‘नोट ले आना, बैंक की गाड़ी में बदल दूंगा’: 2 हजार के नोट हाथों–हाथ बदल रहे, 50 करोड़ की डील में 22 करोड़ कमीशन

बैंक नोट बदलने वाले माफिया ने दिल्ली पुलिस और आईटी से भी छुपाने का खेल शुरू कर दिया है। बैंक खातों में 2 हजार के नोट जमा करते समय पहचान की जांच नहीं की जा रही है, सिर्फ पता तय करके पैसा लेने जा रहे हैं।
 
अरे भाई, यह बात वास्तव में अजीब लग रही है... और फिर भी, मैं सोचने की कोशिश करूँगा। तो ये माफिया नोट बदलने के लिए क्यों नहीं दिल्ली पुलिस के बीच में रेलेंटेस्ट जैसा खिलवाड़ कर रहे हैं? और पुलिस वास्तव में पता तय करके पैसे लेने की कोशिश करने से क्यों नहीं रोक रही है? दूसरी ओर, यह बात भी सच है कि पुलिस ने पता जानने की जगह पहचान की जांच करने की मुश्किलें से कैसे निकलना चाहिए। मैंने अभी तो ये सुना है कि भारतीय पुलिस अपनी नई ट्रेनिंग पाठ्यक्रम में पता तय करने के लिए ज्यादा ध्यान दे रही है, तो अब यह पता तय करके पैसे निकालने वाले माफिया से लड़ने के लिए तैयार होना चाहिए... लेकिन फिर, क्यों नहीं? 😕
 
नोट बदलने वाले माफिया को पकड़ने के लिए हमें अपनी बैंकिंग सिस्टम को और भी सुरक्षित बनाने की जरूरत है। पहचान की जांच करने से पहले पता तय करके पैसा लेने वाले यह लोग हमारे देश की आर्थिक स्थिरता को खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। 😡

मुझे लगता है कि हमें अपने बैंक खातों और पहचान की जानकारी को बहुत सावधानी से रखने की जरूरत है। अगर पहचान की जांच करने वाले अधिकारियों को पैसा लेने वाले माफिया के नेताओं की पहचान करने में परेशानी हो रही है, तो हमें अपने खातों और पहचान की जानकारी को बहुत सावधानी से रखने की जरूरत है। 📝

इसके अलावा, बैंकों को भी अपने नियमों और प्रक्रियाओं को बदलने की जरूरत है ताकि पहचान की जांच करने वाले अधिकारियों को आसानी से पता लगाने में मदद मिल सके। इससे हमारी आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा बढ़ सकती है। 💰
 
बैंक नोट बदलने वाले माफिया को लगता है कि दिल्ली पुलिस और आईटी पर असर डालने का एक अच्छा तरीका है पता बदलकर छुपाने का खेल शुरू कर देना। लेकिन भाई, यह तो फायदा नहीं होगा, बस धोखाधड़ी बढ़ जाएगी। जैसे ही बैंक खातों में 2 हजार के नोट जमा करते समय पहचान की जांच नहीं की जा रही है, सिर्फ पता तय करके पैसा लेने जा रहे हैं, यह तो बड़े पैमाने पर छापामार व्यवसाय बन गया है। सरकार और पुलिस को अपनी जानकारी और सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है, बाद में हम सभी को अपनी आर्थिक सुरक्षा का ध्यान रखना होगा।
 
भाई, ये बात बहुत गंभीर है! यह माफिया की दोस्ती का मतलब है कि पुलिस और आईटी से भी डरने को मजबूर कर रहे हैं। 2 हजार के नोट जमा करते समय पहचान की जांच नहीं की जा रही तो यह एक बड़ा खतरा है। पता तय करके पैसा लेने जाने से बैंकों और सरकार को बहुत नुकसान पहुंच सकता है।

मुझे लगता है कि इस मामले में नियमों को कड़ा बनाने की जरूरत है। बैंक खातों में पैसे जमा करते समय पहचान की जांच करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पैसा सही व्यक्ति तक पहुंचे। और पुलिस और आईटी को भी इस मामले में अधिक जागरूकता बढ़ानी चाहिए, ताकि वे इन माफियाओं को पकड़ सकें।
 
मैंने देखा है कि बैंक नोट बदलने वाले माफिया को पकड़ने में बहुत मुश्किल हो रही है, लेकिन फिर तो हम यह नहीं कह सकते कि वे अस्तित्व में नहीं हैं। जैसे ही, वे दिल्ली पुलिस और आईटी से भी छुपाने का खेल शुरू कर दिए हैं, लेकिन फिर तो हम यह नहीं कह सकते कि उन्हें पकड़ने में कोई समस्या नहीं है।

मैंने सोचा है कि बैंक खातों में 2 हजार के नोट जमा करते समय पहचान की जांच करना जरूरी है, लेकिन फिर तो हम यह नहीं कह सकते कि यह प्रक्रिया बहुत आसान नहीं है। और अगर पता तय करके पैसा लेने जाने वालों को पकड़ना मुश्किल है, तो फिर तो हमें अपनी सुरक्षा और पहचान की जांच करनी चाहिए।
 
ये बुरी बात है... पुलिस और आईटी को भी नोट बदलने वालों की धुन में फंस गया है। पहचान की जांच नहीं करने से हमारी आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। यह एक बड़ा मुद्दा है और जल्दी से हल होना चाहिए। सरकार को भी इस पर ध्यान देना होगा और ठीक से काम करना होगा।
 
भ्रष्टाचार की यह गंभीर समस्या दिल्ली में भी बढ़ गई है। बैंक खातों में नोट जमा करते समय पहचान की जांच नहीं होना एक बड़ा खतरा है। ये माफिया खेलने वाले लोग अपने डिजिटल फingerprint को छुपाकर अपने पैसे कमाने की कोशिश कर रहे हैं। यह सिर्फ दिल्ली नहीं है, पूरे देश में इस तरह की समस्या है। हमें सरकार और पुलिस को जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे इस समस्या का समाधान निकाल सकें।
 
नोट बदलने वाले माफिया को समझते रहना जरूरी है। अगर पहचान की जांच नहीं की जा रही है तो यह दूसरों के खिलाफ खतरा बन सकता है, न कि सिर्फ उन्हें धमकाते रहना। लेकिन फिर भी, पुलिस और आईटी को अपने काम को चालू रखना चाहिए, ताकि यह नहीं कह दिया जाए कि वे अपने मकसदों से परहेज नहीं कर रहे।

मुझे लगता है कि इसमें सरकार की भूमिका भी जरूरी है, लेकिन अभी बात तो इस बात तक ही है कि नोट बदलने वाले माफिया को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। अगर चिंता का संदेश दिल्ली पुलिस और आईटी के पास पहुंच जाता है, तो यह एक बड़ा सवाल उठना चाहिए। 🤔
 
अरे, यह तो बहुत चिंताजनक बात है 🤔। मैंने भी देखा है कि पुलिस और आईटी से भी नोट बदलने वालों की दुनिया में छुपाने की कोशिश की जा रही है। यह बिल्कुल सही नहीं है, पहचान की जांच करना चाहिए, पता तय करके लेना क्यों? यह कैसे सुरक्षित होगा? 🚫

मुझे लगता है कि हमें अपने बैंक खातों और नोटों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर हमें पता है कि किसने दोहरे पैसे जमा करने का प्रयास कर रहे हैं, तो जल्दी से पुलिस और आईटी को बताना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। 🙏
 
मुझे यह बहुत दुखद है 🤕, जो मafia वाले लोग बैंक खातों में नोट जमा कर रहे हैं वहीं, पुलिस और आईटी से भी छुपाने का खेल कर रहे हैं। पता तय करके पैसा लेने के लिए पहचान की जांच नहीं किया जा रहा है, यह तो कानून के खिलाफ है। मुझे लगता है कि हमें अपनी नज़रें सावधानी से रखनी चाहिए और इन तरह की गतिविधियों का मुंह देखना चाहिए। हमें ताकतवर होने वाली पुलिस और आईटी को अपनी पूरी सहायता करनी चाहिए, जिससे ये लोग नहीं सोचेंगे कि वह छुपाने में कामयाब हो सकते हैं।
 
नोट बदलने वालों को पकड़ने में सरकार बहुत चतुर है। लेकिन हमेशा याद रखें, एक छोटी सी गलती से बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

मुझे लगता है कि अगर हम बैंक खातों में नोट बदलने वालों को पहचानने के लिए स्ट्रांग सिक्योरिटी फीचर्स का इस्तेमाल करें, तो हम उन्हें पकड़ सकते हैं। इसके अलावा, बैंक खातों में 2 हजार के नोट जमा करते समय पहचान की जांच करना भी जरूरी है।

मेरी राय में, अगर हम सरकार और पुलिस को एक साथ मिलाकर इस समस्या पर काम करें, तो हम इसे आसानी से हल कर सकते हैं। हमें अपने बैंक खातों में नोट बदलने वालों को पहचानने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहिए।

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बनटे को वालों की बात समझ में नहीं आई, यार देखो क्या होता अगर मैं अपना पैसा 2 हजार रुपये से भी कम जमा कराऊं? यह तो किसानों का सपना क्यों नहीं हुआ? जान लेने वाले पति-पत्नी के बाद अब पहचान छुपाकर पैसा निकालना तो कुछ और है... मुझे लगता है कि हमें अपने देश को समझने की जरूरत है, क्योंकि अगर ऐसा ही है तो हमारी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जैसी चीजें खतरे में हैं। तो चलिए, लोगों को पता लगाएं और अपने देश की बेहतरी के लिए कुछ करना शुरू करें। 🤦‍♂️
 
बिल्कुल सही लग रहा है 🤔। यह माफिया बैंक नोट बदलने के लिए हमेशा तैयार रहता है, चाहे वह दिल्ली पुलिस या आईटी। अगर पहचान की जांच नहीं होती, तो कैसे पता चलता कि वे अपने स्वदेशी नोटों से बाहरी नोट लेकर आए हैं? यह एक बड़ा मुद्दा है और हमें इसके बारे में जागरूक रहना चाहिए।
 
दिल्ली पुलिस और आईटी को भी यार माफिया के साथ खेलने का मौका देने की जरूरत नहीं क्योंकि ये लोग बहुत ज्यादा रचनाकार हैं ... उनकी चालें तय कर दो। बैंक खातों में 2000 के नोट जमा करते समय पहचान की जांच करना बहुत जरूरी नहीं है और पता तय करके पैसा लेने जाने से क्या गलत होगा। यह तो बैंकों की जरूरत है उन्हें पहचान की जांच करनी चाहिए और अगर कोई 2000 का नोट जमा करता है तो उसकी पहचान नहीं मिल रही है तो हम सब खुद पैसा ले लीजिये।
 
ये तो एक बड़ा मुद्दा है 🤔। बैंक नोट बदलने वाले माफिया को पकड़ना आसान नहीं होगा। सरकार को और भी सख्त नियम बनाने चाहिए ताकि ऐसे लोगों को पकड़ा जा सके। लेकिन, ये एक अच्छा अवसर है कि हमें अपने बैंक खातों की सुरक्षा पर विचार करना होगा। अब हमें और भी सावधान रहना होगा कि अपने खातों में कौन से लोग पैसे जमा कर रहे हैं। सरकार को हमेशा नई नियम बनाकर रखरखाव में रखना चाहिए। इससे हमारी आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी।
 
मुझे यह बात बहुत अजीब लग रही है दिल्ली पुलिस और आईटी को भी इस मामले में शामिल होने की नीयत नहीं रखनी चाहिए। तीन साल पहले जब सरकार ने 500 और 1000 रुपये का नोट बदलने का फैसला किया, तो यह सब बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन अब इस मामले में पुलिस और आईटी शामिल होने से इसकी गंभीरता बढ़ जाती है। हमारे पास इतनी भ्रष्टाचार की राहें हैं, यह बहुत दुखद है 🤕
 
माफिया को इतनी चालाकी से दिल्ली पुलिस और आईटी को भी चक्कर में लगाने का तरीका पता चल गया है यह तो बहुत ही अजीब है। बैंक खातों में नोट जमा करते समय पहचान की जांच नहीं की जा रही है, सिर्फ पता तय करके पैसा लेने जा रहे हैं। इससे बैंक माफिया को बहुत फायदा हो रहा है। हमें इस तरह की समस्याओं का समाधान ढूंढने की जरूरत है ताकि ये खेल खत्म हो जाए।
 
यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है... बैंक खातों में नोट जमा करते समय पहचान की जांच नहीं की जा रही, पता तय करके पैसा लेने जा रहे हैं। यह तो देश के आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। क्यों नोटबंदी के बाद से इनमें से माफियाओं ने अपनी गतिविधियाँ और भी बढ़ा दी हैं।

नोटबंदी के बाद हमने जो छूट देने का फैसला किया, उसका सही मायने नहीं निकाला। अब ये माफियाएं इतने पैसे लेकर जा रही हैं कि उनके लिए क्या भयाल्प परिदृश्य बनता है? हमें इनसे निपटने के लिए और सख्त दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, नहीं तो आर्थिक सुरक्षा की बात में फंसना ही पूरी तरह से सुनिश्चित है। 🤔
 
આ ખेद्यોક્તી ગુજરાને, મહેસૂલને બચવા માટે અધિકારીઓનો પગલુ છે, જ્યાં તેમણે બચવાની આશા કરી હશે... 🙅‍♂️

એટલું સાચું છે, જમણતર નોંધ પણ કરીને પણ શું? અહીં નોટ્સ પચાવવા માટે બેઠા લોકોની દિલથી અનિશ્ચય છે, હું ધમકી પણ આપી શકું છું... 😡

વાત નિર્દોષતાથી નહી, જગમાં ચપળા સફેદ કડકનો ખેલ છે.
 
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