माइनस 40 नंबर लाने वाले डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा: SC/ST/OBC सीटों पर 0 पर्सेंटाइल, डॉक्टर बोले- प्राइवेट कॉलेजों की सीट भरेंगे

डॉक्टरों ने बताया है कि यह सिर्फ बड़े प्राइवेट कॉलेज को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इससे जीरो परसेंटाइल पर -40 मार्क्स तक के स्टूडेंट काउंसलिंग के लिए काबिल होंगे।

डॉ योगेश वर्मा ने कहा, 'ये सिर्फ और सिर्फ बड़े प्राइवेट कॉलेज को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।'

नीतेश सेहरावत ने भी बताया है कि यह स्टूडेंट्स के लिए कोई काम नहीं कर रही हैं और प्राइवेट कॉलेज की फीस भी नॉर्मल कर गईं।

डॉ अनिल कुमार नायक ने कहा, 'संगठन को शिकायत मिल रही थी कि बहुत सारी सीटें खाली हैं और कट-ऑफ 50 पर्सेंटाइल से कम होने से ये सीटें भरी जा सकती हैं।'
 
नहीं हो सकता कि बड़े प्राइवेट कॉलेज को ही फायदा हुआ हो, लेकिन यह सवाल उठता है कि सरकार ने ये सिर्फ प्राइवेट कॉलेजों के लिए नहीं बनाया है, बल्कि देश के भविष्य के नेताओं, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को तैयार करने के लिए भी। इससे युवाओं की प्रतिभा को उजागर किया जाएगा और हमें देश की आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
 
ਮੈਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵਿੱਚ ਬੜੀਆਂ ਭੁੱਖੰਡ ਹੋਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ। ਇਸ ਨਾਲ ਤਾਂ ਕੁਝ ਬਰਾਬਰੀ ਪ੍ਰਵਾਨਤਾ ਦੀ ਗੱਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਕੁਝ ਬਚਪਨ ਦੇ ਛੋਟੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਵੀ ਖੂਬ ਮਹਿਤਾਪੂਰਣ ਲੱਗਣਗੇ।
 
बिल्कुल सही किया गया! यह तो पूरी तरह से बड़े प्राइवेट कॉलेज को फायदा देने की बात है 🤔। छोटे कॉलेज और सरकारी कॉलेज के लिए यह बहुत ही जरूरी नहीं है, खासकर जब ये सिर्फ जीरो परसेंटाइल की मदद करने के लिए किया गया है 🤷‍♀️। प्राइवेट कॉलेज की फीस भी अब मानक पर आ गई हैं, तो यह क्यों नहीं? 😕
 
मुझे लगता है कि यह सब बड़े प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए है, चाहे हमारा देश कोई छोटा सा खेल दिखाता है। 😐 क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं है? 🤔 बड़े प्राइवेट कॉलेजों में बैठने के लिए कितनी जगह है? और जीरो परसेंटाइल पर -40 मार्क्स तक के छात्र काउंसलिंग कराने से क्या होगा? 🤷‍♂️
 
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बड़े प्राइवेट कॉलेजों को फायदा देने के लिए ऐसा सोच रहे हैं लोग 🤦‍♂️। पैसा कमाने के लिए छात्रों की मदद करने के बजाय, वे बस अपनी जेब भरने की कोशिश कर रहे हैं। और अब ये सीटें भी खाली पड़ गई हैं? यह तो मूर्खता का दमदार प्रदर्शन है 😒
 
भाई, यह तो दिल को टूटने वाला है... क्या ये सरकार सिर्फ प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए ही काम कर रही है? 🤔

कोई बात नहीं, यह तो जरूरी है कि बड़े प्राइवेट कॉलेजों को अच्छे छात्रवृत्तियां दी जाएं, लेकिन सिर्फ उन्हीं को? और छोटे कॉलेजों के छात्रों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है? 😔

कुछ समय पहले, मैंने सुना था कि सरकार ने छोटे कॉलेजों के लिए फीस संबंधी राहत देने की बात कही थी, लेकिन अब यह तो खत्म हो गई है... 🙄

मुझे लगता है कि हमें किसी भी तरह से इस मुद्दे पर जागरूक रहना चाहिए और सरकार से इस पर चर्चा करनी चाहिए। 🔥
 
मेरी राय में, यह सोचने की जरूरत है कि बड़े प्राइवेट कॉलेज कितनी सच्चाई से अपने प्रयासों में लगा हुआ है। देखा जा रहा है कि किसी भी सार्वजनिक प्रयास को छोटे व्यक्तिगत लाभ के लिए बदल दिया जा रहा है, इससे बड़े प्राइवेट कॉलेजों को और भी फायदा होगा।
 
बड़े प्राइवेट कॉलेज को फायदा ही हुआ है यह तो समझ आया 🤦‍♂️। जीरो परसेंटाइल वालों की बात करें, वे काउंसलिंग के लिए तैयार नहीं हैं। इनकी गुणवत्ता को कैसे बढ़ाया जाए? 👀

मुझे लगता है कि सरकार से कुछ पूछने की जरूरत है। शिक्षा में सरकार का हाथ तो दिखाई देना चाहिए। 🤝
 
ਸੋਚ ਕੇ, ਮुझੇ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਆਈ.ਐਸ.ਐਨ. -1 ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਰੀਵਰਤਨ ਕਰਨ ਲਈ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਜਾਣ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਇਹ ਸਾਰੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਲਈ ਫਾਇਦਾਮੰਦ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ।
 
बस यह तो एक बड़ी बात है कि प्राइवेट कॉलेजों को फायदा हो, लेकिन क्या छात्रों को सिर्फ इतना ही मिलेगा? 🤔 कुछ नहीं होगा तो यह सीटें भरने के लिए? कम से कम उन्हें एक छोटी सी राहत देनी चाहिए, जैसे कि ट्यूटर्स या काउंसलिंग की बात करें। लेकिन नहीं, बस इतना ही नहीं 🙄
 
अरे, तो यह जानकारी बिल्कुल गलत है! मेरे दोस्त का बेटा फेसबुक पर पढ़ाई की घोटालों की बात कर रहा था, लेकिन वह सिर्फ बड़े प्राइवेट कॉलेज को दोष दे रहा था। मैंने भी उन्हें बताया कि यह न केवल उनके बच्चे के भविष्य को खतरे में डाल रही है, बल्कि सारे छात्रों को। मेरे घर में तो हमेशा बेटियां पढ़ाई करना चाहती थीं, लेकिन अब उनके पास भी नौकरी के विकल्प कम हो गए हैं।
 
बड़े प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए यह सोचे हुए तो ऐसा क्यों किया गया? स्टूडेंट्स के भविष्य पर ये ऐसी बातें सोचने के लिए तैयार नहीं हैं। प्राइवेट कॉलेजों में जाने के लिए बच्चों के पिता-माता को निरंतर दबाव पड़ता रहता है। इसीलिए वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।
 
अरे ये तो बड़े प्राइवेट कॉलेजों के लिए यही फायदा देख रहे हैं ना, स्टूडेंट्स की परेशानियां सिर्फ़ ख़त्म होती जा रहीं हैं। पहले यह सीटों की कमी और फीस बढ़ने की बात कर रहे थे, अब कह रहे हैं कि ये स्टूडेंट्स की मदद नहीं कर रहा। 🤔
मुझे लगता है कि ऐसे प्रयास करने की जरूरत नहीं है, हमेशा बड़े प्राइवेट कॉलेजों को फायदा देना चाहिए। सरकारी कॉलेजों में सुधार लाने की जरूरत है। 🚫
क्या इस तरह स्टूडेंट्स की मदद नहीं कर सकते? जैसे डॉ योगेश वर्मा ने बताया है, बड़े प्राइवेट कॉलेजों को फायदा देने के लिए। 🤷‍♂️
 
🤔 प्राइवेट कॉलेजों में नंबर भरने का यह तरीका तो बहुत ही रोचक है... लेकिन फिर भी सवाल उठता है कि यह स्टूडेंट्स के लिए क्या कर रहा है? 🤷‍♂️

मेरी राय में यह सिर्फ उन प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है जो बड़ी कमाई करना चाहते हैं। 🤑 और क्या ये छात्रों की मदद कर रहे हैं? 🤔

कुछ लोग कह रहे हैं कि यह स्टूडेंट्स के लिए काम नहीं कर रही है, लेकिन मेरी राय में इसके पीछे कुछ बड़े हितों की बात हो सकती है। 🤝

कुल मिलाकर, यह सब तो एक बड़ा सवाल उठाता है... कि क्या हमारी शिक्षा प्रणाली ठीक से काम कर रही है? 🤔
 
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