बिल्कुल सही यह तो अच्छा है कि इकबाल हुसैन ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को समर्थन देने की बात कही, लेकिन अब शिवकुमार को भी अपना मौका देने की बात करना चाहिए। मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी में शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा करना अच्छा नहीं है, लेकिन एक मौका देने से यह विचार ठीक है। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि शिवकुमार नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को फिर से जीतने में सफल होंगे।
क्या इब्न खलील, यह तो बहुत रोचक देख रहा हूँ। शिवकुमार की ओर से समर्थन मिलने से लगता है कि पार्टी में जो विभाजन आ गया है, वह आगे चलकर एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। मुझे लगता है कि इकबाल हुसैन और उसकी तरह के लोगों को सही तरीके से समझना चाहिए। उनकी बात करने से पहले उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपने नेताओं की बारीकियां अच्छी तरह से जानें।