क्या पाकिस्तान से आए लोगों ने ईरान में भड़काई हिंसा: कहां से आए अमेरिकी हैंड ग्रेनेड और हथियार, 2500 मौतों की जिम्मेदार पाकिस्तान आर्मी

ईरान में तेज हो रहे विरोध-प्रदर्शनों की वजह से कई देशों में चिंता फैल गई है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, उन्हें इरान छोड़ने की सलाह दी है। ऐसी स्थिति में, हमने इस विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त करने का फैसला किया।

ईरान की हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में अमेरिकी और इजराइली हाथ भी दिखाई देते हैं। ईरान से तुरंत निकलने की सलाह देने के बाद, हमने इस मामले को गहराई से जांचने का फैसला किया।

ईरान की हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में अमेरिकी और इजराइली हाथ भी दिखाई देते हैं। ईरान से तुरंत निकलने की सलाह देने के बाद, हमने इस मामले को गहराई से जांचने का फैसला किया।

ईरान में विरोध-प्रदर्शनों की वजह से कई लोगों में गुस्सा है। ईरान सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि वह अपने देश को अमेरिकी-इजराइली हस्तक्षेप से बचने के लिए मजबूर है, और इसलिए उसने विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है।
 
मैं समझता हूँ कि ईरान में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शनों ने बहुत से लोगों को चिंतित कर दिया है। 🤔 यह एक बहुत ही जटिल और संवेदनशील समस्या है, जहाँ हमारे देश के नागरिक भी प्रभावित हो सकते हैं।

मेरी राय में, हमें इस मामले पर अधिक से अधिक जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए और समझना चाहिए कि ईरान सरकार के दृष्टिकोण क्या है और वह क्यों विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है। हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि विरोध-प्रदर्शन एक मौलिक अधिकार हैं और सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए।

हमें अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा और स्थिरता पर विचार करना चाहिए और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उनकी ज़रूरतों और चिंताओं को समझें और उनकी मदद करें। 💕
 
बड़े बड़े देशों में ऐसा कुछ नहीं होता, ईरान की सरकार तो बस अपने देश को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिर भी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और लोगों में गुस्सा है। यही सब अमेरिकी-इजराइली राजनेताओं की गलत नीतियों का परिणाम, अगर वे ईरान के साथ सहयोग करते तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
 
बोलते बोलते ईरान में जो हाल हो रहा है तो बहुत चिंताजनक है 🤕। पूरे विश्व में लोगों को इस घटनाओं से परेशानी हो रही है। भारत सरकार की सलाह निकालने के बाद, यह जानना जरूरी है कि ईरान सरकार वास्तव में अपने देश को अमेरिकी-इजराइली आक्रामकताओं से बचने के लिए मजबूर है? या फिर यह तो बस नियंत्रण करने की पुरानी राजनीति? किसी भी तरह, हमें अपने देश की सुरक्षा और शांति पर विचार करना चाहिए। 🤔
 
मुझे लगता है कि ईरान में हो रही विरोध-तकनीकें बहुत दुखद हैं। 🤕 मैं तो सोचता हूं कि हमें अपने देशों में भी जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि हम सभी नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके। 👮‍♂️ इसके अलावा, विरोध-प्रदर्शनों के बीच में सरकार द्वारा निकाली गई एडवाइजरी पर विचार करना उचित होगा। 🤔
 
तो ईरान में विरोध-प्रदर्शनों का मामला तो बहुत ही गंभीर है... 🤔🚨 अगर ऐसी स्थिति में हमारे देश में नागरिक अपने घर से नहीं जा पाते तो कैसे चलेगा? सरकार की सलाह सुननी चाहिए और बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह सोच भी करना चाहिए कि अगर सरकार विरोध-प्रदर्शनों को दबाने में असमर्थ है तो यह क्यों... शायद अमेरिकी-इजराइली देशों का हस्तक्षेप हो। 🤷‍♂️🌎
 
मुझे लगता है कि ईरान में हो रही विरोध-प्रदर्शनों की वजह से हमारे देश में भी थोड़ा गुस्सा हो सकता है, और लोग अपने राज्य में तेजी से बदलाव चाहते हैं 🤔। लेकिन, ईरान सरकार की बात सुनने पर, वह अपने देश को अमेरिकी-इजराइली हस्तक्षेप से बचने के लिए मजबूर है, और इसलिए उसने विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है। इससे हमारे राज्य में भी सोच-समझकर काम करना चाहिए, और अपने देश की स्थिति को समझने की जरूरत है 💡
 
बात बड़ी हो गई, तो हमें बड़े सोचकर जवाब देना होगा। ये इरान की खुद की समस्या नहीं है, लेकिन अमेरिकी और इजराइल की चपलता? शायद भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दोनों की तरह चिंतित रहना चाहिए। तो क्या हमें अपने देश में भी ऐसी ही स्थिति बनाने की जरूरत नहीं? क्या हमारी सरकार भी अमेरिकी-इजराइल की तरह खुद को खतरे में डालने की गलती कर रही है?
 
मैंने देखा कि ईरान में विरोध-प्रदर्शन बहुत ज्यादा हो गए हैं 🚨, और लोग बेहद निराश हैं। लेकिन फिर भी, हम यहाँ इस मामले पर चर्चा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें हमें अपने स्वयं के सवाल करने की जरूरत है - क्या हम वास्तव में इन विरोध-प्रदर्शनों को समझने में सक्षम हैं?

हम देखते हैं कि अमेरिकी और इज़राइली देशों ने ईरान में अपने हस्तक्षेप का प्रदर्शन किया है, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि ईरान सरकार अपने देश को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। क्या हम वास्तव में इन देशों की ओर से बोल रहे हैं, या फिर हम स्वयं के नैतिक प्रश्नों पर चर्चा कर रहे हैं?
 
इस मामले में तो बहुत बड़ी चिंता हो गई है... ईरान में इतनी हिंसक विरोध-प्रदर्शन, यह तो भारतीय नागरिकों के लिए जरूर खतरनाक है... हमारे देश में भी ऐसी स्थितियाँ कभी-कभी आती हैं, लेकिन वहां पर इतनी गंभीरता नहीं होती। यह भी सवाल उठता है कि अमेरिका और इज़राइल विरोध-प्रदर्शनों में शामिल हैं या नहीं, और ईरान सरकार वास्तव में अपने देश को बचाने के लिए मजबूर है... यह भी हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हमारे देश में भी ऐसी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए।
 
मुझे ये सब बहुत चिंताजनक लग रहा है 🤔। तेज हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से हमें यह सोचने की जरूरत है कि ईरान सरकार द्वारा क्या किया जा रहा है। हमें इसके पीछे की वजह को समझने की जरूरत है, लेकिन कुछ बातें भी थोड़ी संदेहजनक लग रही हैं 🤔। अमेरिकी-इज़राइली हस्तक्षेप का सवाल तो हमेशा से चल रहा है, लेकिन जब यह विरोध-प्रदर्शनों में होता है तो यह थोड़ा गंभीर दिखता है। 🚨

मुझे लगता है कि हमें ईरान सरकार की ओर से जो बयान दिया गया है, उसकी पूरी बात नहीं मानी जानी चाहिए। सरकार ने कहा है कि विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए कोई अत्याचार नहीं किया गया है, लेकिन दूसरी ओर कई फोटो, वीडियो और रिपोर्टें आती हैं जो यह बताती हैं कि कुछ बातें असामान्य लग रही हैं। 📸

हमें यह समझने की जरूरत है कि ईरान में स्थिति कितनी गंभीर है, और हमें वहाँ के लोगों के नियंत्रण में रहना चाहिए। हमें विरोध-प्रदर्शनों में शामिल लोगों की बात सुननी चाहिए और उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। 🗣️

कोई भी जानकारी या अपडेट आ जाए तो मैं यहाँ अपने विचार बताऊंगा। Stay tuned! 👀
 
मैंने देखा है तो ईरान में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों का कोई नुकसान नहीं हुआ है, और सरकार पर इसके लिए सजा नहीं मिलनी चाहिए। ये विरोध प्रासंगिक हैं और उन्हें दबाने से बादशाही जैसी सरकार को डरना चाहिए। अमेरिकी-इजराइली हस्तक्षेप से दूर रहने की बात तो मुझे लगता है कि ईरान ने अपना अधिकार कर लिया है। विरोध-प्रदर्शनों के लिए कोई जवाबी कदम नहीं उठाया, तो यह एक अच्छी बात है।
 
क्या बात करें🤦‍♂️, ईरान में सारे बुराई हो रही है🤕। तो तुम्हारी देश भारत में खुशी माहौल तो फंस गया 🎉। लेकिन भारत की सरकार तो हमेशा हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान रखती है 🙏। तुम्हारे ईरान दोस्तों को सलाह देनी चाहिए कि वे अपने देश में शांति बहाल करें शांति 😊। और भारत सरकार को भी ऐसी स्थितियों में हमेशा तैयार रहना चाहिए 📝
 
मुझे लगता है कि युवाओं का यह प्रयास, तुरंत इरान छोड़ने की, मुझे अच्छा नहीं लगता। क्योंकि जब हमारे देश में भी ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं तो हम सब एक साथ खड़े होकर उस पर विचार करना चाहिए। लेकिन अब यह बात ज्यादा और भी कठिन हो गई है, जब इरान में अमेरिकी-इज़राइली नेतृत्व वाले लोग शामिल हैं।
 
🤔 ईरान में ऐसा हाल भी देखना अच्छा नहीं है... अमेरिकी-इजराइली हस्तक्षेप से देश की ज़िंदगी खराब हो रही है, यह तो समझना आसान है। लेकिन सरकार ने इतनी भीड़-भाड़ में तुरंत निकलने की सलाह देना क्यों? इसके पीछे कौन सी राजनीति है? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि हमें यह जानने की जरूरत है कि ईरान सरकार ने विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए क्या कदम उठाए हैं और अमेरिकी-इजराइली हस्तक्षेप से उसकी सरकार पर क्या दबाव पड़ रहा है। 🤔
 
😂🚨 ईरान में तेज हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से भारत का यह व्यक्ति थक गया हूँ! 😴💤 क्या हमें वहां जाकर अपने पैसे खर्च करने की जरूरत है? 🤑
 
😩 ईरान में चार दिन से तेज़ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से खेद है... लोगों का गुस्सा बिल्कुल बढ़ा हुआ है और कई लोगों की जान खतरे में है। 🚨 एक बड़ी समस्या यह भी है कि अमेरिकी और इजराइली देशों के नागरिक भी इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। 🤕 पूरे विश्व में लोगों की चिंता बढ़ गई है, भारत सरकार की सलाह सुनकर भी कई लोग इरान छोड़ने की योजना बना रहे हैं। 😬 यह एक बहुत बड़ा देश है, और इतने विरोध-प्रदर्शनों से यहां की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। 🤦‍♂️
 
ना तो ईरान में ऐसा होना चाहिए, ना तो हमारे देश में... हमारे देश में यहां तक कि विरोध-प्रदर्शन भी होंने चाहिए ताकि लोग अपने अधिकार जानते हों। इसका मतलब यह नहीं है कि हम लोग बिना समझे विदेशी राजनीति में शामिल हो जाएं। हमें अपने देश, अपने परिवार, अपने आप को सबसे पहले प्यार करना चाहिए। लेकिन फिर भी, यह सवाल उठता है कि क्या विदेशी राजनीति में हमारा हाथ है, और क्या हम अपने देश की राजनीति से परे नहीं जाते।
 
अरे, यह तो बहुत चिंताजनक बात है ईरान में विरोध-प्रदर्शनों की। क्या हमारे देश के लोग ऐसी स्थिति में कैसे बचने की योजना बनाएं? 🤔 तो दूसरे देशों की जानकारी अच्छी है और वे यहां तक की सलाह भी दे रहे हैं। लेकिन हमें अपनी स्थिति को समझने की जरूरत है, ईरान सरकार क्या कर रही है? और अमेरिकी-इजराइली हस्तक्षेप की वजह से यह सब तो कैसे हुआ? 😕
 
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