पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है: क्योंकि उसके दोस्तों को मिलती है, क्या इतने छोटे बच्चे को पैसे देना ठीक है?

१० साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है तो क्या इतने छोटे बच्चों को पैसे देना ठीक है? यह सवाल हर माता-पिता की जिंदगी में आता है। रोजमर्रा की जिंदगी में परिवार के सदस्यों के साथ एक अच्छा संबंध बनाने और उनके बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करने के लिए, यह सवाल खासकर जब उन्हें बेटियां होती हैं तो और भी महत्वपूर्ण होता है।

बच्चे को पॉकेट मनी से पहले समझाना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है। पॉकेट मनी बच्चों को सिखाता है कि अगर वह अपने दोस्तों की तरह खरीदारी करते हैं तो वह भी उसी तरीके से खरीदारी कर सकता है, लेकिन यह समझाना भी जरूरी है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत, समय और अनुशासन लगता है।

जब बच्चों को बुलिंग का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें सिखाना जरूरी है कि खुद को मजबूत बनाना और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना कैसे किया जाए। बच्चों को यह भी सिखाया जाना चाहिए कि उन्हें दूसरों से अच्छी तरह से मिलना चाहिए, लेकिन साथ ही उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया जाना चाहिए।

बच्चों को पॉकेट मनी देने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह मानसिक रूप से जिम्मेदारी निभाने और पैसे को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार है या नहीं।
 
मुझे लगता है की ये बात सिर्फ माता-पिताओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है। मेरी बेटियों ने भी अपने दोस्तों के साथ खिलौना खरीदने की बात कही थी, लेकिन मैं उन्हें समझाया की ये खेल सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि जीवन की मेहनत और अनुशासन का भी महत्व है।

मेरे दोस्त की बेटियों ने पहले पॉकेट मनी नहीं ली, इसलिए उन्हें खरीदारी करने के लिए पैसा देना पड़ा। मैंने उनकी बात सुनी और समझाया की जब बच्चों को पॉकेट मनी मिलता है तो उनको सिखाना जरूरी है कि ये कैसे काम करता है। लेकिन मुझे लगता है की हमें अपने बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करने के लिए भी अधिक समय और प्रयास करना चाहिए। 📚
 
तो बेटे दीवालियों से क्या बात करना? परिवार में बेटियां होने की वजह से बच्चों को पॉकेट मनी देना ठीक है? नहीं, यह सवाल जरूर है, लेकिन इसका जवाब तो बहुत आसान नहीं है। पहले हमें समझना होगा कि बचपन में खर्च करने से बच्चों की जिम्मेदारी और सही दिशा में प्रशिक्षण कैसे मिले।

अब बुलिंग, बेटियां तो खुद से अच्छी तरह से मिलने की जरूरत है, लेकिन आत्मसम्मान और आत्मविश्वास तो सही तरीके से विकसित करना ही नहीं तो सब कुछ बर्बाद हो जाता। पॉकेट मनी बच्चों को खरीदारी करने की आदत देता है, लेकिन मेहनत और समय सीखना जरूरी है।
 
बेटों को पॉकेट मनी देने से पहले मुझे लगता है कि हमें उन्हें जिम्मेदार बनने का मौका भी देना चाहिए। अगर हम उन्हें सही तरीके से समझाते हैं और उन्हें मानसिक रूप से तैयार करते हैं, तो फिर वे खरीदारी करने के लिए पैसे मांगने की जरूरत नहीं होगी। इससे हम उनके आत्मविश्वास को मजबूत कर सकते हैं और उन्हें दूसरों से अच्छी तरह से मिलने का मौका भी दे सकते हैं। लेकिन, यह सवाल तो हमारे समाज में एक बड़ा बदलाव लाने की जरूरत है। अगर हम अपने बच्चों को सही तरीके से प्रशिक्षित करते हैं और उन्हें जिम्मेदार बनने का मौका देते हैं, तो फिर वे वास्तव में खुद को मजबूत बनाने में सक्षम होंगे। 🤔
 
मैंने देखा है मेरे दोस्तों को यह सवाल होता है कि क्या १० साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है तो वहीं पर माता-पिता उसे पैसे देते हैं। मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा सवाल है। मेरी राय में जब बच्चों को पॉकेट मनी मिलती है तो उन्हें समझाना जरूरी होता है कि वह इससे सीखने को नहीं चुकाते, लेकिन ज्यादा पैसे कमाने की खुशी में वे खराब निर्णय लेते हैं।
 
पॉकेट मनी देना ठीक है या नहीं यह सवाल बहुत ज्यादा परेशान करता है। मेरी राय में बच्चों को पहले समझाना चाहिए कि पैसे से कितनी जिम्मेदारी आती है। अगर वो मनमानी से पॉकेट मनी लेते हैं तो फिर दूसरों से अच्छी तरह से मिलना और खुद को मजबूत बनाना आसान नहीं होता।
 
मेरी राय में बच्चों को पॉकेट मनी देने की बात करने से पहले माता-पिता को यह समझना चाहिए कि यह बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है 🤔। अगर हम बच्चों को पॉकेट मनी से पहले समझाने की कोशिश करते हैं कि यह कैसे काम करता है, तो फिर वे अपने खर्चों को समझने और अपने पैसे को सही तरीके से संभालने में सक्षम होंगे। लेकिन अभी तक, मुझे लगता है कि यह समझना चाहिए कि बच्चों को सिखाना भी जरूरी है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत और अनुशासन की जरूरत है, न कि बस बिना किसी दिलचस्पी के पैसे मांगना 🤑
 
मुझे लगता है कि सरकार को बच्चों की आर्थिक शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए, इसलिए वे एक अच्छी आर्थिक शिक्षा की नीति बना सकते हैं जिसमें माता-पिताओं को पॉकेट मनी का उपयोग करने से पहले बच्चों को समझाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। इससे हमारे समाज में गरीबी और असमानता कम होगी।
 
बेटे को पॉकेट मनी देने से पहले हमें यह सोचना चाहिए कि मेरा बेटा मानसिक रूप से तैयार है? क्या वह जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है, या फिर वह पैसे को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार है? हमें यह भी सोचना चाहिए कि मैं अपने बेटे को किस तरह से प्रशिक्षित कर रहा हूँ। क्या वह समझता है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत और अनुशासन लगता है? 🤔

बच्चों को दोस्तों की तरह खरीदारी करने के लिए पॉकेट मनी नहीं देना चाहिए, बल्कि उन्हें यह सीखना चाहिए कि वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और अनुशासन से आगे बढ़े। जब तक वह इन चीजों को नहीं समझता, तब तक उन्हें पॉकेट मनी देना ठीक नहीं है। 📚

हमें अपने बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करने के लिए हमेशा उनके साथ खेलना चाहिए, उनके साथ बातचीत करनी चाहिए और उन्हें सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। 🌟
 
मुझे लगता है कि यह सवाल सिर्फ बच्चों के पास ही नहीं बल्कि माता-पिताओं के दिमाग भी है 🤔। हमें अपने बच्चों को सही तरीके से समझाना चाहिए कि पैसे क्या हैं और उन्हें कैसे संभाला जाए, न कि बस उनके लिए खरीदारी करना और उन्हें खुश रखना 🛍️। यह भी महत्वपूर्ण है कि हम अपने बच्चों को आत्मविश्वास देने के लिए प्रशिक्षित करें, ताकि वे खुद को मजबूत बना सकें। मुझे लगता है कि अगर हम अपने बच्चों की जिम्मेदारियों को समझाएं और उन्हें सही दिशा में सिखाएं, तो वह सचमुच सफल होंगे। 💪
 
अरे वाह, पॉकेट मनी देना फिर भी जरूरी है, मेरा ख्याल है! बच्चों को पैसे नहीं देने से उन्हें जिम्मेदारी और मेहनत की बात समझानी पड़ती है, लेकिन पॉकेट मनी देने से उन्हें आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की भावना मिलती है! बच्चों को पैसे देने के बजाय, उनकी ताकत और जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहिए। इससे उन्हें खुद को मजबूत बनाने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने की सीख मिलती है!
 
मैंने देखा है कि बहुत से छोटे बच्चे अब भी पॉकेट मनी मांगते हैं और मेरे मन में सवाल उठता है कि क्या इतने छोटे बच्चों को तो पहले से ही खुद का बाजार खोलना चाहिए। मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को सिखाना चाहिए कि पैसे कमाने के लिए मेहनत, समय और अनुशासन क्यों जरूरी है। 🤔

मेरी नैना कभी भी बुलिंग का सामना नहीं कर सकी, इसलिए मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को खुद को मजबूत बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सिखाना चाहिए। 🌟

लेकिन जब बेटियां होती हैं तो यह सब और भी महत्वपूर्ण होता है। मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करना चाहिए और उन्हें सिखाना चाहिए कि खुद को मजबूत बनाने के लिए क्या करें। 💪

उम्मीद है कि जल्द ही सभी माता-पिता अपने बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करेंगे। 🙏
 
मुझे लगता है कि पॉकेट मनी देने से पहले बेटों को समझाना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है तो वह अच्छे निवेश करेंगे या खरीदारी करने जाएंगे। मैंने अपने छोटे भाई के साथ एक बातचीत किया तो उसने कहा कि अगर मुझे पॉकेट मनी दिया जाएगा तो मैं अपने दोस्तों की तरह खरीदारी करूंगा। लेकिन फिर उसने सोचा कि मेरे परिवार के सदस्य किसने मेरे लिए खरीदारी की? यह बहुत अजीब लगा।

मुझे लगता है कि बच्चों को समझाना जरूरी है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत, समय और अनुशासन लगता है। और जब वे बुलिंग का सामना करते हैं तो उन्हें सिखाना जरूरी है कि खुद को मजबूत बनाना और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना कैसे किया जाए। 🤔💡
 
🤔 पॉकेट मनी देने से पहले तो यह सवाल जरूर आता है, लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि बच्चों को इसके नुकसान के बारे में जानकारी भी देनी चाहिए? कुछ बच्चों को पॉकेट मनी मिल जाती है तो वे अपने परिवार के साथ अच्छा रिश्ता बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वे इसके नुकसान को समझेंगे। मेरा सवाल यह है कि हम बच्चों को पॉकेट मनी देने से पहले उनकी जिम्मेदारी क्षमता की जांच करनी चाहिए या नहीं? 🤷‍♂️
 
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