कप्तान अकेला क्या करता, बुरी तरह लड़खड़ाई RCB की टीम, दिल्ली ने किया काम तमाम

बेंगलुरु टीम का हाल दिलचस्प है और उनका हाल हमेशा जीतने वाली टीम RCB से अलग होता है। आजकल बेंगलुरु टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में भारी हानि उठाई और उनकी पहली जीत छूट गई।

वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 में लगातार पांच मैच जीत चुकी RCB ने इस मैच में केवल 109 रन बना पाए, जिसका अर्थ है उनकी टीम सिर्फ एक विकेट के नुकसान पर गिर गई। कप्तान स्मृति मंधाना ही कुछ देर DC के गेंदबाजों का सामना कर पाईं और उन्होंने 38 रनों का योगदान दिया।

यह एकदम सटीक था कि स्मृति मंधाना के अलावा RCB का कोई बल्लेबाज चल ही नहीं पाया। ग्रेस हैरिस, टीम की उभरती हुई स्टार गौतमी नायक और रिचा घोष भी फ्लॉप साबित हुईं।

दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे ज्यादा विकेट नंदिनी शर्मा ने लिए, जिन्होंने RCB के 3 बल्लेबाजों को आउट किया। उनके अलावा चिनेल हेनरी, मैरिजेन काप और मिन्नू मणि ने दो-दो विकेट लिए। श्री चरणी भी एक विकेट लेने में कामयाब रहीं, जिन्होंने 4 ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 14 रन दिए।

RCB टीम को अपना शॉट कैसे बदलना होगा, इसका फैसला यही है कि क्या वे अपने खिलाड़ियों को फिर से पहचानेंगे और किस प्रकार उनकी गेंदबाजी को मजबूत बनाएंगे।

इस तरह RCB ने WPL 2026 में अभी तक बेंगलुरु टीम का सबसे छोटा स्कोर है।
 
बेंगलुरु टीम का यह फॉर्म देखकर मुझे थोड़ा चिंतित महसूस होता है 🤔, विशेष रूप से जब उनकी पहली जीत छूट गई और उन्होंने ऐसी हानि उठाई। स्मृति मंधाना को इस तरह बल्लेबाजी करनी पड़ी तो उनकी प्रदर्शन की प्रतिलिपि देखने की उम्मीद थी। लेकिन ग्रेस, गौतमी, रिचा जैसे नए खिलाड़ियों ने भी अच्छी नहीं की 😐। शायद विमेंस प्रीमियर लीग में इस तरह की हानि उठाना आसान नहीं है, इसलिए कुछ बदलाव करना जरूरी होगा।
 
बेंगलुरु टीम को अपने खिलाड़ियों को फिर से पहचाने बिना कैसे जीतेगी, यह सवाल तभी समझ में आ जाएगा। उनकी गेंदबाजी में भी कुछ सुधार करने की जरूरत है, नहीं तो रिकॉर्ड को बदलने का कोई मौका नहीं रहेगा।

जैसे बीते हुए वर्षों में, इस टीम ने कभी हार नहीं मानी, लेकिन जब से RCB ने अपना नया स्क्वाड बनाया, उनकी जीतों की रेन का समय भी बदल गया। अब अगर वो खिलाड़ियों को फिर से पहचानेंगे, तो शायद मैचों की हालात देखकर भी नज़र आउट हो जाएंगे।

विकेट-रिपोर्ट अच्छी नहीं लग रही, नंदिनी शर्मा को बधाई, वह अच्छे प्रदर्शन कर रही है।
 
RCB की टीम को समझने की जरूरत है कि उनके पास सिर्फ एक बल्लेबाजी प्रणाली नहीं है, बल्कि गेंदबाजी में भी उनके कुछ खिलाड़ी कम दिख रहे हैं। उनकी टीम को अपने गेंदबाजों की खोज करनी होगी और उन्हें नए-नए तरीके से मजबूत बनाना होगा। इससे देखा जा सकता है कि Gautham Bhargava ने एक अच्छी गेंदबाजी पेश की, लेकिन उसे विश्वास मिल नहीं पाया और इस तरह टीम को कमजोरी मिली।
 
रिले रिले जीतने वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने आज दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में बहुत बड़ी हानि उठाई है 🤕। उनका प्रदर्शन अब तो हमेशा जीतने वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से अलग हो गया है।

विमेन्स प्रीमियर लीग 2026 में लगातार पांच मैच जीत चुकी RCB ने इस मैच में केवल 109 रन बना पाए, जिसका अर्थ है उनकी टीम सिर्फ एक विकेट के नुकसान पर गिर गई। कप्तान स्मृति मंधाना ही कुछ देर DC के गेंदबाजों का सामना कर पाईं और उन्होंने 38 रनों का योगदान दिया।

RCB का यह प्रदर्शन तो अचानक ही बदल गया है, अब उनकी टीम का कोई बल्लेबाज चल ही नहीं पाया। ग्रेस हैरिस, टीम की उभरती हुई स्टार गौतमी नायक और रिचा घोष भी फ्लॉप साबित हुईं।

दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे ज्यादा विकेट नंदिनी शर्मा ने लिए, जिन्होंने RCB के 3 बल्लेबाजों को आउट किया। उनके अलावा चिनेल हेनरी, मैरिजेन काप और मिन्नू मणि ने दो-दो विकेट लिए। श्री चरणी भी एक विकेट लेने में कामयाब रहीं, जिन्होंने 4 ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 14 रन दिए।

RCB टीम को अपना शॉट कैसे बदलना होगा, इसका फैसला यही है कि क्या वे अपने खिलाड़ियों को फिर से पहचानेंगे और किस प्रकार उनकी गेंदबाजी को मजबूत बनाएंगे। मुझे लगता है कि RCB टीम को अपने फॉर्मेट में बदलने की जरूरत है, इसलिए वे अपने खिलाड़ियों को नए तरीके से पहचान लें और उनकी गेंदबाजी को मजबूत बनाएं। यही होगा तो उन्हें WPL 2026 में रीसेट करने में मदद करेगा। 🤔 #RCBकैसेबड़ाहो #WPL2026 #गेंदबाजी
 
RCB के लिए तो अब जरूरी है कि उन्हें अपनी खासियत ढूंढनी होगी, जैसा कि दिल्ली कैपिटल्स ने पहले ही किया है। उनकी गेंदबाजी में कोई बदलाव लाना होगा ताकि विकेट खोने से पहले बल्लेबाजों को मौका दिया जा सके।

और वाह, नंदिनी शर्मा की प्रदर्शन की बात करें, वह सचमुच एक क्रेजी गेंदबाज है!

RCB को अपनी टीम के खिलाड़ियों से संवाद करना चाहिए और उनकी ताकत और कमजोरियां समझनी चाहिए।

कोई अन्य बात, हम देखेंगे कि RCB ने क्या इस मैच में सुधार लेगा।
 
बिल्कुल सही कहा, भारतीय क्रिकेट में एक दूसरे को मारने की खुशी ही नहीं होती। जैसे जैसे RCB अपने खिलाड़ियों को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी जीतें बढ़ने लगी हैं। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ इस मैच में भारी हानि उठाना एक अच्छा सबक था।

मुझे लगता है कि RCB को अपनी गेंदबाजी प्रणाली पर ध्यान देने की जरूरत है। जैसे गौतमी नायक और रिचा घोष अपनी पूरी ताकत नहीं निकाल पाईं, वैसे भी उनकी जगह खिलाड़ियों को बदलने से अच्छा परिणाम निकलेगा। कप्तान स्मृति मंधाना की भी बहुत ही शानदार गेंदबाजी दिखी, लेकिन इस मैच में उनकी भी थोड़ी कमी महसूस हुई।
 
बिल्कुल मैंने कहा था कि अगर हमारी पूर्व कप्तान विराट कोहली भारतीय एकदिवसीय टीम में वापस आते हैं तो हम बाकी सभी टीमों से जीत जाएंगे, लेकिन अब ऐसा लगता है कि उन्हें अपनी खेल की रणनीति बदलनी होगी।

पर दिल्ली कैपिटल्स ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की और उनकी कप्तान श्रिति कॉली साबित हुईं, मेरा कहना है कि वह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं।

RCB को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि वास्तव में उनकी प्रतिभा है।
 
RCB की जीत खोने की वजह क्या है? उनके बल्लेबाजों को अच्छा स्कोर करने का तरीका सीखना चाहिए, और उनकी गेंदबाजी में भी सुधार करना जरूरी है 🤔

RCB ने पहले ही अपने खिलाड़ियों को पहचान लिया है, और अब उन्हें स्कोर बनाने की रणनीति तैयार करनी चाहिए। उनकी गेंदबाजी में भी सुधार करना जरूरी है ताकि वे आगे के मैचों में जीतने की संभावना बढ़ा सकें।

RCB ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक बड़ी हानि उठाई है, और अब उन्हें अपने खिलाड़ियों को फिर से पहचानने और उनकी गेंदबाजी को मजबूत बनाने की जरूरत है।
 
बेंगलुरु टीम का यह प्रदर्शन तो जरूर दिलचस्प है, लेकिन कुछ चीजों पर ध्यान देना होगा। रेगिस्तानी बेंगलुरु ने पहले से ही अच्छी शुरुआत नहीं की, और अब इसने दिल्ली कैपिटल्स को मुकाबला करने के लिए कितना संघर्ष किया है, यह सब एक बड़ी चुनौती है।

RCB के पास स्मृति मंधाना जैसी खास बल्लेबाज़ी वाली टीमों से प्रतिस्पर्धा करने की ताकत नहीं है, और इसने अपनी पहली जीत छूटने से अब तक लंबी दूरी तय की। उनकी टीम में फ्लॉप साबित हुईं ग्रेस हैरिस, गौतमी नायक और रिचा घोष, जबकि श्री चरणी, चिनेल हेनरी और मिन्नू मणि सहित अन्य गेंदबाजों को अब से लेकर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

इसलिए, वेमन्स प्रीमियर लीग 2026 में RCB के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह रहेगी कि वे अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी में सुधार करें। उन्हें नए खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा, और अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।
 
जी हाँ, यह तो बहुत ही दुखद दृश्य है रबिंदर केसरी की बेंगलुरु टीम को, उनकी जीतों की लहर पलट गई है। आजकल उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में इतना बड़ा फेल हो गया कि उनकी पहली जीत छूट गई। यह तो बहुत ही बुरा साबित हुआ कि रबिंदर केसरी की टीम का कोई बल्लेबाज चल नहीं पाया। ग्रेस हैरिस, गौतमी नायक और रिचा घोष सब मिलकर एक भारी फ्लॉप बन गई।
 
रीबी को फिर से पहचान लेना चाहिए, यही तो सही है ... लेकिन वे अपने पुराने खिलाड़ियों पर भरोसा नहीं कर सकते ... उनकी गेंदबाजी को मजबूत बनाने के लिए नए और अनुभवी गेंदबाजों को शामिल करना चाहिए ... और सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने बल्लेबाजों में भी बदलाव लाने की जरूरत है ... रीबी की जीत की उम्मीद नहीं कर सकते 😏
 
मैं तो कहूंगा कि RCB की जीत हार में दिखाई देती है, लेकिन अगर देखें तो उनकी गेंदबाजी अच्छी रही, क्या? उन्होंने स्मृति मंधाना पर दबाव डाला और DC को रोका। लेकिन फिर भी विमेन्स प्रीमियर लीग 2026 में अभी तक उनकी जीत नहीं हुई, और यह एक बात है कि WPL 2026 में कौन जीत रहा है, दूसरी बात है कि RCB के बल्लेबाज उनकी गेंदबाजी से कहाँ पर परास्त हुए?

मैं तो समझता हूँ कि अगर DC की गेंदबाजी अच्छी रही है, तो विरोधी टीम को अपना शॉट बदलना मुश्किल होगा, लेकिन फिर भी RCB के बल्लेबाजों को उनकी पावर हिट करनी चाहिए। लेकिन अगर मैं खुद होता, तो क्या नहीं दूंगा? मैं रोहित शर्मा पर भरोसा करूँगा।

किसी को निराशा नहीं करना चाहता, बस यही कहूंगा कि RCB के लिए आगे बढ़ना होगा, और फिर भी विमेन्स प्रीमियर लीग 2026 में जीतते रहना होगा। :D
 
🙌 ये दिलचस्प है... आजकल RCB टीम बहुत कम देरी कर रही है... उनको शायद थोड़ी विश्लेषण करना चाहिए कि जो खेल रहे हैं वह सही नहीं हो रहे हैं। 🤔

स्मृति मंधाना और अन्य बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन रिकॉर्ड तोड़ने वाली टीम के बजाय, RCB टीम को सिर्फ एक जीत हासिल करने में असफल रही।

यह बात सच है कि ग्रेस हैरिस, गौतमी नायक और रिचा घोष सभी फ्लॉप साबित हुईं। 🤦‍♀️

दिल्ली कैपिटल्स के लिए, चिनेल हेनरी, मैरिजेन काप और नंदिनी शर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उनकी टीम अभी भी मजबूत नहीं हुई।

RCB को अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बदलाव करने की जरूरत है। शायद उन्हें अपने खिलाड़ियों को फिर से पहचानना चाहिए और उनकी गेंदबाजी को मजबूत बनाने की जरूरत है। 💪
 
RCB टीम का अब यह सोचता है कि खिलाड़ियों को फिर से पहचान लेना पड़ेगा। पहले उनकी गेंदबाजी ठीक नहीं थी, अब बल्लेबाजी में भी चुनौतियाँ हैं। WPL में प्रत्येक टीम को अपनी अलग पहचान बनानी होगी।
 
भारतीय महिला क्रिकेट में इतना बदलाव आ गया है 🤯, अब देखना होगा कि RCB किस तरह अपनी टीम को मजबूत बनाते हैं और क्या उनके पास जीतने के लिए सबकुछ तैयार है। यह बहुत रोमांचक है 🎉, मुझे लगता है कि दिल्ली कैपिटल्स ने अच्छी तरह से प्रदर्शन किया है, लेकिन RCB को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा। श्रीमति मंधाना का प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन बल्लेबाजी में टीम की कमजोरी देखी गई।
 
मुझे यह देखकर थोड़ा चिंतित हुआ, क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने अपनी पहली जीत छूट गई है और उनका स्कोर बहुत कम हो गया है। मुझे लगता है कि उनके बल्लेबाजों को थोड़ा मौका देना चाहिए, खासकर गौतमी नायक, जो उनकी उभरती हुई स्टार है और उम्मीदें बहुत हैं।
 
RCB को तुरंत थोड़ा सा समय मिले, शायद उन्होंने इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपनी गलतियों का मौका नहीं दिया। अब उनके पास वापसी करने का एक अच्छा अवसर है।

RCB को फिर से अपने बल्लेबाजों को पहचानने की जरूरत है, क्योंकि उन्हें तय करना है कि रिज़बेकिंग और ग्रेस हैरिस जैसे खिलाड़ियों पर भरोसा किया जाए या नहीं। अगर वे अपने बल्लेबाजी में सुधार नहीं कर पाते तो उनकी टीम का रिकॉर्ड और भी खराब होने वाला है।
 
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