Kete extension: केते एक्सटेंशन को मिली वन एवं पर्यावरण की मंजूरी, 1742 हेक्टेयर जंगल की होगी कटाई, पूर्व CM भूपेश बघेल ने भाजपा पर बोला हमला

वन एवं पर्यावरण की मंजूरी: केते एक्सटेंशन पर कब्जे का खतरा, 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई, CM ने भाजपा पर हमला किया।

केते एक्सटेंशन पर वन विभाग द्वारा दी गई मंजूरी, 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई की घोषणा, पूर्व CM ने भाजपा को जमीन पर खींच लिया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा, "केते एक्सटेंशन पर मंजूरी देना एक बड़ा विरोध है। यह खतरा है, जिससे हमारे प्रदेश के लोगों की सेहत और भविष्य पर असर पड़ेगा।"

वन विभाग ने बताया, "हमें पत्र मिला था कि वन भूमि के व्यपवर्तन का प्रस्ताव प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंध), नोडल अधिकारी से प्राप्त हुआ है। इस पर हमें पत्र द्वारा जानकारी मिली है, लेकिन हमें लगता है कि यह खतरनाक है।"
 
बड़ा बुरा है यह, 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई तो वाह! 🌳😱 मुझे लगता है कि कोई बड़ी कंपनी या खनन उद्योग की इस पर विलय करने की बात हो सकती है, परंतु पूर्व CM भूपेश बघेल जी ने सही कहा, यह खतरा तो बहुत बड़ा है 🚨। हमें अपने प्रदेश के जंगलों और वनस्पतियों की रक्षा करनी चाहिए, इससे नहीं चलेगा। मुझे लगता है कि सरकार को इस पर सावधानी बरतनी चाहिए और सभी पक्षों को शामिल करके इस मामले को हल करना चाहिए 🤝
 
केते एक्सटेंशन पर मंजूरी से तो एक बात जरूर, ये खतरनाक विचार है 🚨। अगर जंगल काटने का इस तरह का प्रस्ताव आगे बढ़ रहा है, तो हमारे भविष्य को निशाना बना रहेगा। मैं समझता हूं कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर नज़र रखने वाले लोगों को लगता है कि जंगल कटाई से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, लेकिन यह तो सरकार की पिछली गलतियों का मुंह खोलना है।

पूर्व CM ने सही बात कही, हमें अपने प्रदेश की सेहत और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। अगर वन विभाग ने खतरनाक विचार को स्वीकार करने का फैसला किया, तो मैं उनकी आलोचना करूंगा। हमें अपने प्रदेश की सरकार से उम्मीद किए बिना, ही इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
 
मुझे लगा की वन विभाग ने अच्छी बात कही, लेकिन फिर क्यों कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं दिया। तो वन भूमि पर व्यपवर्तन का खतरा बहुत ही गंभीर है, लेकिन क्या हमारे पास कोई विकल्प नहीं? मैंने सोचा की हमें अपने देश की जमीनों को बचाने के लिए और भी कुछ करना चाहिए। 🤔🌳
 
क्या तो सरकार वाले फिक्र नहीं करते? 1742 हेक्टेयर जंगल काट देने का योजना बनाने से पहले उन्हें सोचा नहीं कि हमारी पृथ्वी पर इस तरह की बर्बादी क्या कर रहे हैं? 🌳

मुझे लगता है कि सरकार में कुछ गलत हो गया है, लोगों को पता होना चाहिए कि जंगल कटाने से हमारा भविष्य खतरे में पड़ रहा है। क्या वे अपनी बेटियों और लड़कियों की प्रगति के बारे में नहीं सोचते? 🤔

केते एक्सटेंशन पर मंजूरी देना एक बड़ा विरोध है, यह खतरा है जिससे हमारे प्रदेश के लोगों की सेहत और भविष्य पर असर पड़ेगा। मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार इस मामले में सच्चाई को पकड़ लेगी। 🙏
 
क्या ये सही है? 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई? यह तो बहुत बड़ा अपराध होगा। क्या हमारे प्रधान मंत्री और वन विभाग अपने शब्दों से सच्चाई नहीं बता रहे हैं? मेरे बच्चे भी इस जंगल के बारे में सुनते हैं तो उन्हें बहुत दुख होता है। हमें अपने जंगलों को बचाना ही चाहिए, न कि कटाई करनी।
 
ਅੱਜ ਦੀਆਂ ਖ਼बਰਾਂ ਮੇਰੇ ਲਈ ਬਹੁਤ ਜ਼ੋਰਦਾਰ। ਕੇਤੇ ਐੱਕਸਟੀਨ ਵਿੱਚ 1742 ਹੈਕਟੇਅਰ ਜੰਗਲ ਦੀ ਮਾਰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਯੋਜਨਾ, ਇਸ ਵਿੱਚ ਹੈਂ ਕਿ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਲੋਕ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਡਿੱਗ ਰਹੇ ਹਨ।
 
केते एक्सटेंशन की मंजूरी, तो ये कैसे हुआ? CM ने भाजपा पर हमला किया, लेकिन क्या ये पर्यावरण की रक्षा करेगी? जंगल की कटाई की बात, तो यह बहुत गंभीर मुद्दा है... 1742 हेक्टेयर की जमीन काटने से प्रदेश के लोगों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। वन विभाग ने कहा कि पत्र मिला, लेकिन इस पर उनको लगता है कि यह खतरनाक है... तो सब कुछ सही नहीं है! 🌳😕
 
🤦‍♂️ यह तो बहुत अच्छी बात है कि वन विभाग ने अपनी सेहत और भविष्य को खतरे में डालने वाली 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई पर रोक लगा दी। 🌳🚫

लेकिन क्या यह सिर्फ एक छोटी सी बात थी? क्या पूर्व CM भूपेश बघेल ने सही तौर पर कहा है? 🤔 "यह खतरा है, जिससे हमारे प्रदेश के लोगों की सेहत और भविष्य पर असर पड़ेगा।" ⚠️

मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा खेल है। वन विभाग ने पत्र मिला था, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने हाथ नहीं डाले। 🤷‍♂️ क्या हमें उम्मीद करनी चाहिए कि वे सब सही रास्ते पर चलेंगे? 😐
 
🌳😞 ये बातें सुनकर मुझे लगना पड़े कि क्या हुआ हमारे देश के जंगलों से? 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई, यह तो हमारे भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है। और फिर भाजपा सरकार ने इतनी बातें क्यों की। मुझे लगता है कि इस देश की समस्याएं सिर्फ राजनीति में नहीं रहती, बल्कि हमारे हर कदम पर खड़ी होती हैं। 😤
 
🚨 भाई, यह बात तो बहुत खेद है... केते एक्सटेंशन पर मंजूरी देने से पहले उन्होंने 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई का प्रस्ताव रख दिया... 🌳😱 हमारे प्रदेश के लोगों को ये नतीजा चिंता की बात है... भूपेश बघेल साहब ने सही कहा है, यह खतरनाक है... 🚨
 
😱 1742 हेक्टेयर जंगल की कटाई? 🌳🚫 toh yeh to bahut bura hai. CM को karna ekta ke liye ladna chahiye, nahi toh kya log khatre mein rahenge? 🤔 CM ne BJP par bhi kaha hai ki ye kya safe hai? 🙄 Yeh forest extension mei kitni hazaar logon ko maana jaata hai? 🌟 Jharkhand ki sone ki dukan hai yeh, toh isko bacha lijiye. 🙏
 
क्या ये था जमीन की खपत? केते एक्सटेंशन पर बात करने का मतलब ही वन भूमि की कटाई ही नहीं लेकिन पूरा वाइल्डलाइफ तो खतरे में है। मुझे याद है जब बच्चे थे, हमारे गाँव में न तो कोई जंगल हुआ था, फिर भी हम खुशी से खेत में खेलते थे।

कभी-कभी मैंने सोचा है कि हमारे देश में इतनी व्यापारिक होने के बाद, शायद जमीन पर खर्च करना सही नहीं होगा। लेकिन आज यह तो दूसरों को पता है, हम भाग जाते हैं।

किसानों को अपनी जमीन मिली है, फिर उनकी देखभाल करो, खेत खुलकर चलाएं, खेती कीजिए। अगर सरकार कह रही है तो वह तो समझे और उसके लिए एक रिज़र्वेशन भी बना देना चाहिए।
 
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