नई जिंदगी शुरू करने आए थे, 16वीं मंजिल से गिरे और जीवन खत्म! यूरोप से पढ़ कर भारत लौटा था 26 साल का इंजीनियर

बेंगलुरु में 3 जनवरी रात एक गंभीर घटना हुई, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर शार्मिला की जान गई। वह आईटी कंपनी एक्सेंचर में काम करती थी। शार्मिला की उम्र 34 वर्ष थी, वह अपने परिवार को भी चोट पहुंचा देगी।

शार्मिला की मौत के पीछे कारणों की जांच होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि शार्मिला ने अपने परिवार से ब्रेकअप कर लिया था, लेकिन इसका फायदा उनके पति को नहीं मिला।

शर्मिला की मृत्यु की घटना जब हुई, वह अपने घर में अकेली थी। रात करीब 10:30 बजे मकान मालिक विजयेंद्र ने घर से धुआं निकलते देखा और तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई। पूरा घर धुए से भर गया।

आग पर काबू पाने के बाद, शार्मिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी मौत घोषित कर दी।

यह एक दुखद घटना है, जिसने शार्मिला और उनके परिवार को बहुत दर्द पहुंचाया है।
 
बेंगलुरु में ऐसी कई घटनाएं होती रहती हैं जहां लोगों की जान जाती है और उन्हें अकेलापन निकलता है... शार्मिला जी की बात कर रहे हैं तो उनकी मौत से बहुत दर्द हुआ, लेकिन लगता है कि उनकी परिस्थितियां इतनी खराब थीं कि वे इस दुनिया से चली गईं। पुलिस की जानकारी के अनुसार उनका पति उसके परिवार से मिलने नहीं आया, और वह अकेला घर में रह गया। यह तो एक बहुत ही दर्दनाक घटना है।
 
शर्मिला की बात है तो यह बहुत दर्दनाक है, मेरे दिल में भी गहरी चोट लगी। शायद वह अपने रिश्तों से छुटकारा पाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ऐसे में कैसे जी सकती है? उसकी उम्र तो कुछ नहीं थी, बस 34 वर्ष। और वाह, वह अपने परिवार को भी इतनी दर्द पहुंचा देगी। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे पास जिंदगी में खुशियों और दुखों का संतुलन रखने का कैसे तरीका है?
 
शार्मिला की मृत्यु की गंभीरता से पूरा बेंगलुरु दुखी है। मुझे लगता है कि यह घटना हमें एक दूसरे के प्रति अधिक संवेदनशील बनानी चाहिए। शार्मिला को पता था और वह भी एक परिवार की सदस्य थी।

मैं याद करता हूँ मेरी बचपन की बातें, जब हमारे घर में कभी भी आग लगने का खतरा नहीं था। लेकिन आज का समय तेजी से बदल रहा है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं कभी भी हो नahi जाएं। पुलिस और आग बुझाने वाले स्वास्थ्यकर समाधान ढूंढें।

शार्मिला की मृत्यु एक दुखद याद रहेगी, लेकिन हमें यह सीखने को मिलता है कि हमारे पास जीवन को बचाने और मदद करने के तरीके बहुत सारे हैं।
 
शर्मिला की मौत बहुत दुखद सुनकर मुझे भी बेहोशी हो गई 🤯। वह एक जानलेवा घटना में शामिल होने वालों की गिनती बढ़ाने वाली तीसरी महिला बन गई है। शार्मिला के पति और परिवार को यह दुख बहुत भारी होगा, जो पहले ही बहुत कठिन समय से गुजर रहे थे। मैं उम्मीद करता हूं कि शार्मिला की मौत के पीछे कारणों की जांच अच्छी तरह से होगी और उसके परिवार को न्याय मिलेगा।
 
ਅੱਖੀਂ ਦੰਗ, ਹਾਲਤ ਕੇਵਲ ਉਹ ਬੰਦ ਹੈ। 34 ਸਾਲ ਦੀ ਯੁਵਾ ਜੀਵਨ ਚਲ ਜਾਣ ਨਾਲ ਕਿੰਨਾ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੋ ਗਈ? 🤔

ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਾ ਆਰੰਭ ਸ਼ਰਮਿਲਾ ਦੇ ਬ੍ਰੈਕ-ਅੱਪ ਨਾਲ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਉਹ ਜੀਵਨ ਤੋਂ ਖੁੰਝਣ ਦੇ ਮੱਥੇ 'ਤੇ ਖ਼ਟਕ ਲਾ ਸਕਦੀ ਹੈ। 💔

ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਖੁੰਝਣ ਵਿੱਚ ਜੋ ਨਹੀਂ ਬਣਦਾ, ਉਹ ਕਿੰਨਾ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ? 😔

ਆਪਣੇ ਗੁਰੂਆਂ, ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਮਿੱਤਰਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। 💕

ਸ਼ਰਮਿਲਾ, ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ 'ਚ ਜੋ ਵੀ ਤੁਸੀਂ ਸਿੱਖ ਲਈ, ਉਹ ਕਿਹਾ ਨਹੀਂ, ਇਹ ਜ਼ਰੂਰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। 🙏
 
मुझे यह सुनकर बेहद दुःख हुआ 🤕, एक युवती जिनकी जान गई, ऐसा निश्चित रूप से उनके परिवार को बहुत मुश्किल होगी। मैं शायद ही किसी को यह कभी नहीं पता कर पाऊंगा, कि अपने देश में इतनी बेकार क्यों होती है। हमारे शहर में सड़कें साफ नहीं हैं, लोग अपने गाड़ी से चट्टान पर टकराते हैं और फिर पुलिस नहीं मानती। यह तो एक अलग देश है जहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान भी नहीं मानी जाती। शायद उनकी पत्नी को मुश्किल होगी, वह अकेले प्यार कर रही थी।
 
शर्मिला की मौत सुनकर मुझे लगता है कि हमें अपनी दैनिक जिंदगी में थोड़ा सा खुलापन लेने की जरूरत है। यह घटना निश्चित रूप से एक दुखद मौका है, लेकिन अगर हम इसका फायदा उठाकर अपने परिवारों और दोस्तों के प्रति अधिक सहानुभूति रखें, तो शायद कुछ सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं
 
शर्मिला की मृत्यु की बात सुनकर मुझे बहुत दुःख हुआ 😔। जान कर उसे विरासत में नहीं छोड़नी चाहिए, उसके परिवार को मदद करनी चाहिए। शर्मिला ने कितनी सफलता प्राप्त की थी, उनकी कहानी पढ़कर बहुत प्रेरित होता है 💪। शार्मिला की मौत के पीछे कारणों की जांच करना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।

शर्मिला की मृत्यु की घटना को देखकर हमें सोचने पर मजबूर होना चाहिए, कि हमारे आसपास कैसी स्थिति बनती है 🤔। कितने लोग अपने परिवार को छोड़ कर जाने लगते हैं, और फिर उनके पति/पत्नी को अकेला रहना पड़ता है। यह एक बड़ा समस्या है, और हमें इसके बारे में सोचना चाहिए।

शर्मिला की मृत्यु की घटना ने मुझे बहुत उदास कर दिया 😢। लेकिन अगर हम इसे एक सीख बनाएंगे, तो यह हमें आगे बढ़ने में मदद करेगी।
 
मुझे बहुत दुःख हुआ तो इस घटना। शार्मिला जी की मौत एक गहरी आड़ी है 🤕। पुलिस का कहना है कि उनकी मौत का कारण उनके परिवार से ब्रेकअप होना, लेकिन यह तो बहुत दुखद है। विजयेंद्र जी ने अच्छे से अपनी जिम्मेदारी की, घटना को जल्दी से पता लगाने और आग पर काबू पाने में। शायद अगर शार्मिला जी को कुछ समय चाहिए होता, तो यह सभी मुश्किलों से निकल सकते।

आज मैं सिर्फ अपने दुःख व्यक्त कर रहा हूं, लेकिन हमें एक साथ सोचकर आगे बढ़ना चाहिए। शार्मिला जी को उनके परिवार और समाज को बहुत प्यार और समर्थन मिले।
 
शर्मिला जी की मृत्यु सुनकर तो फिर भी दिल खेद होता है 🤕। लेकिन ऐसी घटनाओं की जांच होनी चाहिए, क्योंकि उनके पीछे कोई बड़ा कारण नहीं हो सकता। शायद वे अपने परिवार से बात नहीं कर सकी, या कुछ और भी। हमें सभी के लिए दयालुता और समझदारी रखनी चाहिए, जैसा हम अपने दोस्तों के साथ करते हैं।
 
शर्मिला की मृत्यु एक बड़ा झटका है हमारे समाज के लिए। क्या थोड़े से ब्रेकअप के लिए इतनी जिंदगी खत्म कर देना चाहिए? कोई जवाब नहीं है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने परिवार और प्रियजनों के प्रति कितना ध्यान देते हैं। शायद अगर वह थोड़ी सी मदद मिल जाती, तो यह सब नहीं होता। अब उसके परिवार को शोक में रहना पड़ रहा है और हम सभी उनके लिए प्रियजन हैं।
 
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