मद्रास HC ने बुधवार को कहा है कि तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म के खिलाफ की गईं बातें हेट स्पीच के दायरे में आती हैं।
कोर्ट ने 3 साल पुराने बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बताया था। उनका यह बयान 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में हुआ था।
उदयनिधि ने कहा था, "सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना जैसा है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है।"
इसके साथ ही, उदयनिधि ने कहा है कि उन्होंने कभी भी हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ बोला।
हालांकि, तमिलनाडु में 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाज उठ रही है। उन्होंने कहा है कि वास्तव में, द्रमुक की स्थापना ही उन सिद्धांतों पर हुई थी जो ऐसी सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हैं।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है।
कोर्ट ने 3 साल पुराने बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बताया था। उनका यह बयान 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में हुआ था।
उदयनिधि ने कहा था, "सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना जैसा है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है।"
इसके साथ ही, उदयनिधि ने कहा है कि उन्होंने कभी भी हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ बोला।
हालांकि, तमिलनाडु में 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाज उठ रही है। उन्होंने कहा है कि वास्तव में, द्रमुक की स्थापना ही उन सिद्धांतों पर हुई थी जो ऐसी सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हैं।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है।