क्या थलापति तमिलनाडु में BJP को जितवाएंगे 24 सीटें: कांग्रेस ने स्टालिन से मांगी 40 सीटें; गठबंधन टूटा, तो BJP को फायदा

तनखानों में बैठकर राहुल गांधी ने थलापति विजय की फिल्म जन नायगन को सपोर्ट किया है। राहुल गांधी ने देश के लिए संस्कृति पर हमला करने की केंद्र सरकार की कोशिशों पर ट्वीट किया था।
 
मैं समझ नहीं पाया कि जन नायगन को सपोर्ट करना इतना अच्छा क्यों है? राहुल जी की बात में सच्चाई है कि संस्कृति पर हमला होते हुए भी हमारी समृद्धि और विविधता को बचाने की कोशिश की जाए तो सब ठीक है। लेकिन यह बात पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि थलापति विजय ने राहुल गांधी को इतना क्यों सपोर्ट किया? और क्या जन नायगन की फिल्म में सच्चाई है? मुझे लगता है कि यह जानकारी खोजने की जरूरत है।
 
राहुल जी को फिल्म में सपोर्ट करने की बात तो अच्छी है, लेकिन यह सवाल उठता है कि उनके विचारों में संतुलन कहाँ है? गांधी जी का संदेश सबको एकजुट करने और शांतिपूर्ण मार्ग पर चलने का संदेश देता था, तो फिर इन तनखानों में कैसे बैठकर कोई फिल्म को सपोर्ट किया गया है? यही सवाल मेरे मन में आता है 😐

राहुल जी ने ट्वीट में कहा था कि सरकार संस्कृति पर हमला कर रही है, लेकिन दूसरी ओर, उन्होंने एक फिल्म को सपोर्ट करने में भाग लिया, इससे लगता है कि उनकी राय में ज्यादातर हिंदू समुदाय पर हावी होने की बात कहीं नहीं है। यह देखकर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ है, क्या वे वास्तव में एकजुटता की भावना को समझते हैं?
 
राहुल जी ने सही बात कही, हमारी संस्कृति और समाज में बदलाव होना जरूरी है लेकिन यह तो भी कुछ सीमा तक है, अगर हमारी परंपराओं और मूल्यों को पूरी तरह से खत्म कर देते हैं तो फायदा नहीं होगा। 🤔
मुझे लगता है कि जन नायगन एक अच्छी फिल्म है, लेकिन अगर हमारी सरकार की ऐसी कोशिशें रोकना चाहती है तो हमें अपनी संस्कृति और समाज के बारे में जागरूक रहना जरूरी है। 📚
अब जब राहुल जी ने थलापति विजय की फिल्म को सपोर्ट किया है तो यह एक अच्छा संकेत है कि हमारी सरकार को भी अपने विचारों को स्वीकार करना चाहिए। 💬
 
मुझे लगता है कि राहुल जी ने ठीक कर दिया है! उन्होंने कहा था कि संस्कृति पर हमला करने वाली सरकार को हमें देश के लिए लड़ना चाहिए। और अब जब उन्होंने टलापति विजय की फिल्म का सपोर्ट किया, तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा संकेत है। हमें अपनी संस्कृति को बचाने के लिए और देश के लिए लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए। मैं राहुल जी की बात में मिलकर दिल्ली के युवाओं के साथ हूँ, हम सब एक साथ लड़ने वाले हैं! 💪🏽🎥
 
तनखानों में बैठकर राहुल जी ने थलापति विजय की फिल्म जन नायगन को सपोर्ट दिया है... लेकिन यही सवाल उठता है कि राहुल जी क्यों? क्या उनकी मानसिकता तो बस पार्टी के साथ चलने वाली है? सरकार ने संस्कृति पर हमला करने की कोशिश की है, लेकिन हमें अपनी संस्कृति को और मजबूत बनाने की जरूरत है। यह तो एक सवाल है कि राहुल जी क्यों फिल्म का सपोर्ट कर रहे हैं? क्या वे खुद इस फिल्म में शामिल थे या नहीं? और अगर नहीं तो फिर वे क्यों इसका समर्थन कर रहे हैं...
 
राहुल जी की इस बात में कुछ सच्चाई है, हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने का कोई तरीका नहीं है... और ये थलापति विजय की फिल्म जन नायगन तो एक अच्छा प्रयास है, मुझे यह बहुत पसंद आया 🤩🎥

मैंने देखी है कि जिस तरह से राहुल जी को उनके बोलों पर सवाल उठाने वालों को बदनाम किया गया, वहीं थलापति विजय ने भी अपने फिल्म में एक अच्छा संदेश दिया है, समाज में बदलाव लाने की जरूरत है... 🙌🎬
 
मुझे लग रहा है कि यह फिल्म बहुत ही अच्छी होगी, मैं इसे जरूर देखूंगी। राहुल गांधी जी ने भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए क्या किया है, यह बात मुझे खुश करती है। सरकार की और भी बहुत सी ऐसी कोशिशें हो सकती हैं, लेकिन हमें बस उनका विरोध करना ही नहीं चाहिए, बल्कि संस्कृति को बढ़ावा देने में भी योगदान देना चाहिए। और तभी ही हम अपने देश को आगे ले जा सकते हैं।
 
राहुल गांधी जी की यह बात सुनकर मुझे लगता है कि उन्हें फिल्म देखने की जरूरत नहीं थी। जन नायगन एक बहुत ही अच्छी फिल्म है, और थलापति विजय की मेहनत भी काफी प्रभावशाली है। लेकिन राहुल गांधी जी का यह दावा है कि केंद्र सरकार संस्कृति पर हमला कर रही है, इसके पीछे क्या तर्क है? मुझे लगता है कि उन्हें फिल्म देखने के बजाय अपने विचारों को समझने की जरूरत थी।
 
राहुल गांधी जी की फिल्म जन नायगन को सपोर्ट करने की बात मुझे अच्छी लगी 🤔 और मैं उनका साथ दूंगा। लेकिन मुझे यह सवाल आ रहा है कि इतनी में तालियाँ देने के लिए तनखानों में बैठकर राहुल गांधी जी क्या कर रहे थे? 🤷‍♀️ क्या वे फिल्म को देख रहे थे या कुछ और?

मुझे लगता है कि ऐसे लोग जो मीडिया में इतना समय बिताते हैं वे कभी भी रियल लाइफ से नहीं जुड़ पाते हैं। मेरे दोस्त ने की थी एक बात, आज कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है और वहीं पर तालियाँ देने के लिए तनखानों में बैठकर सीनियर्स को पैसे देते हैं... यह तो सही नहीं है।

लेकिन फिर भी, राहुल गांधी जी का सपोर्ट करना अच्छा है, और मैं उनका साथ दूंगा।
 
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