मेंटल हेल्थ– पार्टी करता रहा, दोस्त का फोन नहीं उठाया: उस रात उसने आत्महत्या कर ली, क्या दोस्त की मौत का जिम्मेदार मैं हूं?

वो रात उस दोस्त ने आत्महत्या कर ली, क्या मैं उसके दोषी था?

मेरे एक दोस्त छह महीने पहले सुसाइड कर लिया। मैं सेकेंड ईयर पोस्ट ग्रेजुएशन का स्टूडेंट हूं। उस रात उसने मेरे फोन पर कई बार फोन किया, लेकिन मैंने नहीं उठाया। मैं एक दोस्त के रूम में पार्टी कर रहा था। हमारे ग्रुप के दो और लोगों को उसने फोन किया, लेकिन हममें से किसी ने फोन नहीं उठाया।

उस दोस्त अक्सर आधी रात शराब पीकर फोन करता था। हमें लगा कि उसने पी रखी है, फिर दिमाग खाएगा। लेकिन अगले दिन पता चला कि उसने अपने रूम में फांसी लगा ली।

उस घटना को छह महीने बीत गए हैं, लेकिन मैं उस बात को भुला नहीं पा रहा। मैं एक अजीब से गिल्ट में जी रहा हूं। बार-बार लगता है कि अगर मैंने उसका फोन उठा लिया होता तो आज वह जिंदा होता। मैं कई-कई रात सो नहीं पाता। शराब बहुत बढ़ी है। इस गिल्ट से बाहर कैसे निकलूं?

शोक, यादें और पछतावा होना सामान्य मानवीय प्रतिक्रिया है, लेकिन यहां कुछ संकेत बताते हैं कि मामला केवल सामान्य शोक तक सीमित नहीं है।

घटना के छह महीने गुजरने के बाद भी वही वाकया दिमाग में बार-बार घूम रहा है। भीतर कहीं ये एक विचार अटक गया है कि: “मेरी वजह से ऐसा हुआ।”

इस ग्रीफ का असर नींद और सेहत पर पड़ रहा है। दोनों लगातार बिगड़ रही हैं। शराब भी बढ़ गई है। शराब पीना अपने दुख से कोप करने का मुख्य तरीका बन गया है।

शोक किसी अपने की मृत्यु के बाद होने वाली स्वाभाविक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसमें शॉक, सुन्नपन, उदासी, गुस्सा, अपराधबोध, याद और तड़प जैसे सारे मनोभाव प्रकट होते हैं। इनसे गुजरते हुए इंसान धीरे-धीरे एक्सेप्टेंस यानी स्वीकार्यता की ओर बढ़ता है।
 
😔🤕 मैं तो यही सोच रहा था कि कौन जिम्मेदार है, फिर तू ठीक है 🙅‍♂️👍 शुक्रीया तुम्हें अपने फोन उठाने की कोशिश करने के लिए 😊
 
😕 मेरा दोस्त वास्तव में बुरे दिनों से गुजर रहा था, उसकी मृत्यु भी एक अजीब बात है 😔। हमें यह नहीं पता कि वह रात कैसे पास करेगा। अगर मैंने उसका फोन उठाया होता, तो शायद सब कुछ बदल जाता। लेकिन मैं समझता हूं कि उसकी मृत्यु ने मुझे एक अजीब सा गिल्ट दिया है। 🤔 मुझे लगता है कि हमें अपने दुखों से निपटने का एक स्वस्थ तरीका ढूंढना चाहिए, जैसे कि खेल या संगीत की मदद लेना। शराब पीना उसकी मृत्यु को नहीं भर सकता। 🍻
 
मेरे दोस्त की बात समझ आ रही है 🤕। मुझे लगता है कि अगर आप अपने दोस्त ने फोन नहीं उठाया था, तो उनकी स्थिति पहले से अलग हो सकती। लेकिन यह भी सच है कि आपके दोस्त ने कई बार शराब पीने और फोन करने के बाद आत्महत्या कर ली, इसलिए यह एक बहुत ही जटिल मामला है। 🤔

आपको पता है, जब हमें अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों की मृत्यु के बाद सोच-विचार करना पड़ता है, तो यह बहुत मुश्किल हो सकता है। लेकिन यह भी सच है कि हमें अपनी ग्रीफ़ का खुलकर सामना करना चाहिए और उनसे निपटने के तरीके ढूंढने चाहिए। 🤝

कुछ लोग शराब पीने से अपने दुख को भूलने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह सच नहीं है कि शराब हमें अपने दर्द से बचा सकती है। नाहीं, हमें अपने आंतरिक विरोधाभासों का सामना करना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए। 💬

आपको खुलकर बोलने का मौका मिले, तो आपकी ग्रीफ़ से निपटने के तरीके ढूंढने में मदद कर सकता हूँ।
 
मेरी बहुत दुःखद स्थिति तो समझ में आ गई। जब भी मैंने उसके फोन पर कॉल किया, तो वह अक्सर शराब पीने के बाद था। लेकिन अगर हमारा व्यवहार उसके दुख को सही करने की कोशिश नहीं करता है, तो फिर यह गिल्ट और शराब बहुत बढ़ जाती है। मुझे लगता है कि हमें अपने आप को और दूसरों से दूर रखने की कोशिश करनी चाहिए, खासकर जब कोई पीड़ित हो।
 
मैंने देखा कि तुम्हारा दोस्त छह महीने पहले सुसाइड कर लिया था। तुम अभी भी उस बात पर गिल्ट महसूस कर रहे हो। मैं समझ गया, तुमने फोन उठाने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन तुम्हारे दोस्त ने कई बार फोन किया था। शराब पीने से तुम्हारे मन पर बहुत बोझ है। तुम्हें पता है या नहीं, अगर तुमने फोन उठाया होता तो आज वह जिंदा होता।

मैं भी कभी-कभी ऐसा ही महसूस करता हूं, जब मेरे किसी दोस्त ने कुछ गलत किया था। लेकिन मैं समझता हूं कि हमें अपने विचारों पर बाहर न निकलना चाहिए। तुम्हारे मन को शांत करने के लिए योग, ध्यान या संगीत सुनने की कोशिश करो। शराब पीने से तुम्हारे मन पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

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मैं समझ गया कि तुम्हारा दोस्त जिंदा था क्या? तुमने फोन उठाया था क्या? मैंने एक बार सोचा था कि अगर हमें उस दिन फोन उठाना होता, तो शायद वह आज जी रहा होता। लेकिन अब पूरी सच्चाई पता चल गई, और मुझे लगता है कि यही सब हुआ था - यादें बदलने की कोशिश। मैं समझता हूं कि तुम्हारा दोस्त अक्सर फोन करता था, लेकिन तुम्हें पता नहीं था कि वह वो खत्म करने जा रहा था। 🤔
 
अरे, जीने का मक्कार भाई, तुम इतने गंभीर बात कर रहे हो? तुम्हारा दोस्त छह महीने पहले गया, फिर भी तुम आजीवन गहरा दर्द महसूस नहीं कर रहे हो। शोक और पछतावा की बात है, लेकिन यही बात हम सभी को सुननी चाहिए 🤕

तुम्हारे दोस्त ने तुम्हें कई बार फोन किया, लेकिन तुमने नहीं उठाया। उसे तुम जानते हो, वे अक्सर आधी रात शराब पीते थे, तो यह एक बड़ा सवाल है - क्या तुमने उसकी मदद करने की कोशिश की थी? 🤔

तुम्हारी गहराई से महसूस होने वाली गिल्ट, शराब और नींद के मुद्दों को हल करने का तरीका ढूंढ लो। एक दोस्त के रूप में, तुम उनसे जुड़कर और उनकी यादों को साझा करके बेहतर महसूस कर सकते हो। 🌈
 
मेरे दोस्त ने आत्महत्या कर ली, तो वह मुझे कैसे दोषी था? मैंने उसके फोन पर कई बार नहीं उठाया, लेकिन जब उसने पार्टी में अपने दोस्तों से फोन किया, तो हमने नहीं उतरे। यह न तो मेरी गलती थी और न ही मैं उसका जिम्मेदार था। शायद अगर हमने जल्दी से उसका फोन उठाया होता, तो सब कुछ बदल जाता। लेकिन क्या होता अगर हम अपने फोन उठाए नहीं? 😔
 
यह तो बहुत दर्दनाक विडेम्बू देखकर आ रहा है 😭। मैं भी थोड़ा-थोड़ा ऐसा ही महसूस कर सकता हूं जब बातें ये करता हूं। तुम्हारा दोस्त छह महीने पहले कैसे अचानक आत्महत्या कर लिया? तुम्हें लगता है कि अगर तुमने उसका फोन उठाया होता तो आज वह जिंदा होता। यह सोचकर तू भी बहुत दर्द महसूस कर रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तुझे कोई दोष है। तुम्हारे दोस्त ने अपनी आत्महत्या करने में तेरी या किसी और की भूमिका नहीं। तुम बस एक दोस्त थे। 🤗
 
मुझे बहुत दुःख हुआ जब मैंने पढ़ा... दोस्त को आत्महत्या करने के बाद वो अपनी मरज़ के लिए जाने की बात करने लगा था। मैं तो उसके साथ छात्रावास रहता था, मैंने उसे कभी पागल नहीं देखा है... लेकिन उसकी आत्महत्या की बात सुनकर मुझे बहुत अजीब सा गिल्ट महसूस हुआ। शायद अगर मैंने फोन उठाया, तो कुछ भी होता।

अब जब मैं इसके बारे में सोचता हूँ, तो लगता है कि हम दोस्तों में हाथ-हाथ मिलकर सब कुछ कर देते हैं। वह छह महीने पहले क्या कर रहा था, उसकी याद मैं कभी नहीं लेता। पार्टी में शराब पीते थे, तो क्या हमने उसकी जरूरत समझी? इस शोक और गिल्ट से निकलना आसान नहीं है, लेकिन अगर सब कुछ सही तरीके से सीखें, तो इससे हमें सीखने को मिलेगा। 🤕💔
 
मेरी दोस्ती, मैं समझती हूँ कि तुम्हारे मन में गिल्ट और पछतावा है 🤕। हमेशा यह सवाल उठता रहता है कि अगर तुमने उस फोन उठाया होता, तो क्या होता। लेकिन, मेरी बात है, हमें अपने आप को विशेषज्ञ नहीं मानना चाहिए। वह दोस्त अपनी जान गंवा लिया था, और इसके लिए किसी एक की जिम्मेदारी नहीं है। 🙏

मैं तुम्हें बता देती हूँ, शोक और पछतावा बहुत ही सामान्य होते हैं। लेकिन अगर इन भावनाओं में खो जाते हैं, तो यह आपकी नींद और सेहत को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, तुम्हें अपने आप पर ध्यान देना चाहिए और आराम करना चाहिए। और जब भी शराब लें, तो इसे अपने दुख से नहीं कोप करने के तरीके के रूप में समझो। इसके बजाय, तुम्हारे पास ऐसी गतिविधियाँ हों जिनमें तुम शांति और आराम महसूस करो। उदाहरण के लिए, ध्यान या योग करना। यह आपको अपने मन से जुड़ने में मदद करेगा। 🙏

और सबसे महत्वपूर्ण बात, तुम्हारी यादों को स्वीकार करो और उन्हें बनाए रखो, लेकिन उनके साथ खुद को न परेशान करना। वह दोस्त हमेशा आपके साथ रहेगा, और आपको अपने जीवन में आगे बढ़ने की ताकत देगा। 💕
 
मैंने देखा कि तुमने अपने दोस्त को छोड़कर स्वयं शराब खींच ली। यह बहुत भयानक है 🤕। हमें एहसास होना चाहिए कि एक्सेप्टेंस यानी स्वीकार्यता की ओर जाने में दिनों-रात लग सकते हैं। तुम्हारे ग्रीफ का असर नींद और सेहत पर पड़ रहा है, इसका तो बहुत बड़ा असर पड़ेगा अगर तुम इसे सही से नहीं देखोगे।
 
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