करूर भगदड़ मामले में एक्टर विजय से 6 घंटे पूछताछ, CBI के सामने दूसरी बार हुए पेश

करूर भगदड़ मामले में एक्टर विजय से सीबीआई ने दूसरी बार पूछताछ की, इस बार सात घंटे तक। इससे पहले भी उनसे छह घंटे तक पूछताछ की गई थी।

विजय सोमवार को एजेंसी मुख्यालय में लगभग छह घंटे तक पूछताछ की गई, हालांकि उनका दावा था कि वह 13 जनवरी को फिर से आने वाले हैं।

विजय ने लग्जरी एसयूवी से एजेंसी मुख्यालय पहुंचे और शाम को लगभग पांच बजे बाहर निकले। उनकी टीम का कहना है कि विजय के दिल्ली जाने से पहले सांसद करूर गए थे, लेकिन यह तार्किक नहीं लगता।

टीवीके नेता एसीटी निर्मल कुमार ने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि करूर में क्या हुआ था। बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।'

कुमार ने कहा, 'हम जानकारी के साथ जांच चलाने के लिए तैयार हैं। कृपया किसी भी तरह की गलत सूचना न फैलाएं। हमें विजय को फिर से नहीं बुलाया गया है।'

सीबीआई अधिकारियों ने कहा, 'विजय से टीम ने रैली से जुड़े फैसलों, उनके देर से पहुंचने और भाषण जारी रखने के कारणों, मौके पर मची अफरा-तफरी की जानकारी होने, भीड़ की संख्या और भीड़ प्रबंधन में हुई चूक से संबंधित कई सवाल पूछे।'

कुमार ने यह भी कहा, 'हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि करूर में क्या हुआ था।'
 
करूर भगदड़ की बातें तो खेल का खिलाड़ी विजय के लिए अब भी बड़ा खतरा बनी हुई है। नामुमकिन यह नहीं लग रहा कि वह 13 जनवरी को फिर से आने वाले हैं। पहले तो उनसे छह घंटे तक पूछताछ की गई थी, और अब सात घंटे तक। ऐसा लगता है कि उनकी टीम लग्जरी एसयूवी से एजेंसी मुख्यालय पहुंचकर चालू कर देती है, तो फिर वहां से बाहर निकल जाता है। कितना सहज वह होगा! और लोग कहते हैं कि उनका दिल भारत के पास है? चलो, यह तो समय ही बताएगा। मुझे लगता है कि विजय को फिर से पूछताछ करना कोई बुरी बात नहीं है। हमें जानकारी के साथ ही जांच चलानी चाहिए। कृपया गलत सूचना न फैलाएं, और जल्द से जल्द सब कुछ प्रकट हो जाएगा। 🤔👍
 
विजय को फिर से सीबीआई से पूछताछ की गई, लेकिन वह 13 जनवरी तक नहीं आएगा, तो क्या यह एक नया दावा है? 🤔 विजय ने पहले भी कहा था कि वह 13 जनवरी को फिर से आने वाले हैं, लेकिन अब वह नहीं आएंगे, तो क्या हमें यह मानकर चलना चाहिए? 😐

मुझे लगता है कि इस मामले में बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं और सबकुछ एक दूसरे से टकरा रहा है। विजय से पूछताछ करने के बाद भी अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है, तो शायद हमें किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इंतजार करना चाहिए। 🕰️

क्या हमें विजय को फिर से पूछताछ करने की जरूरत है? यह तय करने के लिए हमें अधिक जानकारी की जरूरत है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में भीड़ प्रबंधन और रैली से जुड़े फैसलों पर बहुत सारी नजर रखी जानी चाहिए। 👀
 
विजय से पूछताछ करने की इस बारी में बहुत दिलचस्पी है 🤔। लेकिन यह तो सरकारी एजेंसियों की तरह ट्रैक कर रही है, नहीं तो इतना समय लगाने का क्या मतलब? पूरा मामला अभी तक ताज़ा और स्पष्ट नहीं है।

कुरू में हुआ घटना तो बहुत देर से सामने आ रही है 🕰️। लोगों को पता चलने में भी कई दिन लग गए हैं। यह सवाल उठता है कि विजय ने कहीं गलती की थी या नहीं।

मुझे लगता है कि यह सब और भी गहरा मामला हो सकता है। हमें किसी भी तरह से अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए और जांच एजेंसियों के फैसलों पर ध्यान देना चाहिए।
 
क्या बात है, इन दिनों सब करूर मामले में घूमते फिरते हैं, लेकिन कोई सच्चाई नहीं सामने आती। विजय अभी भी फ्री स्पीरिटेड हैं और उन्हें यह तो पता होना चाहिए कि दिल्ली में उनके बारे में हरकतें होती हैं या नहीं। यह अफवाहें फैलाने वालों की बात नहीं है, पूरी बात झूठी है।
 
विजय को लेकर सबकुछ बहुत ही गीला-गीला है। लोग कहते हैं वह वाकई भागदड़ पैदा कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें अपने फैसलों को समझने में थोड़ी देर लग गई। अगर वे सचमुच गाली घोस रहे हैं तो उनकी रैली से जुड़े फैसले बहुत ही अजीब लग सकते हैं।
 
अरे, मुझे देखो क्या होता है? पूछताछ की गई, लेकिन बाद में विजय ने कहा कि वह फिर से आने वाले हैं। तो क्या यह सही है? कोई जवाब नहीं दिया गया।
 
विजय सोमवार को एजेंसी मुख्यालय में पूछताछ की गई, लेकिन यह तो बहुत देर हुई। विकास धवन और अनिल जेटली ने भी जांच का दौरा किया, लेकिन अब तक कोई सबूत नहीं आया। मुझे लगता है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन फिर भी बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

मैं समझता हूं कि टीवीके नेता एसीटी निर्मल कुमार ने सही कहा, हमें विजय को फिर से नहीं बुलाया गया है। लेकिन यह तो सबकुछ देखने के बाद ही समझ में आ जाएगा। मैंने पहले भी कहा था कि इस मामले की जांच एजेंसियों से कराएं, और अब मुझे लगता है कि उन्होंने सही रास्ता चुन लिया है।

मुझे लगता है कि विजय को अपने दिल्ली जाने से पहले सांसद करूर गए थे, लेकिन यह तार्किक नहीं लगता। मैं समझता हूं कि बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन हमें विजय को फिर से नहीं बुलाना चाहिए।
 
विजय को फिर से ले जाने की बात तो दिल्ली में हुई, ऐसा लगता है कि वहाँ की सरकार या कुछ और भी हाथ में है। करूर भगदड़ की बात तो बहुत ही गंभीर है, लेकिन यह तो सब साबित करने दें, फिर भी विजय पर दबाव देने का तरीका नहीं सही है।

मुझे लगता है कि एसीटी निर्मल कुमार जी की बात समझ में आती है, उनका कहना है कि सभी जानते हैं कि करूर में क्या हुआ था, लेकिन विजय पर सवाल पूछने के लिए यह तो सही समय नहीं है।
 
मुझे लगता है कि इस मामले को लेकर सबकुछ झूठा होने वाला है। विजय से पूछताछ करने की बात तो एक्सप्रेस है, लेकिन यहां तक कि उनके दिल्ली जाने का भी कोई सबूत नहीं है। और क्या यह सच है कि करूर में बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं?

मुझे लगता है कि टीवीके नेताओं को अपने मुंहों पर चुटकुले करने का खेल छोड़ना चाहिए। विजय से पूछताछ करने की बात तो एक्सप्रेस है, लेकिन यहां तक कि उनके दिल्ली जाने की भी रास्ता नहीं है। और क्या करूर में बहुत सारी गड़बड़ी हुई?

मुझे लगता है कि सबकुछ धुंधला हो गया है, लेकिन मैं सिर्फ एक आम आदमी हूं। मैंने अपने दोस्तों से पूछा, 'करूर भगदड़ मामले में विजय से पूछताछ करने की बात तो सच्ची है?' और उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक बड़ी अफवाह है।'

ज़रूर, मैं भी उनकी बात से सहमत हूं।
 
मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत चिंताजनक हो रहा है। यह तो एक बड़ा मामला लग रहा है और हमें इस पर बिल्कुल भी ध्यान न देना नहीं चाहिए। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि अगर हम सारी सच्चाई जानते हैं तो यह सब समझने योग्य हो। मेरी बहन का दोस्त करूर में गया था और उसने मुझे बताया था कि वहाँ पर बहुत भीड़ होती है और सुरक्षा के बारे में चिंता होती है। लेकिन इस मामले में क्या हुआ, यह तो सबकुछ पता नहीं है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि हमें अपने देश की सुरक्षा और शांति पर ध्यान रखना चाहिए।
 
पहले तो विजय लोगों को बताते हैं कि वह 13 जनवरी को फिर से आने वाले हैं, लेकिन तब वास्तविकता तो अलग है। क्या उन्हें पता नहीं कि चीजें बदल जाती हैं?

अब यह सुनकर दिल में दुःख हो रहा है कि करूर में बहुत ही गंभीर घटना हुई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिल पाया। विजय ने भी बताया है कि उन्होंने रैली से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए, लेकिन ऐसा लगता है कि वह अपनी खुशबू छुपाने की कोशिश कर रहे थे।

क्या हमें उम्मीद करनी चाहिए कि विजय जी अब सच्चाई बताएंगे? या फिर हमें सोचकर रहना होगा कि बाद में सब कुछ पता चलेगा।
 
🤔 यह तो बहुत ही रोचक है कि विजय से दोबारा पूछताछ करना पड़ रहा है, और इस बार सात घंटे तक। पहले भी छह घंटे लगे, तो लगता है कि एजेंसी को कुछ खोजने में मदद करनी होगी। लेकिन यह तो भीड़ प्रबंधन में हुई चूक पर ही सवाल उठा रही है, ना कि विजय से जुड़े फैसलों पर। और विजय ने कहा था कि वह 13 जनवरी को फिर से आने वाले हैं, तो लगता है कि यह एक बड़ा खेल है। 🤠
 
इस बात को लेकर बहुत सोचने की जरूरत है कि दिल्ली में रैली में क्या हुआ था, और फिर भी इतनी अफवाहें फैल रही हैं। सीबीआई ने विजय से पूछताछ की तीन बार, और अब तीसरी बार सात घंटे तक पूछताछ की जा रही है। यह अच्छा है कि उन्होंने सही सूत्रों को बताया है, लेकिन अभी भी बहुत से सवाल उठने चाहिए। क्या विजय ने रैली में कुछ गलत किया था, या फिर कोई और शेर पूछ रहे हैं? 🤔

सीबीआई ने कहा है कि उन्होंने कई सवाल पूछे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। यह अच्छा होगा अगर विजय और उनकी टीम जल्द से जल्द जवाब देती, ताकि सारी अफवाहें मिट जाएं।

मेरा विचार है कि हमें ध्यान रखना चाहिए कि सीबीआई ने सही सूत्रों को बताया है, और वे जल्द ही जवाब देंगे। लेकिन अभी भी बहुत से सवाल उठने चाहिए, और हमें सावधान रहना चाहिए।
 
Back
Top