लालू-राबड़ी को सरकारी बंगले को करना होगा खाली, बेघर होने की वजह CM नीतीश नहीं, बल्कि...

लालू-राबड़ी को सरकारी बंगले में रहना होगा खाली, तेजस्वी यादव के फैसलों ने उनके माता-पिता को बेघर कर दिया है।

राबड़ी देवी और लालू यादव अपने 19 साल पुराने बंगले को खाली करने को राजी नहीं हैं, लेकिन उनके मामले का नोटिस मिल गया है और इसकी वजह तेजस्वी यादव हैं।

तेजस्वी यादव ने बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद से इनकार कर दिया है, लेकिन उनके खिलाफ हाई कोर्ट का आदेश है और अब उन्हें अपने बंगले से भी खाली करना पड़ेगा।

राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड का बंगला मिल गया है, लेकिन तेजस्वी यादव के फैसलों ने उनके माता-पिता को बेघर कर दिया है।

बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए राबड़ी देवी के 14 सदस्य हैं, लेकिन अगर उनका पद छिन जाता है तो उन्हें अपने बंगले से भी खाली करना पड़ेगा।

तेजस्वी यादव ने बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद से इनकार कर दिया है, लेकिन उनके खिलाफ हाई कोर्ट का आदेश है और अब उन्हें अपने बंगले से भी खाली करना पड़ेगा।

राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड का बंगला मिल गया है, लेकिन तेजस्वी यादव के फैसलों ने उनके माता-पिता को बेघर कर दिया है।

इस तरह से, राबड़ी देवी और लालू यादव को सरकारी बंगले में रहने पर असमंजस हो गया है, लेकिन तेजस्वी यादव के फैसलों ने उनके माता-पिता को बेघर कर दिया है।
 
😐💔 राबड़ी देवी और लालू यादव की समस्या बहुत गंभीर है 🤕। तेजस्वी यादव ने अच्छा फैसला नहीं किया है 🙅‍♂️। उनके माता-पिता पर इतनी जोर देना बिल्कुल सही नहीं है 😬। सरकार को उनकी समस्या को हल करने के लिए कुछ विचारों की जरूरत है 💡
 
बिहार विधान परिषद में तेजस्वी यादव के फैसले बहुत बड़े मुद्दे बन गए हैं... 🤔 उनके नेता प्रतिपक्ष के पद से इनकार करने से राबड़ी देवी और लालू यादव को सरकारी बंगले में रहने पर असमंजस हो गया है।

इसलिए, मुझे लगता है कि तेजस्वी यादव ने उनके माता-पिता को बहुत दुख पहुंचाया होगा... 🤕 जिनकी उम्र अब 70 साल की है, उन्हें अपने पारिवारिक बंगले से भी खाली करना पड़ रहा है।

मुझे लगता है कि तेजस्वी यादव को अपने फैसलों पर विचार करना चाहिए... 😊 सरकारी नीतियों में सुधार करने के लिए उन्हें अपने विचारों को समझना चाहिए।

इसलिए, मैं उम्मीद करता हूं कि तेजस्वी यादव जल्द ही उनके माता-पिता की स्थिति पर ध्यान देंगे... 🤞
 
अगर तेजस्वी यादव को अपने पापा और बहन पर ऐसा खेल करना पड़ रहा है तो वह अपने मामले से भी बच नहीं सकते। तेजस्वी का यह फैसला अच्छा नहीं है। उसकी माता-पिता को बेघर कर देना क्या सही है? 🤔

तेजस्वी को अपने फैसलों पर खुद सोच लेनी चाहिए, न कि अपने पापा और बहन पर। सरकार में इतनी जानकारी नहीं है कि तेजस्वी क्या करना चाहता है। 🚨

उसको अपने फैसलों से खुद का सबक भी लेना चाहिए। अगर वह अपने पापा और बहन पर ऐसा खेल नहीं करता, तो वह सरकार में बड़ा खिलाड़ी बन जाएगा। 🏆
 
तेजस्वी साहब की नेता प्रतिपक्ष पद छीनने वाली सोच तो मजेदार लेकिन समझदार नहीं है। अगर उनके माता-पिता को बेघर कर दिया गया, तो फिर भी उन्हें सरकारी बंगले में रहना चाहिए। यह तो उनकी जिम्मेदारी है और उनकी परिवार की जिम्मेदारी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि दूसरों को अपनी जिम्मेदारियों से निकाल देने की भी जरूरत है।
 
तेजस्वी यादव के इस फैसले से हमें लगता है कि वे अपने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग अपने परिवार की मदद करने के लिए कर रहे हैं 🤔। लेकिन सरकारी बंगलों में रहने की स्थिति में असमंजस तो उनके माता-पिता के लिए ही बुरी नहीं लग रही है... उनके फैसले ने उनके माता-पिता को पूरी तरह से बेघर कर दिया है।

क्या यह तो एक अच्छा सबक भी है कि अपने परिवार की मदद करने के लिए हमें कितनी राजनीतिक शक्ति का उपयोग करना पड़ता है? 🤑
 
😩 यह तो बहुत बड़ा झगड़ा हो सकता है... राबड़ी देवी और लालू यादव को सरकारी बंगले में रहना होगा खाली, और तेजस्वी यादव ने उनके फैसलों से उनके माता-पिता को बहुत परेशानी हुई है... मुझे लगता है कि तेजस्वी यादव के फैसले अच्छे नहीं हैं, लेकिन यह तो सरकार के पास है, और वे इस बात का निर्णय लेंगे कि राबड़ी देवी और लालू यादव को कैसे रहने की जगह मिलेगी। 🤔
 
तेजस्वी यादव के फैसले से मुझे बहुत परेशानी हुई है 🤕, यह तो उनके माता-पिता के लिए बहुत मुश्किल होगा। राबड़ी देवी और लालू यादव का बंगला खाली करना भी एक मुश्किल स्थिति है, लेकिन तेजस्वी यादव के फैसलों ने उनके माता-पिता को बेघर कर दिया है। यह तो पूरा पार्टी की छवि को खराब कर रहे हैं। 😕
 
Wow 😮 बिहार विधान परिषद में ऐसा बड़ा संघर्ष हुआ, तेजस्वी यादव ने नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ दिया, लेकिन उनके पिता को बंगले से निकाल दिया गया। राबड़ी देवी का भी ऐसा ही हाल हुआ, अब वह अपने बungalow में रहने पर असमंजस में हैं।
 
तेजस्वी यादव के फैसलों से राबड़ी देवी और लालू यादव को बहुत परेशानी हो रही है, लेकिन यह तो उनके खिलाफ हाई कोर्ट का आदेश है जिससे उन्हें अपने बंगले से भी खाली करना पड़ेगा। मुझे लगता है कि उनके माता-पिता ने जो गलत काम किया था, उसके लिए उन्हें पछतावा करना चाहिए और अपने बंगले से खाली करना चाहिए। अब राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड का बंगला मिल गया है, लेकिन यह तो उनके माता-पिता के गलत काम के परिणाम हैं।

कुछ लोग कहते हैं कि तेजस्वी यादव ने अपने पिता दिग्विजय सिंह के फैसलों को आगे बढ़ाया है, लेकिन अगर उनके माता-पिता ने जो गलत काम किया था, उसके लिए उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अब राबड़ी देवी को अपने बंगले से खाली करना पड़ेगा और उसे अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को देना होगा। यह तो एक बड़ा मुद्दा है जिस पर हमें विचार करना चाहिए।
 
😒 ये तेजस्वी यादव का बहुत बड़ा मिश्रास है! उनके फैसलों से लालू-राबड़ी को भी परेशानी हुई है, जो और भी बुरी तरह से बिहार के राजनीति में गिर गए हैं 🤦‍♂️। तेजस्वी यादव ने अपने माता-पिता लालू-राबड़ी को बेघर कर दिया है, और अब सरकारी बंगले में रहने पर भी खाली करने का आदेश है। यह बहुत ही शर्मनाक है! 🙅‍♂️
 
तेजस्वी यादव का यह फैसला ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है 🤕। राबड़ी देवी और लालू यादव के बंगले में रहने को खाली करना एक बड़ा सवाल है, लेकिन तेजस्वी यादव के फैसलों से उनके माता-पिता को बेघर कर दिया जाना सही नहीं है। सरकार में तेजस्वी यादव की जिम्मेदारी तो कम से कम इस तरह से निभाई जा सकती थी।

कुछ लोग कहते हैं कि राबड़ी देवी और लालू यादव के बंगले में रहने को खाली करना एक अच्छा फैसला है, लेकिन अगर उनके माता-पिता को बेघर कर दिया जाए तो यह सिर्फ राजनीति है और हमारा देश नहीं है।

बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद से इनकार करना एक अच्छा फैसला था, लेकिन अगर इस तरह से उनकी जिम्मेदारियां निभाई जाए तो यह फैसला सही नहीं है।
 
तेजस्वी साहब के यह फैसले देखकर मुझे थोड़ा असहज महसूस होता है 🤔। अगर हमारे नेता अपने परिवार को भी सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करने नहीं देते, तो फिर वे लोग कैसे आम आदमी के बीच अपने वादे पूरे कर सकते हैं? 🤷‍♂️

ज़रूरत है कि हमें अपने नेताओं की जिम्मेदारियों पर सोचना चाहिए और यह तय करना कि क्या हमारा विश्वास उनके प्रति खत्म हो गया है या नहीं? 🤔

हमें अपने बिहार की सरकार को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए और यह तय करना कि क्या उनके निर्णयों से आम आदमी को फायदा होगा या नहीं? 🤝
 
तेजस्वी यादव का फैसला बहुत ही अजीब है 🤔, लेकिन राबड़ी देवी और लालू यादव के मामले से यह तो समझ नहीं आ रहा है कि उनके माता-पिता को बेघर कर दिया जाना ठीक है?

तेजस्वी यादव ने अपने पद से इनकार करने के बजाय, उन्हें इस मामले से जुड़े वास्तविकताओं को समझना चाहिए। राबड़ी देवी और लालू यादव के लिए यह फैसला तो उनके भविष्य के बारे में नहीं सोचता, बल्कि उनके परिवार के लिए एक बड़ा नुकसान है।

इसके अलावा, राबड़ी देवी और लालू यादव के लिए सरकारी बंगले में रहना तो एक अधिकार है, यह तो सबके ज्ञान में है 🤷‍♀️, लेकिन तेजस्वी यादव के फैसलों से उनके माता-पिता को बेघर कर दिया जाना एक बड़ा नुकसान है।

तेजस्वी यादव को अपने फैसले पर विचार करना चाहिए और राबड़ी देवी और लालू यादव के मामले से उनके परिवार के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए।
 
राबड़ी देवी और लालू यादव को सरकारी बंगले से खाली करने की बात तो सुनकर भी मुझे लगता है कि यह सब कुछ सही नहीं है। उनका बंगला 19 साल पुराना है, और अगर उन्हें खाली करना पड़े तो इसकी वजह उनके फैसलों की निशानी तो होगी। लेकिन जैसे हमारी दादी-दादाजी, बच्चों को घर छोड़ना पड़ता है तो वे भी अपना घर नहीं खाली कर पाते।

मुझे लगता है कि यह सब कुछ तेजस्वी यादव को मिल गया है, लेकिन अगर उनके फैसलों से राबड़ी देवी और लालू यादव के माता-पिता को बेघर कर दिया जाएगा, तो यह एक बड़ा व्यापार नहीं है। हमें उनकी मदद करनी चाहिए, न कि उन्हें अपने घर से खाली करना। 🤔
 
तेजस्वी यादव के फैसले बहुत बड़े सवाल उठा रहे हैं 🤔, राबड़ी देवी और लालू यादव के मामले में तेजस्वी यादव ने उनके माता-पिता को बेघर कर दिया है, और अब वह उनके खिलाफ हाई कोर्ट का आदेश पाने की जिंदगी जीत रहे हैं 😬, यह बहुत ही अजीब लग रहा है कि तेजस्वी यादव ने अपने फैसलों से लोगों को बेघर कर दिया, और अब वह उनके खिलाफ लड़ रहे हैं 🤷‍♂️
 
ਬਹੁਤ ਦੇਖਿਆ, ਲਾਲੂ-ਰਾਭੜੀ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਬੰਗਲੇ ਵਿੱਚ ਹੀ ਰਹਿਣਾ ਪੈ ਗਿਆ, ਪਰ ਇਸ ਦੀ ਵੀ ਕਿਸ ਮਨੁੱਖੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੋਣ ਲੱਗੀ? ਤੇਜਸਵੀ ਯਾਦਵ ਕੀਤੇ ਫੈਸਲੇ 'ਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਛੱਡਣਾ ਪੈਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਬਣ ਗਿਆ ਹੈ।
 
🤔 राबड़ी देवी और लालू यादव को सरकारी बंगले में रहना तो परेशान करने वाला नहीं है, ज्यादा समस्या तेजस्वी यादव के फैसलों से है! उनके फैसले से उनके माता-पिता को बेघर कर दिया गया है और अब राबड़ी देवी को भी अपने बंगले से खाली करना पड़ेगा। 🚫 यह तो सरकार के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है, लेकिन हमें उम्मीद है कि जल्द ही सभी को अपनी जगह मिल जाएगी। 💼
 
तेजस्वी यादव के फैसलों से यह साबित होता है कि वे अपने परिवार के हितों को भूल गए हैं। उनके माता-पिता को बंगले से निकालने का यह तरीका क्या कर सकता है? यह तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाता है और लोगों को लगता है कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार हो रहा है।
 
अरे भाई, तेजस्वी यादव के फैसले से निकलने वाले यह राजनीतिक खेल कुछ भी सही नहीं है 🤔😒। उनके माता-पिता लालू और राबड़ी देवी पर इतना डराना-धमकाने का क्यों किया जा रहा है? यह तो नेताओं के हिस्सेदारी की बात है 😒। सरकारी मामलों में ईमानदारी से काम करना चाहिए, लेकिन यह राजनीतिक खेल तो दूसरे प्रकार का है। 🤷‍♂️ #राजनीतिक_खेल #तेजस्वी_यादव
 
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