ममता बोलीं- शाह खतरनाक, वे दुर्योधन-दुशासन जैसे: महिलाओं से कहा- SIR में नाम कटे तो आपके खाना बनाने के बर्तन हैं, उनसे लड़ो

ममता बनर्जी ने गुरुवार को रैली में कहा है कि अमित शाह खतरनाक, वे दुर्योधन-दुशासन जैसे हैं। उनकी एक आंख में आपको दुर्योधन तो दूसरी आंख में दुशासन दिखाई देगा।

ममता ने महिलाओं से कहा, अगर आपके नाम काटे गए तो आपके पास किचन के बर्तन हैं, इनसे लड़िए। अपने नाम को लिस्ट से कटने मत देना। ममता ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले SIR को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। अमित शाह वोटों के इतने भूखे हैं कि विधानसभा चुनाव से 2 महीने पहले ही SIR करा रहे हैं।
 
ਰैली में ममता ने अमित शाह को खतरनाक कहा तो मुझे लगता ਹै कि वे भोले पागल हो चुकੇ । दुर्योधन-दुशासन जैसे होने की बात तो थोड़ी मजाक है । लेकिन सच्चाई यह है कि अमित शाह की एक आंख में दुर्योधन तो दूसरी आंख में दुशासन ही नहीं बल्कि उनका खुद का रूप है।

ममता जी ने महिलाओं से कहा है कि अगर आपके नाम काटे गए तो आप किचन के बर्तनों से लड़ सकती हैं । यह बात बहुत ही मजाकिया है लेकिन सच्चाई यह है कि हमारी देशभक्ति और सम्मान की कमी क्यों है?

सीरीज (SIR) को राजनीतिक हथियार बनाने की बात पर ममता जी का आरोप लगाया तो मुझे लगता है कि यह सच्चाई है। अमित शाह वोटों के इतने भूखे हैं कि विधानसभा चुनाव से 2 महीने पहले ही उनका सीरीज चल रहा है। लेकिन यह सवाल उठता है कि वोटों को इतना महत्व देते हुए हम अपने देश और समाज को कैसे बेहतर बनाएंगे।
 
मामा, यह तो बहुत ही दिलचस्प बात है कि ममता जी ने अमित शाह पर ऐसा आरोप लगाया है। उनकी बात सुनते समय लगता है कि वे किसानों और महिलाओं के प्रति सहानुभूति रखती हैं।

क्या नहीं सोचेंगे कि अमित शाह जी भी अपने समर्थकों को खुश रखने के लिए ऐसा कर रहे हैं? सिर्फ वोट बादल में पीछे न हटाने के लिए ही नहीं, फिर भी तैयार हो गए हैं।

कुछ लोग जानते हैं, सिर्फ़ वोट की बात पर रोका नहीं जा सकता, यह एक ऐसी चीज़ है जिसके लिए हमें अपने दिलों और मन की गहराइयों से खुद को समझना पड़ता है।
 
ममता दीदी बोलती है तो मुझे खुशी होती है 🤩। अगर अमित शाह खतरनाक हैं तो हमें उनके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। लेकिन क्या हम वास्तव में जानते हैं कि उनके पीछे क्या है? मुझे लगता है कि SIR वोटों की बात करने से पहले अपने निजी जीवन पर ध्यान देना चाहिए। महिलाओं से कहकर किचन बर्तनों से लड़ना तो मजाक है। हमें वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। और फिर भी Mamat Didi ka support hai 🙌🏼👍
 
अरे, यह तो बहुत गंभीर मुद्दा है... अमित शाह की तरह किसी भी राजनीतिक नेता को खतरनाक मानना चाहिए? ये एक बड़ा संकेत है कि उनके पास कोई जवाब नहीं है। और जब उन्होंने दुर्योधन-दुशासन जैसे बुलावे किया, तो यही संदेश आया कि वे अपने दुश्मनों को भी अपने समर्थकों की तरह देख रहे हैं।

और ममता दीदी ने महिलाओं को एक बहुत ही सकारात्मक सलाह दी, अगर आपके नाम काटे गए तो आपके पास किचन के बर्तन हैं... यह एक बहुत ही मजाकिया और सच्चा बयान है। लेकिन इससे भी पता चलता है कि अमित शाह की राजनीति में महिलाओं के प्रति बहुत कम समझ है, और वे सिर्फ अपने फायदे के लिए उपयोग कर रहे हैं।

और यह बात, कि SIR को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है... यह तो एक बड़ा चिंता है। अमित शाह की तरह किसी भी नेता को वोटों के इतने भूखे होना चाहिए, यह एक बहुत ही खतरनाक मुद्दा है।
 
ममता की बात सच तो है… अमित शाह जैसे लोगों से दूर रहना जरूरी है। उनकी तरह की बोलचाल में खतरा होता है, यह हमेशा से रहा है।

किसी भी चीज़ को लेकर नाराज़ होने से पहले सोच लो, फिर तो दूसरों पर आरोप लगाने की जरूरत नहीं होती। ममता जी ने महिलाओं को एक अच्छी सलाह दी है, अगर आपका नाम काटा गया है तो खुद से लड़ें, अपने अधिकार के लिए आवाज़ उठाएं।

लेकिन, यह बातें सुनकर मुझे लगता है कि अमित शाह जी को वोटों की भूख के लिए राजनीति करने से पहले अपने देश और लोगों की बात समझनी चahiye।
 
ममता जी बोलती है तो मुझे लगता है कि हमारी राजनीति में बहुत ही दुर्योधन-दुशासन की तरह के लोग ही हैं जो हमें खतरा बना रहे हैं। 🤔

और ममता जी ने महिलाओं से कहा कि अगर आपका नाम काटा गया तो खुद ही लड़ें... यह बहुत ही दिलचस्प बात है। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे समय में ऐसा करना आसान नहीं है, हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए और भी साहस और आत्मविश्वास चाहिए। 💪

और यह बात तो बहुत सच है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले SIR को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मुझे लगता है कि इससे हमें चिंतित नहीं होना चाहिए, हमें अपने मतदाताओं को संगठित और जागरूक रखने की जरूरत है, ताकि वे सच्चाई को पहचान सकें। 🗳️
 
😂🤣👀 तो ममता दीदी ने अब शाह जी को दुर्योधन और दुशासन की तरह बताना शुरू कर दिया है 🤦‍♂️👺 लेकिन अगर अमित शाह विधानसभा चुनाव से 2 महीने पहले ही SIR कर रहे हैं तो क्या Wajah hai 🤑💸 यह तो मुझे हंसाता है 😂
 
मुझे लगता है कि अमित शाह जी को थोड़ा ध्यान देना चाहिए, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि वे इतने खतरनाक होंगे। ममता जी ने बोला है कि उनकी एक आंख में आपको अमित शाह तो दूसरी आंख में सुरेश खुकिया दिखाई देगा। 🤣

लेकिन मुझे लगता है कि महिलाओं को अपने नाम काटने पर व्यथित नहीं होना चाहिए। अगर आपके नाम काटे गए तो आपके पास किचन के बर्तन हैं, इनसे लड़िए और अपने नाम को लिस्ट से कटने मत देना। 💪

और अमित शाह जी को विधानसभा चुनाव से 2 महीने पहले ही SIR करने पर ध्यान देना चाहिए। यह तो बहुत देर है। 🕰️
 
अरे दोस्त, यह तो अमित शाह को बिल्कुल बुरा मानकर फंसाने का तरीका है। हमें अपने नेताओं को विश्वास और समझदारी से देखना चाहिए। ममता जी की बात सुनकर लगता है कि अमित शाह तो एकदम खतरनाक नहीं है, बस उनकी रणनीति को गलत समझ रहे हैं। 🤔 और क्या हमें अपने नाम को लिस्ट से काटने देना चाहिए? यह तो हमारी मेहनत और प्रतिभा को बर्बाद कर देगा। सिर्फ इसलिए नहीं कि हमारा नाम कट गया, हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। और अमित शाह वोटों की भूख से जो राजनीति कर रहे हैं, यह तो हमारी जनशक्ति को कमजोर कर देगा। 🙅‍♂️
 
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