझे लगता है कि यह बातें तो थोड़ी राजनीतिक फायदा देने के लिए हैं। शायद विधायकों ने अपने समर्थन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अगर वास्तव में समाज को मदद करना है, तो उन्हें यह नहीं सोचकर बैठना चाहिए। 🤑
 
[Image of a picture of a rich person holding a huge pile of money, with a shocked expression]

मानो तो ये विधायक लोग खेल रहे हैं! पैसा कितना भी मिले, देश की समस्याएं हल नहीं कर पाते... [GIF of a monkey juggling balls]
 
अरे, यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि मध्य प्रदेश के ब्राह्मण विधायक ऐसे एकजुट होकर चंदा मिलाने का निर्णय ले रहे हैं। देखो, 50 से ज्यादा विधायक शामिल रहे, यह तो उनकी सार्थकता और एकता की बात है।

अब, भले ही पार्टी नेताओं ने कहा होगा कि हमारे पास इतना पैसा है कि हम 1 करोड़ रुपये लगाकर फंड बना सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह बात और भी गहराई देने की जरूरत है। क्या वास्तव में यह पैसा समाज के लिए अच्छा उपयोग होगा, या फिर सिर्फ अपने निजी हितों को बढ़ाने के लिए?

मुझे लगता है कि इस बैठक में भी ऐसी कई महत्वपूर्ण बातें पर विचार करने चाहिए जिनसे हम समाज के हित में सिर्फ चंदा ही नहीं, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम कर सकें।
 
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