मेंटल हेल्थ– पति को बायपोलर डिसऑर्डर है: 12 साल से सेवा कर रही हूं, हर वक्त थकान सी रहती है, मैं डिप्रेस हो रही हूं, क्या करूं

देखभाल की मेहनत से तो व्यक्ति ठीक हो सकता है, लेकिन देखभाल करने वाले खुद मानसिक हेल्थ पर खराब प्रभाव पड़ते रहते हैं।
 
देखभाल करना बहुत जरूरी है जो किसी को भी फायदा पहुंचाता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हम खुद भी ठीक-ठाक हों। मानसिक स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है, और जब हम देखभाल करते हैं तो हमारी मानसिक ऊर्जा कम हो जाती है। ऐसे में हम अपने खुद के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत नहीं?

कुछ लोगों को लगता है कि जब वे किसी को देखभाल करते हैं, तो उनकी जिंदगी में खुशियाँ और संतुष्टि आने लगी, लेकिन वह भी सच नहीं है। हमें अपने खुद के लक्ष्यों और सपनों पर ध्यान रखना चाहिए, न कि दूसरों को देखभाल करने की।
 
तो यार, मैं इस बात पर सोच रहा हूँ कि जब हम दूसरों की मदद करते हैं, तो यह अच्छा लगता है कि हम ठीक और स्वस्थ होने देंगे। लेकिन फिर भी, जो देखभाल कर रहे हैं, वो खुद मानसिक तनाव के पात्र हो जाते हैं। वो इतना परेशान रहते हैं कि वो अपनी मेहनत नहीं करते, अपनी जरूरतें भूल जाते हैं और अपने आप को देखभाल करने से खुद को अलग रखने की कोशिश करते हैं। यही तो देखभाल का सच्चा अर्थ है - हमारी मेहनत से व्यक्ति ठीक हो सकता है, लेकिन देखभाल करने वालों को खुद ही स्वस्थ रखना होता है। 🤝
 
ਦੇਖਭਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਪਰ ਉਸ ਨਾਲ ਆਉਣ ਵਾਲੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਦੇਖਭਾਲ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਉੱਤੇ ਬੜਾ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਦੇਖਭਾਲ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਠੀਕ ਸਥਿਤੀ ਵਿੱਚ ਹੋਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। 💊

ਮੇਰਾ ਦਾਅਵਾ ਹੈ ਕਿ ਦੇਖਭਾਲ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਆਪਣੀ ਮਸੂਈਏ ਜ਼ਬਤ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਅਜਿਹੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਸਹਾਇਤਾ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰ ਸਕਣਗੇ। ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਮਸੂਈਏਆਂ ਨੂੰ ਖ਼ਾਰਿਜ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ।
 
मुझे लगता है कि हमारी समाज में देखभाल और मेहनत की भावना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देखभाल करने वाले खुद भी प्रभावित होते रहते हैं। तो जब हम अपने परिवार और दोस्तों की मदद करते हैं तो हमें खुद को भी सावधान रहना चाहिए।

मेरे अनुसार, हमें यह समझने की जरूरत नहीं है कि अगर हमारा दोस्त या परिवार किसी समस्या में है तो हम उन्हें ठीक कर देते हैं। हमें अपने आप को भी स्वस्थ रखने की जरूरत है, और इससे हम अपने दूसरों की मदद करने में सक्षम होते हैं।

कुछ लोग कहते हैं कि देखभाल करना एक मांग नहीं है, बल्कि यह एक स्वाभाविक बात है। मुझे लगता है कि यह सच है, और हमें अपने आप को भी देखभाल करने की जरूरत है। 🤗👍
 
मेरी राय में यह बात बहुत सच्ची है कि हमारे समाज में देखभाल कराने वालों को भी अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि अगर कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार है तो हम उसे देखभाल करते हैं लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि वह व्यक्ति अपनी ठीक होने की प्रक्रिया में हमें भी मानसिक शोषण नहीं करना चाहिए। हमें उसकी भावनाओं और जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए ताकि वह व्यक्ति निश्चित रूप से ठीक हो सके। लेकिन अगर देखभाल कराने वाला खुद मानसिक स्वास्थ्य पर खराब प्रभाव पड़ता रहता है तो उसकी भी जिंदगी कैसे चलेगी, यह सवाल हमें कभी नहीं आ सकता। 🤕
 
मानसिक स्वास्थ्य की बात करें तो हमें अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन हमें खुद भी अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। #मानसिकस्वास्थ्य जैसे ही हम देखभाल कर रहे हैं उन्हें तो ठीक होना चाहिए, लेकिन हमें खुद अपनी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन करना चाहिए। #आत्महित

कुछ बार मैंने देखा है कि जब हम दूसरों को मदद कर रहे होते हैं, तो हम खुद अपने तनाव और चिंताओं से मुक्त नहीं होते। #समस्याहट ऐसी परिस्थितियां आती हैं जिसमें हमें खुद को संघर्ष करना पड़ता है और दूसरों की मदद करनी होती है। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि हम अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। #आत्मदेखभाल
 
मेरी बात क्या है? यह सच में बहुत ही रोचक है कि हमारे समाज में देखभाल करने वालों को भी अपने खुद के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। मैंने अपने परिवार और दोस्तों के साथ कई बार ऐसा अनुभव किया है जहां वे लोग हमें पूरी तरह से ठीक कर देते हैं, लेकिन खुद मानसिक तनाव का ज़ुल्मू-जुलेमा होता है।
 
मेरा मानना है कि यह बहुत सच्चा कहा गया है। अगर किसी को चिकित्सकीय देखभाल मिले, तो व्यक्ति ठीक हो सकता है, लेकिन अगर वहां कोई मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर नहीं है तो सब कुछ ठीक नहीं है। देखभाल करने वाले खुद भी बहुत परेशान हो जाते हैं और मानसिक स्वास्थ्य पर खराब प्रभाव पड़ता रहता है। मेरी भAINI मुझे हमेशा बताई करती है कि अगर उसका कोई परिवारिक सदस्य ठीक नहीं होता, तो वह खुद परेशान हो जाती। इसीलिए मानसिक स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है।
 
मानसिक स्वास्थ्य की बात करें तो यह बहुत ही महत्वपूर्ण है 🤔, जैसे कि हमारा देश में 'सांस्कृतिक सहायता' की विशेषता है। लेकिन अगर हम सोचेंगे तो देखभाल करने वाले खुद भी थक सकते हैं और तनाव में आ सकते हैं। तो फिर क्या हम अपने मनोरोगी को ठीक कर रहे हैं या नहीं ? 😂, यह एक बुरी तरह से उलट प्रश्न है।

मेरी राय में अगर आप किसी व्यक्ति को देखभाल करने जाते हैं, तो आपको खुद भी तनाव से निपटना होगा। और अगर आप एक पेशेवर चिकित्सक हैं तो आपको अपने मनोरोगी को ठीक करने के लिए आपको बहुत ही मेहनत करनी पड़ती है |, लेकिन देखभाल करते समय खुद भी अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखना जरूरी है।
 
मुझे लगता है की हमें अपने नियोजित जीवन में बदलाव लाना चाहिए। देखभाल करने वाले खुद भी थक नहीं सकते, तो कैसे उम्मीद करें की व्यक्ति ठीक हो जाएगा। हमें यह समझने की जरूरत है की देखभाल करने से न केवल व्यक्ति ठीक होता है, बल्कि देखभाल करने वाला भी अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने की कोशिश करे। हमें अपने परिवार और दोस्तों के लिए समर्थन प्रदान करने की जरूरत है, ताकि वे भी अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें।

मेरे अनुसार, देखभाल करने वाले खुद को थकाए नहीं मानना चाहिए। हमें अपने नियोजित जीवन में बदलाव लाना होगा, जैसे की एक दिन व्यक्ति पर ध्यान केंद्रित करें, और बाकी दिनों में खुद को आराम करना सुनिश्चित करें।
 
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