कश्मीर में ‘हाइब्रिड टेरर मॉडल’ एक्टिव, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़बुल मुजाहिदीन अपने नेटवर्क से युवाओं को जोड़ने के लिए प्रोपेगैंडा चला रहे हैं। इन मैगज़ीनों में 1992 से फरार आतंकी जहांगीर सरूरी का इंटरव्यू भी है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि इसका मकसद पढ़े-लिखे नौजवानों को टारगेट करना है। मैगज़ीनों के जरिए आतंकियों को आर्मी के ऑपरेशन और आगे की तैयारी की जानकारी दी जा रही है।