पंजाब में AAP विधायकों ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किल: भराज बोलीं- हमारे बीच के लोगों ने भुक्की-शराब बेची; दयालपुरा का ₹31 लाख तक ऑफर - Ludhiana News

पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने पार्टी के आगे मुश्किलें बढ़ाई हैं। संगरूर से विधायक नरिंदर कौर भराज ने कहा है कि उनके बीच के लोग भुक्की-नाजायज शराब बेचते हैं। वहीं दूसरे विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने अपने बयान में कहा है कि वह जो पंचायत हलका समराला में सबसे अधिक वोट से आम आदमी पार्टी को जिताएगी, उसे 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि दूंगा।

पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में AAP के इन दोनों विधायकों ने अपने बयान से पार्टी के आगे मुश्किलें बढ़ाई हैं। उनके बयान से यह सवाल उठता है कि अगर आम आदमी पार्टी जीतने के लिए इन विधायकों द्वारा क्या ऑफर दिया जा रहा है।

MLA भराज ने कहा है कि उनके बीच के लोग भुक्की-नाजायज शराब बेचते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार से दाएं-बाएं से काम लेते हुए आजाद चुनाव लड़ रहे हैं।

MLA दयालपुरा ने अपने बयान में कहा है कि वह जो पंचायत हलका समराला में सबसे अधिक वोट से आम आदमी पार्टी को जिताएगी, उसे 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि दूंगा।
 
ਪंजाब में आम आदमी पार्टी कੇ ਵਿਧਾਈਆਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਤੋਂ ਕੁਝ ਸਮਝ ਨਿਕਲ ਰਹੀ ਹੈ, ਪਰ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਨਿਜਮੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਭੁੱਖ-ਭਾਤ ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਨੂੰ ਪੁਰਾਣਾ ਮੰਨ ਕੇ ਵਿਧਾਈਓ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਡਰ ਚਲੀ ਜਾਏਗੀ।

ਅਸੀਂ ਇਸ ਗੱਲ 'ਤੇ ਵੀ ਸੋਚਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਜੇ ਪਾਰਟੀ ਜਿੱਤ ਲਈ ਵਿਧਾਈ ਆਪਣੇ ਅਸਲੀਅਤ ਦੇ ਮਨੁੱਖਾਂ ਨੂੰ ਕਿਉਂ ਭੁੱਖ-ਭਾਤ ਵਾਲੀਆਂ ਥਿੰਡਾਂ ਦੇ ਅਧੀਨ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ?

ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ, ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਲਈ ਚੁਣਾਵੇ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਖ਼ਰਚਿਆਂ ਤੇ ਸਮਾਨ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣੇ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਬੋਲਣੀ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ।
 
मेरा बातचीत में पंजाब की आम आदमी पार्टी से जुड़े इन विधायकों के बयान पर तो बस एक सवाल है... क्या ये वाकई उनकी राय हैं और क्या यह दिखाते हैं कि उनके लिए आम आदमी पार्टी में कोई जगह नहीं? 🤔

मुझे लगता है कि अगर इन विधायकों ने ऐसे बयान नहीं दिए होते तो क्या बोले? और अगर उन्होंने ऐसे बयान दिए हैं तो क्या ये हमें यह बताते हैं कि उनकी पार्टी में कोई समझौता हुआ है?

मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी को इन विधायकों पर नज़र रखनी चाहिए और देखाना चाहिए कि ये बयान उनकी राय से खेला गया है या फिर वास्तव में ऐसा है। 🤝
 
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अपने बयान से कई सवाल उठाए हैं। पहले, यह बात समझ नहीं आती कि उनके बीच के लोग भुक्की-नाजायज शराब बेचते हैं और फिर उन्हें सरकार से दाएं-बाएं से काम लेते हुए आजाद चुनाव लड़ना क्यों पड़ रहा है? यह तो आम आदमी पार्टी की मूल्यों के विपरीत है।

दूसरे, MLA भराज ने 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि देने का बयान दिया, जो एक बहुत बड़ा संकेत है। यह सवाल उठता है कि आम आदमी पार्टी जीतने के लिए इतनी बड़ी राशि क्यों दी जा रही है? यह भी समझ नहीं आता कि MLA भराज और जगतार सिंह दयालपुरा को यह राशि कैसे मिलने वाली है?
 
बिल्कुल सही कहा गया है कि इन विधायकों ने अपने बयान से आम आदमी पार्टी के आगे मुश्किलें बढ़ाई हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका भी हो सकता है जिसमें आम आदमी पार्टी अपने सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर जोर दे सकती है। अगर वे अपने विधायकों को सही दिशा में मार्गदर्शन करेंगे, तो शायद यह समस्या हल हो जाएगी।
 
मैं समझ नहीं पाया, जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में विधायकों के बयान से क्या हुआ? क्या यहाँ लोग शराब बेचते हैं? मैंने सोचा था कि आम आदमी पार्टी एक अच्छी पार्टी है, लेकिन ये बयान मुझे आश्चर्यचकित कर दिया है। क्या विधायकों को अपने बयान में सच्चाई बतानी चाहिए?
 
इन दोनों MLA की बातें सुनकर मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी में और भी बड़ी समस्याएं हो सकती हैं 🤔। पहले, नरिंदर कौर भराज की बात से लगता है कि उनके में भी शराब की समस्या है, जो बहुत बड़ी समस्या है। दूसरी तरफ जगतार सिंह दयालपुरा ने 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि देने का बयान कहा, जो बहुत बड़ा खर्चा होगा। यह मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी अपने विधायकों पर बहुत अधिक निर्भर है, और यह उनकी जगह साफ नहीं करता 🤦‍♂️
 
मुझे लगता है कि ऐसे बयान करने वाले MLA तो निश्चित रूप से पार्टी में कुछ खतने हुए हैं 🤔, जैसे भुक्की-नाजायज शराब बेचने का आरोप लगाते हैं। इसका मतलब यह है कि पार्टी के नेताओं को और भी गंभीरता से इस मुद्दे पर काम करना चाहिए। लेकिन, 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि देने का यह बयान तो पूरी तरह से गलत है 🤑, पार्टी के नेताओं को अपने वोट जिताने के लिए ऐसा ऑफर नहीं देना चाहिए।
 
आपको लगता है कि पंजाब के ऐसे MLA तो क्यों बनते हैं ? पहले एक विधायक ने कोई शराब बेचने वाले लोगों की बात की, फिर दूसरा विधायक 31 लाख रुपये का इनाम देने की बात कर रहा है तो यह तो आम आदमी पार्टी पर बहुत दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं 🤔
 
इन दोनों विधायकों के बयान से लगता है कि उनके पास पार्टी के आगे बहुत कम समर्थन है। पहले विधायक भराज ने भुक्की-नाजायज शराब बेचने का आरोप लगाया, लेकिन यह देखना रोचक होगा कि क्या सच्चाई सामने आती है। दूसरे विधायक दयालपुरा ने पार्टी को जीतने के लिए 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि देने का बयान दिया, इससे लगता है कि उनके पास भी समर्थन की कमी है। 🤔
 
मैंने हमेशा कहा था कि आम आदमी पार्टी में कुछ भी संभव नहीं है, लेकिन अब यह विधायकों के बयान से अच्छा लगता है... नहीं, फिर विचार करने की जरूरत है। अगर वे अपने बयान से आम आदमी पार्टी को जीतने में मदद कर रहे हैं, तो यह अच्छा होगा, लेकिन अगर वे इस तरह के बयान देते हैं तो यह भी अच्छा होगा... क्या? नहीं, यह समझना मुश्किल है। मुझे लगता है कि अगर इन विधायकों को 31 लाख रुपयों की सम्मान राशि देनी चाहिए, तो यह भी अच्छा होगा, लेकिन अगर उनके बयान से आम आदमी पार्टी को जीतने में मदद नहीं होती है, तो यह भी अच्छा नहीं होगा।
 
मुझे लगता है कि ये दोनों MLA अपने बयान से आगे क्या हासिल करना चाहते हैं? शराब बेचने वालों को राजनीति में जोड़ना और अपनी पार्टी को जिताने के लिए भिकhari लोगों को 31 लाख रुपये देना... लगता है कि उन्हें खुद कुछ समझना होगा! 🤔🍺
 
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