मुंबई की लोकल ट्रेन में सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। एक प्रोफेसर आलोक सिंह जैसे नामों वाले यात्री ने लाइन पर ताली बजाकर अपनी यात्रा शुरू की, लेकिन उसके दिल में कुछ और था। उसे पेट में धारदार हथियार रखकर एक अन्य यात्री पर हमला कर दिया गया, जिसकी पहचान उस समय नहीं साफ हुई, लेकिन बाद में पता चला कि वह एक कॉलेज प्रोफेसर था।
यह घटना रेलवे स्टेशन पर हुई, जहां यात्री एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे, जो अपनी ट्रेन में बैठकर सुरक्षित थे। लेकिन जब वह ट्रेन से उतरने लगा, तो उसके साथ ही एक और यात्री ने उस पर हमला कर दिया। रेलवे पुलिस के अनुसार, यह घटना इसलिए हुई कि घटित हुआ विवाद था।
शहीद आलोक सिंह के मृतक होने के बाद उसके साथी यात्री ने अपनी पहचान बताई है, लेकिन अभी तक वह आरोपी नहीं पकड़ पाया है। वह जो रेलवे पुलिस पर ध्यान देने लगी है, वही सवाल उठ रहे हैं। रेलवे स्टेशन में कैसे यह घटना घटी, और ट्रेन में कुछ ऐसा छुपकर गया था, इसकी जांच किया जा रहा है।
शहीद आलोक सिंह की माँ अपने बेटे को अभी भी पूरी तरह समझ नहीं पा सकती, और वह रेलवे पुलिस से न्याय की मांग कर रही हैं।
यह घटना रेलवे स्टेशन पर हुई, जहां यात्री एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे, जो अपनी ट्रेन में बैठकर सुरक्षित थे। लेकिन जब वह ट्रेन से उतरने लगा, तो उसके साथ ही एक और यात्री ने उस पर हमला कर दिया। रेलवे पुलिस के अनुसार, यह घटना इसलिए हुई कि घटित हुआ विवाद था।
शहीद आलोक सिंह के मृतक होने के बाद उसके साथी यात्री ने अपनी पहचान बताई है, लेकिन अभी तक वह आरोपी नहीं पकड़ पाया है। वह जो रेलवे पुलिस पर ध्यान देने लगी है, वही सवाल उठ रहे हैं। रेलवे स्टेशन में कैसे यह घटना घटी, और ट्रेन में कुछ ऐसा छुपकर गया था, इसकी जांच किया जा रहा है।
शहीद आलोक सिंह की माँ अपने बेटे को अभी भी पूरी तरह समझ नहीं पा सकती, और वह रेलवे पुलिस से न्याय की मांग कर रही हैं।