लोक कल्याण मार्ग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों से बातचीत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने आवास पर बैठक की।
इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत को एआई तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य का समर्थन किया गया। इस बातचीत का उद्देश्य रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा, नवाचार दिखाना और भारत के एआई मिशन के लक्ष्यों को तेज करना था।
इसमें कई प्रमुख कंपनियां और संगठन शामिल थे, जिनमें एचसीएल टेक, जोहो कॉर्पोरेशन, एलटीआई माइंडट्री, जिओ प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, अदाणीकोनेक्स, एनक्स्ट्रा डेटा और नेटवेब टेक्नोलॉजीज शामिल थे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी इस बातचीत में शामिल हुए।
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें अपनी तकनीक से प्रभाव पैदा करना चाहिए और दुनिया को प्रेरित भी करना चाहिए। उन्होंने वैश्विक एआई प्रयासों के लिए भारत को एक उत्पादक जगह बनाया जाए।
उन्होंने डाटा सुरक्षा और तकनीक के लोकतंत्रीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा एआई पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहिए जो पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित हो।
इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत को एआई तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य का समर्थन किया गया। इस बातचीत का उद्देश्य रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा, नवाचार दिखाना और भारत के एआई मिशन के लक्ष्यों को तेज करना था।
इसमें कई प्रमुख कंपनियां और संगठन शामिल थे, जिनमें एचसीएल टेक, जोहो कॉर्पोरेशन, एलटीआई माइंडट्री, जिओ प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, अदाणीकोनेक्स, एनक्स्ट्रा डेटा और नेटवेब टेक्नोलॉजीज शामिल थे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी इस बातचीत में शामिल हुए।
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें अपनी तकनीक से प्रभाव पैदा करना चाहिए और दुनिया को प्रेरित भी करना चाहिए। उन्होंने वैश्विक एआई प्रयासों के लिए भारत को एक उत्पादक जगह बनाया जाए।
उन्होंने डाटा सुरक्षा और तकनीक के लोकतंत्रीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा एआई पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहिए जो पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित हो।