नीतीश ने हिजाब खींचा, पति ने नुसरत को कोलकाता भेजा: बाहर निकलने पर पाबंदी, भाई बोले- मजबूरी है, नहीं चाहते मियां-बीवी अलग हों

नीतीश ने हिजाब खींचा, पति ने नुसरत को कोलकाता भेजा: बाहर निकलने पर पाबंदी, भाई बोले- मजबूरी है, नहीं चाहते मियां-बीवी अलग हों

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में डॉ. नुसरत का हिजाब खींचा। इससे पहले उन्होंने नुसरत को जॉइनिंग लेटर दिया, लेकिन वह नहीं पहुंची।

पटना के राजकीय तिब्बी कॉलेज अस्पताल से पढ़ी-लिखी और 32 हजार रुपए की सैलरी पर आयुष डॉक्टर बनने वाली नुसरत, जिसका हिजाब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जॉइनिंग लेटर देते वक्त खींच दिया था। इसके बाद वह मीडिया से बाहर नहीं आई।

नितेश ने डॉ. नुसरत पर हिजाब पहनने की आलोचना की, लेकिन उसके पति डॉ. आसिफ अली खान का दावा है कि नीतीश ने उनकी बेटी को मीडिया से दूर रखा। इसके लिए उन्होंने अपनी बेटी को कोलकाता भेज दिया।

डॉ. आसिफ अली खान ने बताया, 'हम लोग नहीं चाहते कि पति-पत्नी अलग हों। हम चुप हैं इसलिए इस मामले पर कहीं ध्यान देने को तैयार नहीं।'

नीतीश कुमार के अनुयाई कहते हैं, 'नेता कभी भी अपने विचारों को सामने रखते हैं। हमें उनके निर्णय में विश्वास करना चाहिए।'

नीतीश कुमार के खिलाफ लखनऊ, रांची और श्रीनगर में शिकायत दर्ज कराई गई है।
 
🤔 यह सब बहुत अजीब लग रहा है ... नीतीश जी साहब का ऐसा क्या कारण था? पहले पत्नी को जॉइनिंग लेटर देने के बाद हिजाब खींचने का तो मुस्कराया, फिर इतनी गहराई में पड़ गए। नीतीश जी साहब हमेशा अपने विचारों को सामने रखते हैं, लेकिन कभी-कभी यह समझना मुश्किल होता है कि उनकी राय क्यों है। मैं अभी भी इसकी पूरी बात नहीं समझ सकती, बस इतना कहूंगा कि अगर पति और पत्नी अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं, तो साथ में रहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है ... लेकिन देश के नेताओं को जरूर उनकी राय पर ध्यान देना चाहिए। 😬
 
नीतीश कुमार को उनके निर्णयों की आलोचना करना जरूरी नहीं है, बल्कि उनके पीछे की मजबूती और नेतृत्व क्षमता को समझना चाहिए। उन्होंने अपने विचारों को सामने रखा और नुसरत पर हिजाब पहनने की आलोचना की, लेकिन इसके पीछे कारण क्या है? क्या यह एक मामला था जिसमें उन्होंने अपनी राय व्यक्त करनी चाही? और अगर नहीं, तो फिर उनके निर्णय से खेद है या फिर सहमति है?
 
नीतीश जैसे नेताओं को हमेशा उनके निर्णयों से सबसे पहले ध्यान देना चाहिए। क्या वास्तव में डॉ. नुसरत पर उसकी आलोचना थी, या फिर कुछ और हो सकता है? इसके पीछे कौन सी मजबूरी है, यह पता लगाना ज़रूरी है।
 
ਭਾਈ ਇੰਨੀ ਗੱਲ ਕਰ ਜਾਏ ਤਾਂ... 🤔

ਮੈਂ ਸਹਿਮਤ ਨਹੀਂ ਹਾਂ, ਇਹ ਦਰਜ਼ ਅਜਿਹਾ ਕਿਵੇਂ ਮਾਣੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ? ਦਰਜ਼ ਖਿੱਚਣ ਦੀ ਗੱਲ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, ਉਹ ਅਸਲ ਘਟਨਾ ਬਾਰੇ ਕੀ ਜਾਣਦੇ ਹਨ? ਦੁਖ਼ੀ ਤੋਂ ਪਛਤਾਵੇ ਲਈ, ਸਮਝ ਬਿਆਨ ਕਰਨ ਲਈ, ਅਸੀਂ ਕੌਣ ਹਾਂ?

ਉਹਨਾਂ ਦੇਖ਼ਭਾਲ ਵਿੱਚ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਉਹ ਆਪਣੀ ਜਵਾਨੀ ਦੇ ਫ਼ਲਸਫੇ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਕੋਈ ਰੁਕਵਟ ਨਹੀਂ ਪਾ ਸਕਣਗੇ।
 
મારી જણબત નહિં આવે, પણ જો કે એસ.આર.ફ. દ્વારા મુખ્ય ઘટના પહોંચતી જશે, અને ડિસી એક ફાયર વગાડે, તો બધા ઘણા હતા.
 
मैंने देखा है कि नीतीश जी ने डॉ. नुसरत को पाबंदी पर रख दिया है, तो फिर वह तो उसके पति से माफ़ी मांग रहे हैं। यह तो बहुत बुरा है क्या हमारे नेताओं द्वारा अपने नागरिकों को इस तरह प्रभावित किया जाए। मैं सोचता हूं कि अगर एक ऐसी महिला है जो खुद को हिजाब पहनना चाहती है, तो उसे खुद अपना फैसला करना चाहिए, न कि किसी और द्वारा। हमें अपने नेताओं से उम्मीद करनी चाहिए कि वे हमारे अधिकारों की रक्षा करें, न कि उनके राजनीतिक लाभ की वजह से।
 
नेताओं को अपने निर्णय से जिम्मेदार होना चाहिए 🤔। अगर पत्नी का हिजाब खींचने से आप लालचा नहीं आ रहा है, तो इसे एक मौका दें और समझने की कोशिश करें। नीतीश जी को भी इस बात पर विचार करना चाहिए कि उन्होंने क्या कहा और किस कारण से। पार्टियां और सरकारों में ऐसे कई मामले होते हैं जहां लोग ध्यान नहीं देते हैं और जिम्मेदारी नहीं समझते हैं।
 
मुझे यह बात बहुत परेशान करती है कि सरकारी पदों पर रुकने वाला व्यक्ति अपने साथियों को निशाना बना सके। नीतीश जी का क्या काम था? डॉ. नुसरत को मीडिया से बाहर रखने और हिजाब खींचने से उसकी जान नहीं बची। लेकिन जब भाई-बहन अलग हो गए, तो सब ठीक हो गया। यह कैसा समाज है?
 
मेरे दोस्त, तो यह तो बहुत बड़ा मैच हो गया है! नीतीश जी की बात पर नज़र डालें, तो लगता है कि उन्होंने खुद को फंसा लिया है। पहले पत्नी का हिजाब खींच देते हैं और फिर पति को उसकी बेटी को मीडिया से दूर रखने का आरोप लग जाता है! यह तो भाई, यह बहुत बड़ा झगड़ा हो सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह तो नीतीश जी के खिलाफ कुछ छिपा हुआ हो। क्या वास्तव में उन्होंने इस तरह की बात कही? और यह तो पूरी तरह से भाई, यह उनके अनुयायियों को फंसाने का तरीका था। 🤔
 
नीतीश कुमार से नफरत नहीं है, लेकिन उनके विचारों से मन भ्रमित हो जाता है... 😕 पटना की डॉ. नुसरत की कहानी बहुत दुखद है। एक युवा को अपनी पत्नी के हिजाब खींचने के लिए मजबूर किया गया। यही नहीं, उनके पति को भी उसकी बेटी को कोलकाता भेजने के लिए कह दिया गया। यह तो पूरी तरह से गलत है... 🤦‍♂️ हमें अपने नेताओं को चुनने से पहले उनके विचारों और कार्यों को ध्यान में रखना चाहिए।
 
Wow , तो यह बात मुझे बहुत दुखी करती है कि नीतीश जी ने ऐसा कुछ किया। लेकिन याद रखिए, हर किसान मुख्यमंत्री भी होते हैं 😊.
 
क्या ये सच है ना? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत को कोलकाता भेज दिया, इसके बाद वह पब्लिक लीवरेज से निकल नहीं आई। यह तो बहुत ही अजीब बात है ना। मुझे लगता है कि अगर सरकारी नौकरी करने वाली लड़की अपने पति को पसंद करती है, तो उन्हें यहां से निकलने की जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए।
 
तो यह तो बहुत बड़ी बात है ना? नीतीश जी का ऐसा हरकत करने से क्या मतलब है? उनकी पत्नी रहस्यमयी हो गई और उनकी बेटी कोलकाता में डूबने की संभावना है तो फिर भी नीतीश जी नहीं बदल सकते? 🤔

मेरे अनुसार, यह एक बहुत बड़ा विचार-विमर्श है कि अगर सरकारी पद पर फंसी महिला की पत्नी या परिवार को प्रभावित करने की कोशिश में उन्हें अपना स्वार्थ दिखाना चाहिए तो यह नाजुक मुद्दा है। अगर हमें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है तो हमें सोच-विचार कर अपने विकल्प खोजने चाहिए।
 
मैंने सुना था कि नीतीश ने डॉ. नुसरत को हिजाब खींच दिया, लेकिन ये सच नहीं है 🙅‍♂️। वास्तव में जो हुआ था उसकी बात समझने में मुश्किल है। लेकिन यह जरूरी है कि हम सिर्फ तथ्यों पर ही ध्यान दें। नीतीश ने डॉ. नुसरत को पत्र भेजा और उसे एक जॉइनिंग लेटर भी दिया, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद वास्तविक समस्या उत्पन्न हुई। पूरी कहानी तो बहुत जटिल है, लेकिन हमें सिर्फ यह समझना चाहिए कि नीतीश ने डॉ. नुसरत को हिजाब खींच दिया, लेकिन इसका मूल कारण और उसके पति की बातें अलग-अलग हैं।
 
नीतीश को समझना बुरा नहीं है, हम तो सबकुछ सोचते-सोचकर करते हैं 🤔। लेकिन पति-पत्नी अलग होना सुनकर यह अच्छा लगता नहीं है। नीतीश कुमार को अपने विचारों को सामने रखना ठीक है, लेकिन पत्नी को डराने-धमकाना भी गलत है 😬। मुझे लगता है कि नीतीश कुमार को थोड़ा समय मिलें और वह अपने विचारों पर सोचे।
 
मैं तो समझता हूँ कि नितेश जी की बात सुनकर बहुत गुस्सा आ जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि उनका विचार गलत है। उन्होंने डॉ. नुसरत को हिजाब खींचने पर रोक दिया है, लेकिन इसकी वजह से वह पूरा परिवार उसकी सैलरी कम करने के बाद भी नहीं रहा पाया। मुझे लगता है कि उन्हें पता नहीं है कि अपने नेता को यह सुनकर कैसा महसूस होगा जब आप उसकी बेटी को तुमने कोलकाता भेज दिया हो।

मैं समझता हूँ कि नीतीश जी के अनुयाई उनके निर्णय में विश्वास करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह निर्णय गलत था। अगर हम अपने नेताओं से सच्चाई बात करें, तो शायद हमारी देश की समस्याएं हल हो सकती थीं।
 
मेरा देश तो बहुत बड़ा है और हमारे नेताओं को भी बहुत समझदारी चाहिए। लेकिन फिर भी, अगर हमारे नेता हमारे परिवार के खिलाफ ऐसी बातें करते हैं तो शायद उनके पास अपने परिवार के जीवन की समझ नहीं होती। मुझे लगता है कि डॉ. नुसरत और उसके पति को सहानुभूति की जरूरत है।
 
🤐 नीतीश कुमार जी के यह फैसले देखकर मुझे लगता है कि उनके पास कोई समझौता नहीं होता। डॉ. नुसरत पर उनका हिजाब खींचना सिर्फ राजनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि उन्हें पत्नी को मीडिया से दूर रखने की जरूरत महसूस हुई। लेकिन यह तो क्या काम है? अपने नेता पर भरोसा करना चाहिए, या फिर खुद को समझना चाहिए कि जब तक वह ऐसे फैसले लेते हैं तब तक राजनीति उनकी नहीं है।
 
नीतीश जी, तो फिर ये तो आपके द्वारा हिजाब खींचने से पहले पति ने पत्नी को दूर करने की कोशिश की, लेकिन पत्नी तो फिर भी हाल-फुल्ली अपने हाथ में हिजाब लेकर आई। और अब पति-पत्नी अलग-अलग शहरों में रहने लगे... यार, यह तो एक नई मिसाल है! 🤷‍♂️ क्या हालात हैं भारतीय प्रेम कहानियों में, लेकिन ये दोनों तो शायद सबसे अजीब हैं।
 
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