१० साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है तो क्या इतने छोटे बच्चों को पैसे देना ठीक है? यह सवाल हर माता-पिता की जिंदगी में आता है। रोजमर्रा की जिंदगी में परिवार के सदस्यों के साथ एक अच्छा संबंध बनाने और उनके बच्चों को सही दिशा में प्रशिक्षित करने के लिए, यह सवाल खासकर जब उन्हें बेटियां होती हैं तो और भी महत्वपूर्ण होता है।
बच्चे को पॉकेट मनी से पहले समझाना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है। पॉकेट मनी बच्चों को सिखाता है कि अगर वह अपने दोस्तों की तरह खरीदारी करते हैं तो वह भी उसी तरीके से खरीदारी कर सकता है, लेकिन यह समझाना भी जरूरी है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत, समय और अनुशासन लगता है।
जब बच्चों को बुलिंग का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें सिखाना जरूरी है कि खुद को मजबूत बनाना और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना कैसे किया जाए। बच्चों को यह भी सिखाया जाना चाहिए कि उन्हें दूसरों से अच्छी तरह से मिलना चाहिए, लेकिन साथ ही उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
बच्चों को पॉकेट मनी देने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह मानसिक रूप से जिम्मेदारी निभाने और पैसे को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार है या नहीं।
बच्चे को पॉकेट मनी से पहले समझाना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है। पॉकेट मनी बच्चों को सिखाता है कि अगर वह अपने दोस्तों की तरह खरीदारी करते हैं तो वह भी उसी तरीके से खरीदारी कर सकता है, लेकिन यह समझाना भी जरूरी है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत, समय और अनुशासन लगता है।
जब बच्चों को बुलिंग का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें सिखाना जरूरी है कि खुद को मजबूत बनाना और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना कैसे किया जाए। बच्चों को यह भी सिखाया जाना चाहिए कि उन्हें दूसरों से अच्छी तरह से मिलना चाहिए, लेकिन साथ ही उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
बच्चों को पॉकेट मनी देने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह मानसिक रूप से जिम्मेदारी निभाने और पैसे को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार है या नहीं।