ममता सरकार के खिलाफ दलील सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से पहले बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री इमran खान को 800 करोड़ रुपये की लालचीनी से भरी घोटाले में शामिल होने पर मजबूर किया।
कोर्ट ने आगे कहा है कि इस मामले में विशेष जांच समिति की गठित करने और बिहार सरकार को 31 मार्च तक यह रकम देने की कहा, जिसमें से 25 प्रतिशत भाग वास्तविक चोरी हुए धन को वापस लाने के लिए दिया जाएगा। इससे राज्य के खजाने पर तुरंत 10,000 करोड़ रुपये से थोड़़ा ज्यादा और लंबे समय में 42,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर सरकार इस दलील पर सहमत नहीं होती तो समिति को चुनाव से पहले 31 मार्च तक यह रकम लेने का आदेश दिया जाएगा।
कोर्ट ने आगे कहा है कि इस मामले में विशेष जांच समिति की गठित करने और बिहार सरकार को 31 मार्च तक यह रकम देने की कहा, जिसमें से 25 प्रतिशत भाग वास्तविक चोरी हुए धन को वापस लाने के लिए दिया जाएगा। इससे राज्य के खजाने पर तुरंत 10,000 करोड़ रुपये से थोड़़ा ज्यादा और लंबे समय में 42,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर सरकार इस दलील पर सहमत नहीं होती तो समिति को चुनाव से पहले 31 मार्च तक यह रकम लेने का आदेश दिया जाएगा।