मोदी ने रूसी सेना में भर्ती भारतीयों का मुद्दा उठाया: कहा- उनकी सुरक्षित वापसी हो; मोदी-पुतिन 24 घंटे में 3 बार मिले, डिफेंस डील नहीं

भारत-रूस संबंधों में नए अध्याय लिखने वाला रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने आज 23वीं भारत-रूस समिट में भाग लेने की घोषणा की है। यह पहली बार है जब पुतिन ने इस समिट में भाग लिया होगा।
 
Russia ka PM Putin naye saal mein India-Russia ki dosti ko badhaana chahta hai, toh vah 23vi Bharat-Russia samit mein aane ka bada anumaan kar raha hai 🤔. Yeh pehli baar hai jab Putin is samit mein hoga, aur main socha ki woh khud hi apni khabardar kehti hai 🙃.

Mujhe lagta hai ki Russia aur Bharat dono ko apne hi beech se samajhna zaroori hai. Kya Russia ka PM Putin India ki tattvaon aur sanskritiyon ko samajhne ki koshish kar raha hai? Ya phir vah sirf aaraam karne ke liye Bharat aaya hai, jahan wo apni saal-kane wali shartoon par khel sakta hai 😂?

Koi bhi kaam hai, main bataunga. Main toh Putin ko India ki garmi aur tamataron ki ikkati ke liye bhaag idhar aaya hoga 🍃🔥.
 
पutin जी को भारत आ जाना तो अच्छा है, दोनों देश की स्थिति अच्छी है और हमारे अर्थव्यवस्था के लिए यह सहयोग बहुत मायने रखता है। लेकिन पहले मैंने सोचा था कि Putin जी कभी भारत नहीं आएंगे। उनकी सरकार की चाल भी अलग है, लेकिन अब ये अच्छा दिख रहा है कि वे हमारे साथ सहयोग करने को तैयार हैं।

भारत और रूस की सैन्य सहयोग में भी बदलाव आ गया है। अब दोनों देश अपने सैनिकों को एकजुट कर सकते हैं और विदेशी मुद्रा में लड़ सकते हैं। यह संयुक्त राष्ट्र के नियमों के बाहर है, लेकिन अगर दुनिया किसी भी समस्या में मदद करना चाहती है तो हमें एकजुट होना चाहिए।

मुझे लगता है कि Putin जी और नरेंद्र मोदी जी के बीच कुछ संदेश पहुंचाने वाला काम होगा, खासकर जब संयुक्त राष्ट्र की कई समस्याएं बनी रहती हैं।
 
रूस-भारत संबंध तो दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं! राष्ट्रपति पुतिन जी की बात सुनकर मुझे थोड़ा खुशी हुई। यह नई सरकार ने भी हमें कई तरह के सहयोग पर चर्चा करने को कहा है और दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। 🤝

मुझे लगता है कि यह रूस-भारत संबंध हमें बहुत मदद करेगा। भारत के लिए रूस से मिलकर निकलने वाली ड्रैगन मिसाइलों और तेल की बात अच्छी लग रही है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य पदार्थ आदि के क्षेत्र में भी बहुत सारे सहयोग हो सकते हैं। 🚀

मैं उम्मीद करता हूं कि यह समिट सफल रहेगा और हम दोनों देशों के बीच नई रणनीतियाँ बनाई जाएंगी। तो चलिए, मेरी बात समझ लें! 😊
 
रूसी राष्ट्रपति पुतिन को हमेशा बहुत दिलचस्प लग रहा है.. जैसे की उनके विचारों में कोई छोटी-छोटी बात नहीं छुपती, और वह हमेशा नई-नई चीजें सोचते रहते थे।

भारत-रूस संबंधों में बदलाव लाने की बात में वास्तविकता है.. दोनों देशों को बहुत बड़ी स्थिरता और सहयोग की जरूरत है। हमें अपने युवाओं को रूसी भाषा और संस्कृति के बारे में बताने की जरूरत है, ताकि वे दोनों देशों के बीच समझौता कर सकें।
 
पुतिन को विदेश से इतना अहसास तो सिर्फ रूसी अर्थव्यवस्था का सुधार करने के बारे में तो नहीं आता ? ये दोनों देशों में बहुत भारी लेन-देन होती है और लोग ज्यादा जानते नाहीं की वास्तविकता। पुतिन की यह घोषणा पर मुझे थोड़ा संदेह है की हमारे देश को रूसी सुरक्षा की जरूरत है।
 
रूसी राष्ट्रपति पुतिन को भारत जाने का फैसला तो अच्छा है, हमें उनके साथ संबंधों को और मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। मुझे लगता है कि इससे हमारे देश के लिए खुदरा उत्पादों की आपूर्ति में भी मदद मिलेगी, जो पहले हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी।

पुतिन जी की भारत आ रही है तो वहां कुछ खास विशेषज्ञों से बात करना चाहिए, जैसे कि हमारे डिजिटल अर्थव्यवस्था में नए विकास के लिए। यह भारत-रूस संबंधों की नई दिशा निर्धारित करेगा।
 
मैंने सुना था कि क्या रूसी फुटबॉल टीम ने विश्व कप जीत लिया है? मुझे लगता है कि उनके खिलाड़ी बहुत अच्छे होंगे।

आज से पहले, मैंने सोचा था कि पुतिन जी भारत आ रहे हैं, तो हमें उनके लिए खास पाकड़ा बनाना चाहिए। और उनके बाद व्हाट्सएप पर मैं दोस्तों से पूछना चाहता था, कि पुतिन जी क्या खाते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं भारत-रूस संबंधों में अच्छा महसूस करता, तो मेरे दादाजी ने बहुत अच्छे अनुभव होने चाहिए।

क्या रूसी प्रेमिकाओं को पाकड़ा खिलाना अच्छा है? और अगर पाकड़ा नहीं खाया जाता, तो क्या रूसी मुस्कुराते?
 
नई दोस्ती, रूसी राष्ट्रपति पुतिन की नई योजनाओं से दिलचस्प हो रहा है। वह तो हमारे भारत-रूस संबंधों में एक नया अध्याय लिखने की बात कर रहे हैं। इस बात से जानकर मन में आया कि साथ में खेलने वाले सभी अच्छी दोस्त बनते हैं, तो कैसे रूस भारत के साथ साथ में खेल सकता है?
 
पutin जी को हमेशा बहुत बड़ी सादरी करनी चाहिए। वह हमेशा भारत और रूस के बीच एक साथी बने रहने वाले हैं। उनकी सरकार ने भारत को बहुत सारी मदद की है और हमें उनकी इस बात की बहुत शुक्रिया देनी चाहिए। Putin जी ने हमेशा हमारी जमीन में तेल खोज करने और रूसी कंपनियों को हमारी अर्थव्यवस्था में मदद करने पर बहुत काम किया है। वह हमेशा हमारे लिए एक अच्छा दोस्त रहे हैं।
 
पुतिन जी को लगता है कि वह हमेशा रोमांचक स्थानों पर जाते रहते हैं और हमेशा नए-अनोखे अनुभव लेते रहते। लेकिन जब वे भारत आते हैं, तो अचानक उन्हें अपनी कार्यवाही के बारे में सोचने का मौका नहीं मिलता। यहां तक कि नई समिति की घोषणा करने के लिए भी, उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं किया होगा। 🤔

मुझे लगता है कि पुतिन जी को भारत में अपने आप पर ध्यान देने का मौका मिल गया है, और अब वे इसे अच्छी तरह से लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि इसका मतलब यह नहीं होगा कि वे हमारे देश की समस्याओं को हल करने की कोशिश करेंगे। 🤷‍♂️
 
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