National Voters Day: वोटर्स डे पर Vote Chori-SIR का जिक्र, खरगे ने चुनाव आयोग को लेकर कह दी बड़ी बात

वोटर्स डे पर वोट चोरी सिर का जिक्र, खरगे ने चुनाव आयोग को लेकर कह दी बड़ी बात।

सामाजिक सुधार मंत्री मल्लिकार्जन खARGE ने आज देशभर में मनाये जा रहे राष्ट्रीय वोटर्स डे पर अपने विशेष पत्र में चुनाव आयोग को लेकर कुछ गंभीर बातों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "वोटर्स डे की याद में हमें वोट की मूल स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करनी चाहिए, ताकि लोकतंत्र जीवित रहे।"

खरगे ने आगे बताया, "हाल ही में, चुनाव आयोग जैसे हमारे संस्थानों ने लगातार दबाव का सामना किया है। इसी कारण, यह हमारी गंभीर जिम्मेदारी है कि हम उनकी स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करें।"

उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग को लेकर कोई भी नीति या कानून बनाते समय, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वह संस्था हमारे देश की गहरी जड़ों में जुड़ी हुई है। इसकी रक्षा करना चाहिए और उसकी अखंडता को बनाए रखना चाहिए।"

खरगे ने यह भी कहा, "वोटर्स डे पर हमें वोट की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी की खोज करनी चाहिए, ताकि हम अपने देश को एक बेहतर भविष्य की ओर ले सकें।"

इस पोस्ट में, खरगे ने यह भी कहा, "वोटर्स डे पर हमें अपने स्वादिस्चार और जिम्मेदारी के साथ वोट करना चाहिए, ताकि हम अपने देश को एक बेहतर भविष्य की ओर ले सकें।"
 
क्या लगता है यह सब वोटर्स डे पर चुनाव आयोग के लिए पूरी तरह से यादगार होना चाहिए, तो भी इतनी गंभीर बातें निकल रही हैं। अगर हम वोट की मूल स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करना चाहते हैं, तो हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। लेकिन, यह एक सवाल है कि हमारी सरकार या चुनाव आयोग कैसे स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है? 🤔

कुछ मामलों में लगता है कि वोटर्स डे पर इतनी बड़ी बातें कह दी जा रही हैं, लेकिन क्या इसके पीछे कोई स्थिर योजना है? हमें अपने चुनाव सिस्टम को और भी मजबूत बनाने के तरीके तलाशने चाहिए, ताकि वोटर्स की आवाज़ शांतिपूर्वक सुनी जा सके। 💬
 
बोलो, खरगे ने चुनाव आयोग को लेकर बोला है, तो पहले मैंने सोचा कि वाह, ये लड़का तो सच्चाई बोल रहा है 🤣 परंतु फिर मैंने सोचा, यह तो बस एक मजाक है, खरगे ने चुनाव आयोग की समस्याओं की बात नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने खाली मन का व्यक्त करने की कोशिश की। और फिर मैंने सोचा, हां, यह तो खरगे की बात है, जो हमेशा चुनाव आयोग की समस्याओं पर बोलते रहते हैं। लेकिन वास्तव में लोगों को लगता है कि यह समस्या बहुत गंभीर नहीं है।
 
मुझे लगा कि चुनाव आयोग की बात में खरगे जी ने बहुत सही कहा। वोटर्स डे पर मतदान करना तो जरूरी है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि हमारे चुनाव प्रणाली अच्छी-खासी नहीं हुई। अगर चुनाव आयोग अच्छी तरह से काम कर रहा है तो किसी को मतदान करने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

मुझे लगा कि सरकार और चुनाव आयोग को मिलकर कुछ कदम उठाने चाहिए जिससे वोट चोरी सिर पर काम करे। इसके लिए हमें वोटर्स डे पर मतदान करने की प्रवृत्ति बनाए रखनी है और साथ ही सरकार और चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा मतपत्र सच्चाई पर चले।
 
बात तो हो गई, मतदान में गलतियां होने का मामला तो लगातार होता रहता है, लगता है कि चुनाव आयोग पर निगरानी रखना जरूरी है। लेकिन यहाँ सरकार और चुनाव आयोग को लेकर भी बहुत प्रश्न उठने की जरूरत है, मतदाताओं को सूचित करने में भी धैर्य रखने की जरूरत है ताकि उन्हें गलत जानकारी नहीं देने दी जाए। और यह सच है कि हमारे देश में चुनावों की सफलता के लिए बहुत सारी बातें सही होनी चाहिए, ताकि मतदान की प्रक्रिया साफ-सफाई से चल सके।
 
वोटर्स डे पर तो मुझे लगता है कि याद है कि नीतिश चंद्रबोस के सामने वोटों की गिनती कर रहे थे, और फिर भी इतने सवाल उठते हैं... 🤔 क्या सच्चाई कैसे लोकतंत्र में आ जाए? हमारी चुनाव आयोग ने तो बहुत से दोषों से छुटकारा पाने के बाद भी अभी भी ये समस्या बनी हुई है... 🤷‍♂️
 
वोटर्स डे पर जिस तरह बोल रहे हैं खarge, और उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कह दिया है बड़ी बात, तो मुझे लगता है कि वो अपने विशेष पत्र में तो फुलकपाल छुपा देने लगे हैं। वोटर्स डे पर वोट चोरी सिर का जिक्र करना और कह दिया है बड़ी बात, बस इतना ही? 🤣

चुनाव आयोग को लेकर खarge ने बहुत गंभीर बातें कही, लेकिन मुझे लगता है कि वो अपने पार्टी से जुड़े लोगों के दबाव से बोल रहे हैं। चुनाव आयोग को लेकर कोई भी नीति या कानून बनाते समय, इसकी रक्षा करना और अखंडता को बनाए रखना जरूरी है, लेकिन खarge ने बस इतना कह दिया है बड़ी बात। 😒

वोटर्स डे पर वोट की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी की खोज करना भी अच्छा विचार है, लेकिन मुझे लगता है कि खARGE ने बस इतना कह दिया है बड़ी बात, और फिर चल दिए। 🤪

मुझे लगता है कि खरगे ने इस वोटर्स डे पर अपने पत्र में तो बहुत सारा शोर मचाया, लेकिन वास्तविकता को कभी नहीं चाहता। वोटर्स डे पर वोट चोरी सिर का जिक्र करना और कह दिया है बड़ी बात, बस इतना ही! 🤪
 
कई दिनों बाद भी यह मामला फैल गया, लेकिन शायद अब ही सच्चाई सामने आ रही है। चुनाव आयोग को लेकर बहुत सारी गलतियाँ हुईं, और इसके परिणामस्वरूप वोटर्स डे की याद में एक बड़ा खुलासा हुआ। खरगे जी ने बिल्कुल सही कहा, चुनाव आयोग को लेकर कोई भी नीति या कानून बनाते समय, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वह संस्था हमारे देश की गहरी जड़ों में जुड़ी हुई है।

मुझे लगता है कि चुनाव आयोग को लेकर और भी जानकारी निकल सकती है, और फिर से इस मामले का नया मोड़ दिखाई दे सकता है।
 
बोलो, ये चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों का काम कितना अच्छा है? वे वोट चोरी के मामले में बहुत देर से दिखते हैं और फिर भी उनके पास कोई जवाब नहीं है। यह एक बड़ी समस्या है और इसका समाधान जल्दी होना चाहिए।
 
वोटर्स डे पर यह बात मानी जाए कि चुनाव आयोग को भारी दबाव आ रहा है 🤯, तो हमें जरूर सोचना चाहिए कि हम अपने देश की गहरी जड़ों की रक्षा कर रहे हैं या नहीं 🙏। यह संस्था बहुत ही महत्वपूर्ण है और उसकी अखंडता को बनाए रखना जरूरी है। मुझे लगता है कि हमें अपने वोट की जिम्मेदारी और स्वतंत्रता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि हम अपने देश को एक बेहतर भविष्य की ओर ले सकें। और अगर हम अपने स्वादिस्चर और जिम्मेदारी से वोट करेंगे, तो ही हम अपने देश को बेहतर बना पाएंगे।
 
बोलते हुए देखा में वोटर्स डे पर चुनाव आयोग का जिक्र करने वालों को, अगर उनकी बात सुनने की दिशा तो है, तो उनके बोलों में यह भी सवाल उठता है कि हमारे पास वोट की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए सही नीतियाँ और कानून हैं या नहीं।

अगर हमारे देश में वोट को एक मज़दूरी की तरह नहीं देखा जाता, तो शायद वोटर्स डे पर इतनी बातें करने की जरूरत न होती। लेकिन अगर वोट की स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करने की बात सच्ची है, तो हमें यह सोचना होगा कि हमारी नीतियाँ और कानून कितनी प्रभावी हैं और क्या वे वोटर्स डे पर लाए गए मक़सद को पूरा कर सकते हैं।

वोटर्स डे पर बातें करने से पहले, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वोटर्स डे एक अवसर है जिससे हम अपने देश की भविष्य की दिशा में ले जाने की सोच सकते हैं। इसलिए, चुनाव आयोग को लेकर बातें करने से पहले, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी नीतियाँ और कानून वोटर्स डे पर एक दूसरे की खोज करने के बजाय, वोट की स्वतंत्रता और अखंडता को पूरा करने की ओर मिलें हैं।
 
भाई, यह सवाल है कि चुनाव आयोग भी मानवता नहीं है? यह तो सही है कि वे बहुत जिम्मेदारी, लेकिन अगर वे लोग चोरी करने को तैयार हैं तो फिर क्या हम उनकी देखभाल कर सकते हैं? मुझे लगता है कि जरूरत है कि हमें चुनाव आयोग को एक अलग स्तर पर रखा जाए, जहां वे अपने काम को सही ढंग से कर सकें।
 
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