Maharashtra: पार्षदों से मिलने होटल पहुंचे शिंदे; कहा- महायुति से होगा BMC का मेयर, शिवसेना यूबीटी को भी घेरा

महाराष्ट्र में शिंदे ने नवनिर्वाचित पार्षदों को बधाई दी, कहा महायुति से होगी बीएमसी की मेयर

उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने ताज़ा उत्तराधिकारी यानी नवनिर्वाचित 1794 पार्षदों से मुलाकात की, उन्हें जनता को संभालने का हथियार बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की विकास प्रक्रिया राज्य सरकार और नगर निगम के विकास पर अधिक ध्यान देगी। शिंदे ने साफ निर्देश दिए हैं कि हर वार्ड में स्वच्छता और पानी की समस्या को प्राथमिकता दी, चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाए।
 
शायद नवनिर्वाचित पार्षदों को बधाई देने का काम शिंदे ने अच्छी तरह से कर लिया होगा, फिर भी मुझे लगता है कि शहर की समस्याएं तो बस बढ़ जाएंगी, पानी और स्वच्छता पर वार्डों में ध्यान देने से भी बड़े बदलाव नहीं आएंगे।
 
वाह! ये ताज़ा उत्तराधिकारी राजनेता शिंदे जी को बधाई मिल गई है 🎉, लेकिन चिंता करने वाला बात यह है कि पार्टी की शक्ति और नेतृत्व स्थिर होने का क्या मतलब है? हमें देखकर खुश रहना चाहिए कि शिंदे जी जनता को संभालने का हथियार बता रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी सरकार में बैठे लोग नेतृत्व की ठिकानी समझ और निर्णयों की गहराई पर ध्यान देंगे।
 
शिंदे जी ने ये बात तो अच्छी है, पर मुझे लगता है कि नगर निगम के चुनाव में शिवसेना को बहुत ही मजबूत समर्थन मिला तो उनकी योजनाएं कैसे लागू होंगी? बीएमसी मेयर का पद तो कोई नई परियोजना नहीं है, यह तो बस पार्टी की दुनिया में स्थान बदल गया।
 
मुझे लगता है कि शिंदे जी की बात सच में थोड़ी भ्रामक हो सकती है। कहीं हमारा शहर साफ़ और पानी से भरा नहीं हो सकता। शायद उन्हें लगता है कि लोगों का ध्यान दूर की चीज़ों पर लगन जाए, न कि यहां पर स्थानिक समस्याओं पर। मुझे लगता है कि नगर निगम में स्वच्छता और पानी की समस्या बहुत बड़ी है, लेकिन शिंदे जी नहीं बताए कि वे इस पर कैसे काम करेंगे।
 
[Image of a cartoonish Shinde with a megaphone, waving at the crowd]

[ GIF of a clock ticking, with a " development" stamp on it ]

[ Photo of a person holding a broom and watering can, with a " cleanliness is key" caption ]

[ Meme of a cityscape with a green checkmark, surrounded by "Maharashtra's progress" ]
 
शिंदे द्वारा नवनिर्वाचित पार्षदों को बधाई देने से पहले, मैं तुरंत अपनी राय देना चाहूंगा। शिवाजी महाराज ने कभी भी एक ही नेतृत्व की थी, लेकिन आजकल यह एक अलग बात है। ये नवनिर्वाचित पार्षद अब विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, और शिंदे जी की इस पहल से अच्छा अवसर मिलेगा।

पूरे महाराष्ट्र में, हमें पानी की समस्या, स्वच्छता, और विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर इन सभी क्षेत्रों में ध्यान दिया जाए तो महाराष्ट्र के नागरिकों को सुधार की उम्मीद मिलेगी।

शिंदे जी की रणनीति को ध्यान में रखते हुए, मैं कहूंगा कि अगर वास्तविकता में विकास होगा तो यह एक अच्छी बात होगी, लेकिन अगर यह सिर्फ नाम-रूपी स्थिति बन जाए तो इसका कोई फायदा नहीं होगा।
 
शिंदे जी का यह भाषण मुझे थोड़ा अजीब लगा, चाहे वह सही ही कह रहे हों या नहीं, लेकिन तो उन्होंने 1794 पार्षदों से बात की, जिसमें से कौन से वास्तव में उत्तराधिकारी हैं? और फिर उन्होंने जनता को संभालने का हथियार बताया, लेकिन तो जनता वहीं है जिसे हम सभी चुनते हैं, न कि 1794 व्यक्ति जिनमें से कोई भी पार्षद है।
 
जिंदगी बहुत ही रोमांचक है, ना फिरी? मैंने भी एक बार मुंबई में रोडिसेन्ट की तरह घूमने की कोशिश की, और तो तो साफ-सफाई की समस्या बहुत बड़ी थी। लेकिन शिंदे जी ने कहा कि हर वार्ड में स्वच्छता पर ध्यान देना है, तो मुझे लगा कि यह अच्छा सोच रहे हैं। और पानी की समस्या भी बहुत बड़ी है, लेकिन चरणबद्ध तरीके से विकास करना ही सही है। मैं उम्मीद करता हूं कि महाराष्ट्र सरकार और नगर निगम दोनों मिलकर अच्छा काम करेंगे।
 
महाराष्ट्र में नई सरकार आ गई है तो अब तो सब कुछ अच्छा होना चाहिए! 🙏 एकनाथ शिंदे जी ने नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की और उन्हें जनता को संभालने का हथियार बताया, यह तो बहुत अच्छी बात है! परन्तु, मुझे लगता है कि शिंदे जी ने कहीं विकास प्रक्रिया पर अधिक ध्यान नहीं देने का उल्लेख नहीं किया, जो महाराष्ट्र की विकास प्रक्रिया के लिए बहुत जरूरी है।
 
मुझे लगता है कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत ने बहुत आगे बढ़ा है, लेकिन अब यह समय है कि हम अपनी शहादतों को बरकरार रखें, खुद को और अपने राज्य को सुधारने का प्रयास करें। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एकनाथ जी इतने बड़े विचारक होंगे। उनके द्वारा बताए गए योजना की तेजी से बिड़फ़ात है, लेकिन अगर हम इस पर ध्यान केंद्रित करें, तो शायद मुंबई, पुणे, और नागपुर जैसे शहरों में एक नई जिंदगी देखने को मिले।
 
शिंदे-सरकार का ये फैसला मुझे खुश दिखाया 🤝। अगर वे सत्ता पर हैं तो जरूर उन्हें जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। स्वच्छता और पानी की समस्या निपटाने का मकसद अच्छा है। लेकिन, इसके लिए सरकार को थोड़ी और रचनात्मक बनाई जानी चाहिए। अगर विकास के लिए सरकार सिर्फ पैसा देती रहेगी तो क्या बदलाव होगा? 🤔
 
शिंदे ने सबको बधाई दी, लेकिन सच्चाई यह है कि शिवसेना और महायुति की राजनीति में हर साल चीजें बदलती रहती हैं। पार्षदों को विकास के साथ-साथ जनता को भी देखना चाहिए, न कि सिर्फ अपने वोट बैंक का। पानी और स्वच्छता मुद्दों पर ध्यान देने के अलावा, शहर की समस्याओं को हल करने के लिए एक साथ मिलकर काम करना जरूरी है। 🌆
 
महाराष्ट्र में शिंदे ने नवनिर्वाचित पार्षदों को बधाई दी, कहा महायुति से होगी बीएमसी की मेयर

मुझे लगता है कि एकनाथ शिंदे की योजना बहुत चुनौतीपूर्ण होगी। पहले तो उन्होंने 1794 पार्षदों को संभालने का हथियार कहा, लेकिन फिर विकास पर ध्यान देने की बात की तो मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा लक्ष्य है। मैं नहीं जानता कि ये विकास सिर्फ शिंदे और महायुति का है, या यह राज्य सरकार की ओर भी संभव है?

कुछ समय पहले ही, मैंने लिखा था - "आजादी के बाद ही हमें अपने राष्ट्रीय परिवेश को समझने का मौका मिलेगा।" मुझे लगता है कि यह एक महत्वपूर्ण बात है, जिस पर शिंदे साहब और उनकी टीम को ध्यान देना चाहिए।

मेरा विचार है कि अगर महायुति का उद्देश्य राज्य सरकार और नगर निगम में स्वच्छता और पानी की समस्याओं को हल करने पर आधारित है, तो यह एक बहुत अच्छा विचार होगा। लेकिन, हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ये काम लंबे समय में कराया जाना चाहिए।
 
अरे भाई, शिंदे जी की बात सुनकर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ 😊। महाराष्ट्र को विकसित करने के लिए राज्य सरकार और नगर निगम दोनों पर ध्यान देना अच्छा होगा। लेकिन, चन्द्रमुखी पार्षदों से बोलते समय एक मायने में गलती कर गए। पूरा महाराष्ट्र नहीं तो केवल शहरी इलाकों का विकास करना? 🤔
 
महाराष्ट्र में नवनिर्वाचित 1794 पार्षदों की बात करते हुए, लगता है कि महायुति ने अपने चुनावी घोषणापत्र पर खरी उतरने की हिम्मत की है। एकसाधारण तौर पर, शिंदे जी को उनकी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समर्थन के लिए बधाई देनी चाहिए। लेकिन प्रश्न यह उठना चाहिए कि नवनिर्वाचित पार्षदों को कैसे जानकारी दी जाए कि उनकी राजनीतिक शक्तियों का सही उपयोग करके विकास और सामाजिक समृद्धि की दिशा में क्या किया जाए।
 
इन 1794 पार्षदों में से कौन वाकई जनता के हित में खड़ा है? महाराष्ट्र की बीएमसी मेयर का नाम भी तो एकनाथ शिंदे का नहीं है फिर भी, वह दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार साफ पानी और स्वच्छता पर ध्यान देगी। लेकिन हमें याद रखना चाहिए, मेयर को नहीं बनाने में जीतने वाले में सिर्फ 1794 व्यक्ति ही शामिल थे, और बाकी सब? 🤔
 
शिंदे जी को ताज़ा उत्तराधिकारी मिलने पर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ 🤔, यह सोचते समय कि इन 1794 पार्षदों में से कौन वास्तव में जनता का चिंतन करेगा, और कौन बस अपनी छवि बनाए रखेगा। मुझे लगता है कि स्वच्छता और पानी की समस्याओं पर जोर देना अच्छी शुरुआत है, लेकिन चरणबद्ध तरीके से विकास करने के बारे में हमें और पता चलने की जरूरत।
 
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