यह बिल्कुल सही है कि हमारे देश में तीर्थयात्रियों को भी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। 10 लाख रुपये का इमानदार बीमा स्कीम शुरू करने से तीर्थयात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी समस्या में मदद मिलेगी। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में विभिन्न तीर्थस्थलों को सुधारने पर भी ध्यान देने से यात्रा करने वाले लोगों को अच्छा अनुभव मिलेगा।
मैं समझ नहीं गया कि यात्रियों को 10 लाख रुपये का बीमा देने से वास्तव में उनकी सुरक्षा अच्छी होगी, भाई? और फिर यह कहाँ से पैसे आएगा?
मैंने सुना है कि जम्मू कश्मीर का राज्य सड़कों पर बहुत खराब है, तो बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देने से कुछ अच्छा काम कर सकता है। मुझे लगता है कि अगर हमारे सड़कें अच्छी होंगी, तो यातायात को नियंत्रित करना आसान होगा।
लेकिन फिर भी बोर्ड ने बताया है कि वे इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 अरब रुपये खर्च करेंगे, तो यह अच्छा है? मुझे लगता है कि ये पैसे कहाँ से आएंगे?