क्या RSS कार्यकर्ता के बेटे की हत्या इंटरनेशनल साजिश: पाकिस्तान से कनेक्शन, पिता बोले- न दुश्मनी-न धमकी मिली, फिर क्यों मारा

क्या RSS कार्यकर्ता के बेटे की हत्या इंटरनेशनल साजिश: पाकिस्तान से कनेक्शन, पिता बोले- न दुश्मनी-न धमकी मिली, फिर क्यों मारा

पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले RSS कार्यकर्ता बलदेव अरोड़ा का बेटा नवीन 15 नवंबर की शाम अपने बच्चों को स्कूल से लाने जा रहे थे, तभी मोची बाजार में दो बाइक सवारों ने उन पर गोलियां बरसा दीं।

नवीन का पिता बलदेव अरोड़ा कहते हैं, ‘मुझे या मेरे बेटे को कभी कोई धमकी नहीं मिली। न आज तक कभी उसका किसी से झगड़ा हुआ। वो न किसी तरह का नशा करता था और न ही गलत आदतों का आदी था। फिर पता नहीं क्यों निशाने पर आ गया?’

पुलिस की जांच में साफ कहा गया है कि नवीन का RSS बैकग्राउंड उसकी हत्या की वजह बना सकता है। पुलिस टारगेट किलिंग के एंगल से जांच कर रही है।

नवीन को 2 साल का बेटा और 8 साल की बेटी थी। नवीन का पिता कहते हैं, ‘मैं घटना से 10 मिनट पहले ही दुकान पहुंचा था। नवीन ने कहा कि पापा अब मैं घर जाता हूं। बच्चों को घुमाने ले जाऊंगा। वो निकला ही था और खबर आ गई कि उसे किसी ने गोली मार दी।’

पुलिस सोर्स ने बताया, ‘हत्या की प्लानिंग प्रोफेशनल तरीके से हुई। इसलिए आपसी रंजिश की थ्योरी डिसमिस कर दी गई। फिर खालिस्तानी संगठन होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया में एक पोस्ट सामने आई। जब उसकी जांच हुई तो वो फर्जी निकली।’

हत्या के बाद नवीन के पिता कहते हैं, ‘ये बात बिल्कुल साफ है। 10 साल में 9 टारगेट किलिंग ऐसा कोई पहला केस नहीं है।’

पुलिस ने कहा, ‘केस में NIA की होगी एंट्री’। नवीन की हत्या में भी पैटर्न बाकी टारगेट किलिंग की तरह ही है, जैसा देखा गया है।
 
🤔 यह तो बहुत शर्मिंदा है ... देश के नागरिकों पर गोलीबारी करने वाले लोगें कहाँ से आ रहे हैं? पुलिस की जांच में पता चला कि नवीन का RSS बैकग्राउंड उसकी हत्या की वजह बन सकता है, यह तो बहुत अजीब है। क्या हमारे देश में राजनीतिक दलों के लोगों के परिवारों में भी ऐसी चीजें होती हैं? 🤷‍♂️

कुछ लोग कहते हैं कि नवीन की हत्या पाकिस्तान से कनेक्शन है, लेकिन तो यहाँ तक कि पुलिस में भी पता नहीं है। क्यों नहीं जांच का विस्तार कर रहे? 🕵️‍♂️ इस तरह की चीजें होना चाहिए तो हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियों की जांच की जानी चाहिए।
 
अरे दोस्त! यह तो बहुत बड़ा दुर्भाग्य है 🤕। किसी भी उम्र में अपने परिवार की सुरक्षा चिंतित करना मुश्किल होता है। 🤔 पुलिस की जांच में यह तो सच होने की संभावना है कि ये एक बड़ी साजिश थी, न कि किसी भी तरह की दुश्मनी या धमकी। 🚫

मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में शांति और समझदारी को बढ़ावा देने की जरूरत है। हमें अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ती बनानी चाहिए, न कि उन्हें धमकी देनी। 🤝 पुलिस की एंट्री NIA में जरूर होगी, लेकिन यह तो एक सबूत है कि यह एक बड़ा मामला है। 💥

आजादी के बाद भारत में बहुत सारे अच्छे बदलाव आए हैं, लेकिन हमें अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 🌈 यह घटना हमें सोचने पर मजबूर कर रही है कि हम अपने देश को और बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकते हैं। 💡

अरे, मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। वे तो अपने भविष्य को बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे प्रति भी गर्व की बात करते हैं। ❤️
 
मैं समझ नहीं पाऊं, लोगों पर ऐसा आरोप लगाने से पहले तो पता चलना चाहिए। यह सोशल मीडिया और क्या वायरल हुआ? पुलिस अब खालिस्तानी संगठन से कनेक्शन देख रही है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ और भी हो सकता है। जांच में यह बताया गया है कि हत्या की योजना तो अच्छी तरह से बनाई गई थी, लेकिन फिर भी पुलिस को पता चल गया। मुझे लगता है कि वास्तविकता और झूठ में अंतर करना ज्यादा मुश्किल हो सकता है।
 
क्या ये तो दुनिया को फंसाने की कोशिश कर रहा है? ऐसा लगता है कि भारत में खालिस्तानी संगठनों की बहुत बड़ी दुनिया है, जिससे हमारी सरकार को निपटना होता है। लेकिन पुलिस बोलती है कि वो हत्या की प्लानिंग कैसे हुई, यह नहीं पता। पाकिस्तान से कनेक्शन? या फिर खालिस्तानी संगठनों ने एक दूसरे को मार कर अपना गाम्भीरता दिखाई?

मुझे लगता है कि हमें इस तरह की चीजों पर ध्यान देने से बचना चाहिए। क्या हमें पता नहीं है कि हमारे देश में कई ऐसे लोग हैं जो सच्चाई बोलते हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं। वो भी खालिस्तानी संगठनों का निशाना बन सकते हैं।

हमें एक साथ मिलकर देश की सुरक्षा के लिए काम करना चाहिए, न कि अलग-अलग पार्टियों और संगठनों के बीच विभाजन में।
 
कहीं ये पूरा साजिश थी, नहीं तो यहां भारत में इतनी बढ़ चुकी सुरक्षा निकली दूंगी। RSS कार्यकर्ता बेटे की हत्या में तो कुछ नहीं बदला, हालात तो बदतर होंगे। पुलिस की एंट्री होगी, फिर जांच कैसे करेगी? निशाना हमेशा एक ही व्यक्ति पर होता है, लेकिन यहाँ साज़िश थी।

दिल्ली के गलियारों में तो सब चोरी-फाड़ी बात करते रहते हैं, लेकिन यहां हर किसी ने अपनी पत्नी को बेच दिया।
 
अरे यार, यह तो बहुत बड़ा झूठ है! पुलिस के दावों को मानकर ना चले... नवीन की हत्या को इंटरनेशनल साजिश के रूप में बताते समय उन्होंने पाकिस्तान का नाम भी लिया है, तो अब यह तो दिल्ली क्षेत्रीय कंट्रोल की ही बात है! जैसे ही हम उन्हें साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके द्वारा लगाए गए सबूत भी गलत साबित हो सकते हैं...
 
नवीन की हत्या ने फिर से सवाल उठाए हैं कि क्या हमारे देश में सामाजिक तनाव इतना बढ़ गया है कि लोग अपने जीवन को खतरे में डालने के लिए मजबूर होते हैं। पुलिस की जांच से पता चलता है कि हत्या की योजना बनाने में बहुत धैर्य और सोच-समझकर काम किया गया था, जो निश्चित रूप से इंटरनेशनल साजिश का संकेत देता है। लेकिन कौनसी साजिश? यह सवाल अभी भी पीछे छोड़ा हुआ है।

मुझे लगता है कि हमें इस जांच में अधिक समय और ईमानदारी देनी चाहिए। राजनीतिक और सामाजिक दबाव ना आने दें। नवीन की हत्या को एक व्यक्तिगत घटना नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसके पीछे के मूल कारणों को समझना चाहिए।

हमें अपने देश में शांति और सुरक्षा की लड़ते रहनी चाहिए। हर व्यक्ति की जान को महत्व देना चाहिए, चाहे वह किसी भी समूह या संगठन का हो।

कुछ सवाल अभी भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने थे जब नवीन की हत्या हुई थी। उनके बच्चों को एक सुरक्षित भविष्य देने के लिए हमें एकजुट होना होगा।
 
मुझे ये ऐसी चीजें सुनने पर दर्द होता है... एक छोटे से गाँव में लड़की को अपने पिता की हत्या कर दिया जाता है, तो पुलिस कहती है कि यह टारगेट किलिंग की तरह है। लेकिन जब तुम इस बात पर नज़र डालते हो कि नवीन का पिता कुछ गलत नहीं था, और वह अपने जीवन में कभी ऐसी चीजों से जुड़ा नहीं था, तो यह समझना मुश्किल है कि ये हत्या कहाँ से हुई। पुलिस ने बताया कि हत्या की योजना पेशेवर तरीके से हुई, लेकिन फिर भी पिता और बेटे को दोनों को धमकी मिली नहीं थी। तो यह कैसे हो सकता है? 🤔
 
बात तो यही है 🤔, अगर निशाने पर आ गए व्यक्ति के पास RSS का कोई संबंध नहीं होता, तो इतना बड़ा मैकेनिज्म तैयार कैसे कर दिया जाता? 💣 और अगर हत्या तो एक टारगेट किलिंग न ही थी, फिर भी पुलिस पाकिस्तान से कनेक्शन देख रही है? 🤷‍♂️ यह तो बड़ा चालाकी है। राजनीति और साजिशों में खुद को घेरने का तरीका तो बहुत ही ज्यादा बुद्धिमानी की जरूरत होती है 🤓
 
मुझे ये बहुत दुखद है कि फिरोजपुर में एक और युवक की हत्या हो गई। यह घटना बहुत प्रेरणादायक नहीं है, बल्कि हमारे समाज की अनिश्चितता को दर्शाती है। मुझे लगता है कि हमें अपने देश की सुरक्षा और सामाजिक शांति के लिए एकजुट होने की जरूरत है। हमें अपने युवाओं को रोजगार, शिक्षा और नागरिकता के अवसर प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए। यह घटना उन्हें संदेश देती है कि अगर आपके पास राजनीतिक या समाजिक लाभ की उम्मीद है, तो आप अपने जीवन और शारीरिक सुरक्षा पर खतरा उठाएंगे।

हमें हमेशा एकजुट रहना चाहिए, हमारे देश की बेहतरी के लिए।
 
मुझे ये सब बहुत बुरा लगता है 🤕। एक ऐसे बच्चे को मारना जो तभी अपने पिता को गले लेने गई थी, यह सोचते हुए बहुत भयानक है। क्या दुनिया इतनी बुरी हो गई है? 🤔

मुझे लगता है कि पुलिस वाकई सही तरीके से जांच कर रही है, यह 'आपसी रंजिश' थ्योरी निकलने देने का निर्णय बिल्कुल सही है। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि हमारे देश में एक बड़ी से बड़ी समस्या है, जो न तो सरकार को सुधारने में मदद कर रही है और न ही लोगों को इस तरह की घटनाओं से बचने की उम्मीद करती है।

मुझे याद आता है जब मैं छोटा था, तो मेरे दादाजी कहते थे, 'जिंदगी का हर फायदा उसके बुरे पर जोर नहीं डालना चाहिए।' यही हमें सबक सिखाता है, लेकिन क्या हम इसी सबक को सीख पाएंगे? 🤷‍♂️
 
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