Noida Engineer Death: अब चरित्र हत्या की साजिश, पार्टी में युवराज का वीडियो जारी कर नई कहानी गढ़ने की कोशिश

नोएडा में इंजीनियर की हत्या के दिन बाद, पुलिस ने एक नया मोड़ लेने की कोशिश की है। पार्टी वीडियो जारी करने से पहले पुलिस और प्रशासन ने अपनी चुप्पी तोड़ने की कोशिश की।

पुलिस ने एक 38 सेकंड का वीडियो जारी किया है, जिसमें युवराज मेहता, जिसकी अकाल मौत हुई थी, गुरुग्राम स्थित क्लब में पार्टी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में कंपनी के 49 लोग शामिल हुए थे। यह साफ नहीं है कि पार्टी कंपनी की ओर से आयोजित की गई थी या दोस्तों ने स्वयं की थी।

पुलिस और प्रशासन में एक सवाल उठता है: युवराज की हत्या के दिन, जब वह अपने जीवन को बचाने के लिए गाड़ी चल रहे थे, तो क्यों पार्टी वीडियो जारी कर रहे हैं? इसका उद्देश्य यह नहीं है कि हमें उनकी दुर्घटना का मूल कारण समझने का मौका मिले।

सोशल मीडिया पर वायरल होने से पहले इस वीडियो ने लोगों को प्रभावित किया था। लोगों ने एक्स पर लिखा: "अपनी कुर्सी बचाने के लिए अधिकारियों की ओर से अब इस तरह के वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, ताकि जांच की दिशा को नया मोड़ दिया जा सके।"

इस हत्या के पीछे का कारण अभी भी साफ नहीं है। यह पता लगाना जरूरी है कि युवराज की हत्या कैसे हुई, और उसके परिवार को न्याय मिले।
 
🤕😔 नोएडा में इंजीनियर की हत्या तो हुआ है, लेकिन पुलिस अभी भी इस मामले का खाकनाफा नहीं बना पा रही है। 🤔 क्या पार्टी वीडियो वायरल करने से देरी हुई जांच करेगी? 🕰️ युवराज की हत्या के पीछे का सच क्या है? 🤐 पुलिस और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। 👮‍♂️😡
 
वो वीडियो बहुत ही रोचक है 🤔, पुलिस वालों की गिरने से पहले ऐसा वीडियो सामने नहीं आया था और यह बहुत ही चिंताजनक है। वाह, पुलिस वालों ने बिल्कुल सही दिशा में कदम रखा है और इस हत्या के पीछे का सच जल्द से जल्द सामने आ जाएगा। 🕵️‍♂️
 
ये तो पुलिस की रणनीति है, बिल्कुल! वे देखना चाहते हैं कि लोगों का ध्यान इस हत्या से हट जाए। लेकिन ये सोचते हुए भी, कुछ सवाल उठने चाहिए - यह तो एक 38 सेकंड का वीडियो है! यह तो पार्टी के बाद के फोटो या फुटेज है, न कि हत्या के दिन का। मुझे लगता है कि लोगों को जांच के तरीके से भ्रमित किया जा रहा है। और सबसे बड़ी बात, यह वीडियो तो सोशल मीडिया पर वायरल होने से पहले ही जारी कर दिया गया था, न कि हत्या के दिन।
 
मुझे यह वीडियो देखने में दर्द हुआ। पुलिस और प्रशासन सोचते हैं कि हमें जांच की दिशा बदलने के लिए इसे वायरल करने की जरूरत है। लेकिन याद रखें, एक इंसान की जान को समझने में समय लगता है। 🙏

मुझे लगता है कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करने से पहले पुलिस ने खुद अपनी गलती पहचान ली है। अब यह सवाल उठता है कि क्या हमें उनके जीवन को समझने का मौका मिल रहा है? या फिर इसे एक बड़ी चाल थी, ताकि पुलिस की ओर से कुछ छुपाया जा सके।

युवराज की मौत एक दर्दनाक घटना है, और इसके पीछे का कारण अभी भी साफ नहीं है। हमें उस समय को समझने की जरूरत है, जब वो अपने जीवन को बचाने के लिए गाड़ी चल रहे थे।

मुझे उम्मीद है कि पुलिस और प्रशासन अब इस मामले को ईमानदारी से जांचेंगे, और युवराज के परिवार को न्याय मिलेगा। 🤞
 
ये तो बहुत भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। पुलिस और प्रशासन की चुप्पी तोड़ने के लिए एक वीडियो जारी करना? यह तो युवराज की हत्या के बाद भी उनके परिवार को न्याय मिलने की संभावना नहीं बढ़ा रहा। और सबसे बड़ी बात, इस वीडियो में कंपनी के लोगों को भी शामिल है, यह तो उनके खिलाफ अभी भी कुछ नहीं कर पाये। नोएडा में इंजीनियर की हत्या के बाद भी कोई सबक सीखने का मौका नहीं मिल रहा।
 
😔 वीडियो जारी करने का मतलब यह नहीं है कि हमें पार्टी से जुड़े लोगों को फायदा होने दें। युवराज की हत्या एक गंभीर घटना थी, और इसके पीछे का कारण अभी भी साफ नहीं है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमें इस वीडियो के बाद से जांच में देरी न हो।
 
मुझे लगता है कि पुलिस को अपनी रणनीति से पहले कुछ नहीं सोचा था। वीडियो जारी करने से पहले उन्हें यह सोचना चाहिए था कि उनकी हर क्रिया से परिवार और समाज कैसा प्रभावित होगा। अब जब वीडियो वायरल हुआ है, तो लोगों में एक सवाल उठ रहा है: यह वीडियो सिर्फ जांच की दिशा बदलने के लिए नहीं है, बल्कि युवराज की हत्या को फिर से राजनीति का उपहार बनाने के लिए भी।
 
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