संदेह की आग में जली संध्या, जिसके पीछे एक परिवारिक संघर्ष था। जांच में पता चला कि संध्या अपने पति से तलाक हो चुकी थी, और वह अपनी मां थंकामणि के साथ रहती थी। लेकिन उसके दिल में एक अनजाना युवक नितिन का नाम भी जुड़ा हुआ था। यह युवक 29 वर्षीय था, जो उसके पड़ोस में रहता था।
नितिन के साथ संध्या का अफेयर चल रहा था, और वह उसकी आर्थिक मदद करना चाहती थी। इसलिए, उसने अपनी मां से सोने की एक पवित्र चेन मांगी, जो परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। लेकिन जब संध्या ने चेन देने का अनुरोध किया, तो उसकी माता थंकामणि ने मना कर दिया।
इस मना से भड़कती संध्या ने एक दुखद घटना का रूप ले लिया। उसने अपनी मां पर हमला किया और उसे जान से बचाया। इस हिंसक घटना के बाद, संध्या को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस की जांच में पता चला है कि संध्या की माता थंकामणि ने उसे चेन देने से मना करने के बाद, वह अपनी बेटी को धोखा दिया और उसकी आर्थिक मदद करने के लिए अन्य तरीकों की तलाश की। इस घटना ने परिवार को एक दुखद मोड़ पर पहुंचा दिया, और अब यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या थंकामणि ने अपनी बेटी को धोखा देने के लिए सही तरीका चुना।
नितिन के साथ संध्या का अफेयर चल रहा था, और वह उसकी आर्थिक मदद करना चाहती थी। इसलिए, उसने अपनी मां से सोने की एक पवित्र चेन मांगी, जो परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। लेकिन जब संध्या ने चेन देने का अनुरोध किया, तो उसकी माता थंकामणि ने मना कर दिया।
इस मना से भड़कती संध्या ने एक दुखद घटना का रूप ले लिया। उसने अपनी मां पर हमला किया और उसे जान से बचाया। इस हिंसक घटना के बाद, संध्या को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस की जांच में पता चला है कि संध्या की माता थंकामणि ने उसे चेन देने से मना करने के बाद, वह अपनी बेटी को धोखा दिया और उसकी आर्थिक मदद करने के लिए अन्य तरीकों की तलाश की। इस घटना ने परिवार को एक दुखद मोड़ पर पहुंचा दिया, और अब यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या थंकामणि ने अपनी बेटी को धोखा देने के लिए सही तरीका चुना।