माइनस 40 नंबर लाने वाले डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा: SC/ST/OBC सीटों पर 0 पर्सेंटाइल, डॉक्टर बोले- प्राइवेट कॉलेजों की सीट भरेंगे

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (एनबीबीएस) ने ये नोटिफिकेशन 13 जनवरी को जारी किया है, जिसके अनुसार SC/ST/OBC कैटेगरी में कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर दिया गया है। इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी।
 
मुझे ये नोटिफिकेशन बहुत चिंताजनक लग रहा है 🤔। मैं समझना चाहता था कि बीमारियों के इलाज के लिए और भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ बनने के लिए रास्ता आसान हो जाए, लेकिन यह नोटिफिकेशन मुझे लगता है कि ऐसा ही सटीक समाधान नहीं देता। SC/ST/OBC कैटेगरी में कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर देना तो एक तरफ से कम अवसरों का अर्थ है, वहीं दूसरी तरफ से यह देश भर में शिक्षित लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बनने के लिए मजबूर करने का मतलब भी है। क्या हमारे पास स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन नहीं हैं?
 
ਸੀਟ ਬਰਾਬਰੀ 'ਤੇ ਕਿਹੋ ਜਿਹਾ ਦਬਾਅ ਵਧਾਉਣ ਲੱਗੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਪ੍ਰੀ-ਐਡਮਿਸ਼ਨ ਟੈਸਟ? 🤔

ਅਜਿਹੇ ਵਾਰਤਾ ਦਾ ਲੋਕਾਂ 'ਤੇ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੈ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਅਜਿਹੀ ਗੱਲ ਯੋਗ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਮੰਨੀ ਜਾਵੇਗੀ, ਕਿ ਬਿਹਤਰਨੂੰ ਪਛਾਣਨ ਲਈ ਆਪਣੀ ਸ਼ਖਸੀਅਤ ਦੇ ਭਾਗ ਵਜੋਂ, ਕੁਝ ਕੰਮ ਬਿਹਤਰਨੂੰ ਆਪ ਕਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਸਨ।
 
मैंने पहले कहा था कि नबीबीएस के कट-ऑफ पेरेसेंटाइल को बदलकर 25% कर देना चाहिए, लेकिन अब मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है कि SC/ST/OBC कैटेगरी में कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर दिया गया है। इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि यह अच्छा निर्णय नहीं था। अगर सीटें खाली रहती हैं तो छात्रों को अपना अच्छा भविष्य बनाने का मौका मिलता है।
 
🤔 यह तो बहुत ही बड़ी बात है नब्बीएस ने यारदार काट-ऑफ प्रासेंटेज 0 कर दिया है, अरे ये कैसे संभव? अब SC/ST/OBC कैटेगरी में भी कोई कट-ऑफ नहीं रहेगा, तो क्या इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी, फिर क्या होगा। मैंने जैसे ही पढ़ा तो मेरा दिल खुशा हुआ, यह एक बहुत ही अच्छी खबर है। अब युवाओं को कमजोर वर्गों में भी संभावनाएं मिलेंगी, तो यह कुछ भी गलत नहीं है 🙏
 
ये तो बहुत बड़ी बात है! 🤔 मैंने सोचा था कि आरक्षण व्यवस्था अब समाप्त होने लगी है, लेकिन लगता है कि यह तो एक तरह से ही बदल गई है। SC/ST/OBC कैटेगरी में कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर दिया गया है, जिससे अब ये व्यवस्था पूरी तरह से खत्म नहीं हुई, बस बदल गई। मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात हो सकती है, लेकिन साथ ही साथ हमें यह भी समझना चाहिए कि ये व्यवस्था तब बनाई गई थी ताकि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें। अब जब कट-ऑफ परसेंटाइल 0 हो गया है, तो यह कैसे प्रभावित होगा? मुझे लगता है कि हमें इस पर और अधिक चर्चा करनी चाहिए।
 
यह तो बहुत बड़ा नुकसान होगा, यार... 🤕

मैंने पहले से ही सोचा था कि यह अच्छी बात नहीं होगी, लेकिन लगता है मैं सही नहीं था। अब SC/ST/OBC कैटेगरी में कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर दिया गया है, इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी। तो यह मतलब होगा कि युवाओं को और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, और सरकार जैसे ही लोकप्रिय होने लगेगी।

मुझे लगता है कि इस नोटिफिकेशन के पीछे कुछ और हासिल करने की गुजारिश है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सिर्फ युवाओं को परेशान करने का तरीका है। अब देखिए, क्या हमें इंतजार करना होगा? 🤔
 
अरे भाई, यह तो बहुत बड़ी बात है! एनबीबीएस ने SC/ST/OBC कैटेगरी में कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर दिया है, जिससे सीटें खाली नहीं रहेंगी। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा फैसला है, लेकिन इसके पीछे क्या तर्क हैं? क्या यही कारण था कि सीटें खाली नहीं रहें, यानी सामाजिक विभाजन और आर्थिक असमानता?

लेकिन, मुझे लगता है कि इससे लाभ होगा, खासकर SC/ST/OBC समुदायों को। अब उनके पास अधिक संभावनाएं होंगी, अपने जीवन का फैसला करने और अपने भविष्य की दिशा बनाने का। यह एक सकारात्मक बदलाव है, जो हमें एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगी।
 
ਉੱਥੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਆਰाम ਨਾਲ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਮੈਡੀਕਲ ਪ੍ਰੀ-ਜ਼ੋ ਫਾਰਮੇਸੀ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਤਾਂ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਖ਼ਰਾਬ ਪਸੰਦਿਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਗੈਰ-ਉੱਚ ਮੋਹਰੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਫ਼ੈਸਲਾ ਲੈਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ।
 
मुझे लगता है यह अच्छी खबर होगी... सिर्फ यह तो पता चलने के बाद ही कह सकता हूँ। यार, अगर कट-ऑफ परसेंटाइल 0 कर दिया गया है, तो मतलब है हमें पास होने में और भी कम मेहनत करनी पड़ेगी। लेकिन साथ-साथ इसका मतलब यह भी है कि अगर हम अच्छे-अच्छे स्टूडेंट हैं, तो हमें बेहतर रैंकिंग मिलेगी। मुझे लगता है, यह बदलाव नौकरी के मौकों को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
 
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