अपनी बेटी को रिलेशनशिप के बारे में बात करने से पहले, उसकी ताकत और कमजोरियों को समझना बहुत जरूरी है। यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि वह किस उम्र में ऐसे विचारों को अपनाने लगी है, जिसके बाद आप उसके साथ बातचीत शुरू कर सकते हैं।
रिलेशनशिप एक जिम्मेदारी है। इसमें दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर निर्भर होती हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप उसको सिखाएं कि रिश्ता में जिम्मेदारी और समझौता कैसे आया।
याद रखें, बच्चों को पेरेंट्स से खुलकर बात करना चाहिए, इसलिए उन्हें हमेशा अपनी बात कराने की स्वतंत्रता देनी चाहिए।
रिलेशनशिप एक जिम्मेदारी है। इसमें दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर निर्भर होती हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप उसको सिखाएं कि रिश्ता में जिम्मेदारी और समझौता कैसे आया।
याद रखें, बच्चों को पेरेंट्स से खुलकर बात करना चाहिए, इसलिए उन्हें हमेशा अपनी बात कराने की स्वतंत्रता देनी चाहिए।