भारतीय सेना ने अपने पास आने वाले भर्ती कार्यक्रम में बड़े ही आशावादी दृष्टिकोण अपनाया है। सुरक्षा बलों की कमी को देखते हुए, सरकार ने इस भर्ती में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, जिससे सेना में नए और युवा सैनिकों को शामिल होने से भारतीय सेना मजबूत और सुरक्षित होगी।
सेना का लक्ष्य है कि इस भर्ती में 100,000 अग्निवीरों को शामिल करने का, जिससे सैनिकों की कमी से उत्पन्न होने वाले संकट से बचा जा सके। यह बढ़ाई गई संख्या सेना में वर्षों से चल रही कमी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अभी-अभी कोरोना काल में सेना में भर्ती बंद रहने और 60,000 से 65,000 सैनिकों के हर साल रिटायर होने के कारण सेना में करीब 180,000 सैनिकों की कमी हो गई थी।
इस नए प्लान के तहत अग्निवीरों को पूरी तरह से प्रॉपर ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे सेना में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार होंगे। इस दौरान सेना के बुनियादी ढांचे के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, जिससे सैनिकों को अच्छी शिक्षा और प्रशिक्षण मिलेगा।
सेना का लक्ष्य है कि इस भर्ती में 100,000 अग्निवीरों को शामिल करने का, जिससे सैनिकों की कमी से उत्पन्न होने वाले संकट से बचा जा सके। यह बढ़ाई गई संख्या सेना में वर्षों से चल रही कमी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अभी-अभी कोरोना काल में सेना में भर्ती बंद रहने और 60,000 से 65,000 सैनिकों के हर साल रिटायर होने के कारण सेना में करीब 180,000 सैनिकों की कमी हो गई थी।
इस नए प्लान के तहत अग्निवीरों को पूरी तरह से प्रॉपर ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे सेना में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार होंगे। इस दौरान सेना के बुनियादी ढांचे के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, जिससे सैनिकों को अच्छी शिक्षा और प्रशिक्षण मिलेगा।