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पट्टन, श्रीनगर में रहने वाला रियाज़ खान ने बताया, “मैं साल 2017 में 12 बिंदुओं को लेकर चुनौती देने का फैसला किया। मुझे लगा कि अगर यह सवाल उठाया जाए तो पट्टन में किसानों और आम आदमी के बीच एक नई बातचीत शुरू हो सकती है।”
 
पट्टन में किसानों की समस्या बड़ी सच्ची है, जिनका कोई ध्यान भी नहीं दिया जा रहा है 🤕। अगर रियाज़ खान ने 12 बिंदुओं पर चुनौती देने का फैसला किया तो शायद लोगों को यह एक नई दिशा में ले जाएगा। पट्टन में हर साल किसान अपने हक मांगते रहते हैं लेकिन सरकार और मीडिया उनकी आवाज़ पर ध्यान नहीं देती। शायद यह एक नई राह है जिससे हमें मामले में बदलाव लाने की उम्मीद कर सकते हैं। 🌱
 
बिल्कुल, लोगों ने अभी तक इस विषय पर बात नहीं की जा रही थी, तो मैं यकीनन यह सवाल उठाने से एक अच्छा मौका मिलेगा। 2017 में रियाज़ खान ने क्या समझा, पट्टन में किसानों और आम आदमी की बातचीत शुरू करने के लिए क्या 12 बिंदुओं को लेकर चुनौती देने से कहीं और कोई तरीका नहीं है?
 
यार, यह सचमुच एक रोचक गड़बड़ी है! पट्टन में चुनौती देने वाला रियाज़ खान की बात सुनकर मुझे लगता है कि हमें तो ऐसे सवाल उठाने चाहिए जिससे आम आदमी और किसानों के बीच एक नई समझदारी बन सके। लेकिन, ये सवाल 12 बिंदुओं पर क्या आधारित हैं? मुझे लगता है कि अगर हमें यह पता चले कि उनसे क्या पूछना है, तो शायद हम सफल हो सकते हैं। 🤔💡
 
मेरा विचार है कि ये बहुत अच्छी बात है कि कोई ऐसा व्यक्ति आ गया है जो पट्टन में किसानों और आम आदमी के बीच बातचीत शुरू करना चाहता है। लेकिन, यह सवाल उठाने से पहले हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वो व्यक्ति स्थानीय समस्याओं को समझने में सक्षम हो। अगर वह अपनी चिंताएं और समस्याओं को समझता है तो फिर यह बातचीत कुछ भी नहीं बन सकती। लेकिन, अगर वह सचमुच सुनने को तैयार है और स्थानीय लोगों की जरूरतों को समझने का प्रयास करता है, तो यह ज्यादा अच्छा हो सकता है। 🤔
 
बिल्कुल फिर से! 🤔 पट्टन में 12 बिंदुओं को लेकर चुनौती देना और ग्रामीण समुदाय के साथ खुलकर बातचीत करना तो बहुत ही अच्छी बात है। मुझे लगता है कि अगर हमारे देश के विकास में भी हम सभी एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं तो ही असीमित संभावनाएं खुलती हैं। श्रीनगर के रियाज़ खान ने बिल्कुल सही कहा है कि अगर ये सवाल उठाया जाए तो हमारे गाँव-गाँव में एक नई तरक़ीब आ सकती है।
 
रियाज़ खान ने चुनौती देने वाले सवाल की बात कर रहा है... लेकिन मुझे लगता है कि 2017 की तारीख थोड़ी छोटी लग रही है। शायद वह इस सवाल पर गहराई से जानकारी नहीं रखता। पट्टन में किसानों और आम आदमी के बीच एक नई बातचीत शुरू होना... यह तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि सवाल की गहराई जानने के लिए थोड़ा अधिक समय लगेगा। 🤔
 
पट्टन में ये सवाल उठाने से मुझे लगता है कि हरकत आ रही है 🔄। लोगों को सोचने पर मजबूर करना जरूरी है, खासकर जब बात वोटों और पट्टियों से हो। रियाज़ खान ने बहुत साहस दिखाया है उसकी बात में। यह सवाल उठने से हमें पट्टन की समस्या को समझने में मदद मिलेगी और इसके समाधान की तलाश में एक नई राह खुल जाएगी।
 
बस ये देखकर बहुत खुश हूँ कि लोग अच्छाई सोच वाले हैं 🤝 रियाज़ खान जी ने ऐसा एक अच्छा सवाल उठाया है जिससे पट्टन में किसानों और आम आदमी को बातचीत करने का मौका मिलेगा। सोशल मीडिया पर ये दुनिया भर की लोगों को बात करने का मौका देता है और समाज में अच्छाई के पक्ष में बदलाव आ सकता है। 🌟
 
रियाज़ खान से लेकर चुनौती देने की बात में वास्तव में मजा आ गया। 12 बिंदुओं को लेकर, यह एक बहुत ही रोचक सवाल है... तभी सोचते हैं कि अगर हम इन बिंदुओं पर चर्चा करें, तो पट्टन में किसानों और आम आदमी के बीच सचमुच नई दिशा मिल सकती है।
 
मैंने पट्टन की जिंदगी पढ़ी है... वहां के लोग संघर्ष में लगे रहते हैं, खेतों में सारा दिन घूमते रहते हैं और फिर भी रोटी नहीं मिल पाती। यह सवाल उठाना जरूरी है, लेकिन सरकार से जुड़े लोग इस पर ध्यान न दें ... वहां के किसानों की आवाज़ सुननी चाहिए।
 
बोलते हुए, रियाज़ खान की बात मुझे बहुत अच्छी लगी 👍। उन्होंने पट्टन में किसानों और आम आदमी के बीच एक नई बातचीत शुरू करने का सोचा है, जो बहुत जरूरी है। ये सवाल उठाया गया तो न केवल पट्टन के लोगों को सुनने का मौका मिलेगा, बल्कि यह आम आदमी के बीच एक नई दोस्ती का मौका भी होगा। मुझे लगता है कि रियाज़ खान जी ने बहुत अच्छी परियोजना बनाई है, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के बारे में संवाद करने का मौका मिलेगा।
 
अरे, ये देखिए, पट्टन में किसानों को सरकार से चुनौती देने का बहुत ही अच्छा तरीका है 🤔। रियाज़ खान ने 12 बिंदुओं पर चुनौती दी है, जैसे कि जमीन का मुआवजा, सुविधाओं का विस्तार, और किसानों के लिए आर्थिक सहायता। इससे किसानों को सरकार के प्रति सक्रिय रहने की चेतावनी दी जाएगी।
 
पट्टन में चुनौती देने वाले रियाज़ खान की बात मुझे पसंद आयी 🤔। वह सोचते हैं कि अगर हमारे गांवों में किसानों और आम आदमी को लेकर बातचीत हो सकती है, तो हमारे समाज में नई ऊर्जा आ जाएगी। यह एक अच्छा विचार है क्योंकि हमारे देश में अक्सर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच अंतर होता है, लेकिन अगर हमारे गांवों में भी ऐसी बातचीत शुरू किया जाए तो यह सचमुच अच्छा होगा।
 
पट्टन में चुनौतियां बढ़ रही हैं 🤕। रियाज़ खान ने बोला है कि वह 2017 में साल भर एक सवाल उठाया। यह सवाल लोगों को पट्टन और आम आदमी के बीच बातचीत करने पर मजबूर करेगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पट्टन में किसानों की समस्याएं हल हो जाएंगी। वहाँ के किसानों की जिंदगी अभी भी बहुत मुश्किल है।
 
क्या यह सच में 12 बिंदुओं को लेकर चुनौती देने का निर्णय कर रहा है? मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी बात है और मैं इसकी पूरी जानकारी नहीं हूँ। क्या यह सवाल वास्तव में किसानों और आम आदमी के बीच एक नई बातचीत शुरू कर सकता है? मुझे लगता है कि अगर यह सही तरीके से उठाया जाए तो कुछ भी हो सकता है। लेकिन मैं अपनी दादी की बात कहती हूँ, अगर आप किसी निर्णय से पहले अच्छी तरह से सोचते हैं तो सब कुछ ठीक होता है 🤔
 
ਤਾਂ ਬੋਲ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਪੱਟਨ ਵਿੱਚ ਆਏ ਦੀਨ ਇਸ ਗੱਲ 'ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਥਾਂ ਬਹੁਤ ਖਰਾਬ ਹੈ। ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਉਸਨੇ ਦਿੱਤੀ ਗੱਲ 'ਤੇ ਮੈਂ ਸਿਰਫ਼ ਕਹਾਂਗਾ ਕਿ ਜੇ ਆਪਣੇ ਘਰ ਦੀ ਚੁਣ-ਚੁਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਮੈਂ ਖਰਾਬ ਸਿਹਤ 'ਚ ਰਹਿ ਗਿਆ, ਤਾਂ ਇੱਕ ਫੋਨ ਕਲੱਕ ਦੀ ਗੱਲ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੈ।
 
पट्टन में क्या हुआ? 🤔 लोग अभी भी सड़क पर उतरकर अपनी समस्याएं बताने के लिए जा रहे हैं और सरकार को सुनने के लिए तैयार है। यह अच्छा है कि किसान अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, अब देखना होगा कि सरकार उनकी बात मानती है या नहीं।
 
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