बड़े बुरे फैसले हो रहे हैं देश में, तुमने सोचा था कि आरक्षण नियम हमारी समाज को मजबूत करेंगे, लेकिन अब सोचना पड़ रहा है कि ये फैसले हमारे भविष्य को कैसे प्रभावित करेंगे। मुंबई की महिला मेयर ने भी अपने देश के बड़े नेताओं के सामने अपनी बात कही, लेकिन क्या सच्चाई और न्याय की बात ही सुनी गई?
मैं समझता हूं कि आरक्षण एक मुद्दा है, लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि कैसे हम इसे बदलकर देश को आगे बढ़ा सकते हैं। बदलने की जरूरत है, लेकिन बदलने का तरीका सही होना चाहिए। हमारे देश में इतने सारे लोग हैं जो अपने जीवन में लड़ते रहते हैं, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे निर्णय इतने भारी नहीं हों।