पेरेंटिंग 10 साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है: क्योंकि उसके दोस्तों को मिलती है, क्या इतने छोटे बच्चे को पैसे देना ठीक है?
शिवाकान्त शुक्ल ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया है कि जब 10 साल का बच्चा अपने दोस्तों को मिलता है, तो वह उसे पॉकेट मनी लेकर आ जाता है। ऐसे में उसके बाद बच्चे को पैसा खत्म होने तक खरीदने की इजाजत नहीं मिलती है।
बच्चों की उम्र और स्कूल की शैली यह तय करती है कि पॉकेट मनी देना ठीक है या नहीं। अगर बच्चा अभी से खेलकूद करने जाता है, फिर उसे इसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है। वह स्कूल में 10 साल की उम्र में तो बस घर-दूनी चीजों से ही परिचित था।
पॉकेट मनी पैसा जितना बच्चा खर्च करता है उसे उतनी ही कम दें। ऐसा करने से उसकी संतुलन क्षमता मजबूत होती है। इसके अलावा, यह समझाना भी जरूरी है कि हर परिवार की आर्थिक स्थिति अलग-अलग होती है, इसलिए पैसा देने से पहले हमें तय करना चाहिए कि इसमें कितना खर्च होगा।
बचपन में बच्चों को समझाना जरूरी है कि हर चीज के लिए पैसा खर्च नहीं करना चाहिए। बच्चों को सिखाना भी जरूरी है कि उसका मन सोचता है, और उसे अपनी पसंद की चीजें स्वयं मांगने का सहारा देना।
बच्चे को पैसे की वैल्यू समझाने के लिए यह एक अच्छा तरीका है कि जब हम बच्चों को खरीदारी करने जाते हैं, तो उन्हें भी सिखाएं कि आप माता-पिता की चीजें खरीद रहे हैं और वे भी खरीदारी कर सकते हैं।
शिवाकान्त शुक्ल ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया है कि जब 10 साल का बच्चा अपने दोस्तों को मिलता है, तो वह उसे पॉकेट मनी लेकर आ जाता है। ऐसे में उसके बाद बच्चे को पैसा खत्म होने तक खरीदने की इजाजत नहीं मिलती है।
बच्चों की उम्र और स्कूल की शैली यह तय करती है कि पॉकेट मनी देना ठीक है या नहीं। अगर बच्चा अभी से खेलकूद करने जाता है, फिर उसे इसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है। वह स्कूल में 10 साल की उम्र में तो बस घर-दूनी चीजों से ही परिचित था।
पॉकेट मनी पैसा जितना बच्चा खर्च करता है उसे उतनी ही कम दें। ऐसा करने से उसकी संतुलन क्षमता मजबूत होती है। इसके अलावा, यह समझाना भी जरूरी है कि हर परिवार की आर्थिक स्थिति अलग-अलग होती है, इसलिए पैसा देने से पहले हमें तय करना चाहिए कि इसमें कितना खर्च होगा।
बचपन में बच्चों को समझाना जरूरी है कि हर चीज के लिए पैसा खर्च नहीं करना चाहिए। बच्चों को सिखाना भी जरूरी है कि उसका मन सोचता है, और उसे अपनी पसंद की चीजें स्वयं मांगने का सहारा देना।
बच्चे को पैसे की वैल्यू समझाने के लिए यह एक अच्छा तरीका है कि जब हम बच्चों को खरीदारी करने जाते हैं, तो उन्हें भी सिखाएं कि आप माता-पिता की चीजें खरीद रहे हैं और वे भी खरीदारी कर सकते हैं।