मेरे दोस्त, बजट से हमारे देश के भविष्य की बात करो तो मुझे लगता है कि यह सब कुछ धुंधला ही है। रिजर्व बैंक की आर्थिक नीतियों में परिवर्तन आ रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब अच्छे विकल्प नहीं हैं। बजट से हमारे देश को तीन बड़े विकल्प मिले हैं - पहला विकल्प है जीएसटी में कटौती, दूसरा विकल्प है बैंकों को अधिक पैसा देना, और तीसरा विकल्प है सरकार को अपने खर्चों को कम करना। लेकिन मुझे लगता है कि इनमें से कोई भी विकल्प नहीं है, अगर हम पहले से ही पैसा निकालने वाली योजनाओं में लगा रहे हैं।
मेरी तो याद आती है जब अरुण जेटली के बजट में उन्होंने 50,000 रुपये की नई नौकरी पर रोजगार प्रतिष्ठान घोषणा की थी, लेकिन आज तक हमारे देश में यह रोजगार नहीं हुआ।
मुझे लगता है कि बजट साल 2023-24 में कुछ अच्छा नहीं है।