आपके बेटे को मैथ्स और साइंस में कम मार्क्स आते हैं। ऐसा देखना चिंताजनक है, लेकिन उसका पूरा पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता।
अगर वह अपने विषयों को समझने में असमर्थ है तो शिक्षक या प्रशिक्षित साइकोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
बच्चे की इंटेलिजेंस को मापते समय, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि बच्चे की स्थिति, माहौल और उस दिन की स्थिति भी इस पर प्रभाव डालते हैं।
इसलिए अगर आपको अपने बच्चे के मार्क्स देखने में चिंता आती है तो इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि उसके विषयों में सीखने में कठिनाई, पढ़ाई में मन न लगना और टीचर या स्कूल का दबाव बच्चे के मार्क्स को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर वह अपने विषयों को समझने में असमर्थ है तो शिक्षक या प्रशिक्षित साइकोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
बच्चे की इंटेलिजेंस को मापते समय, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि बच्चे की स्थिति, माहौल और उस दिन की स्थिति भी इस पर प्रभाव डालते हैं।
इसलिए अगर आपको अपने बच्चे के मार्क्स देखने में चिंता आती है तो इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि उसके विषयों में सीखने में कठिनाई, पढ़ाई में मन न लगना और टीचर या स्कूल का दबाव बच्चे के मार्क्स को प्रभावित कर सकते हैं।