पेरेंटिंग- परीक्षा में बेटे के मार्क्स अच्छे नहीं: कहीं उसका IQ कमजोर तो नहीं, कैसे पता लगाएं, क्या IQ टेस्ट कराना ठीक है

कैसे पता लगाएं कि बच्चे का IQ कमजोर तो नहीं?

बचपन से ही माता-पिता अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता का माप करने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन अक्सर, बच्चे अपनी बुद्धिमत्ता और क्षमताओं को समझाने के लिए पारिवारिक स्तर पर टेस्ट नहीं कराते।

आजकल, माता-पिता अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता का पता लगाने के लिए इंटेलिजेंस क्वोटेंट (IQ) टेस्ट लेने जा रहे हैं। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या IQ टेस्ट बच्चों की बुद्धिमत्ता को सही ढंग से माप सकते हैं?

एक पारिवारिक सलाहकार ने बताया, "अगर आपका बच्चा 12 साल का है और उसके स्कूल में मार्क्स अच्छे नहीं आ रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह बुद्धिमान नहीं है।"

"बचपन में, बच्चों की बुद्धिमत्ता का पता लगाने के लिए कई कारकों पर ध्यान देना चाहिए। जैसेकि- उनकी रुचियां, क्षमताएं और स्वभाव। यहां तक कि बच्चे की भावनाओं और उसके आसपास के वातावरण को भी मापना जरूरी है।"

"बच्चों की बुद्धिमत्ता को मापने के लिए IQ टेस्ट पूरी तरह से सही नहीं हैं। यह टेस्ट बच्चों की कई क्षमताओं को परखता है, लेकिन इसे समझना जरूरी है कि यह केवल एक इंडिकेटर की तरह है।"

"इसलिए, माता-पिता अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझाने के लिए अन्य तरीकों का भी उपयोग कर सकते हैं। जैसेकि- उनकी रुचियां, क्षमताएं और स्वभाव को समझना।"

"बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझाने के लिए हमेशा धैर्य, समझ और प्रोत्साहन की जरूरत होती है। इसलिए, माता-पिताओं को अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को सही ढंग से समझने के लिए समय और परिश्रम करना चाहिए।"

इस प्रकार, हमें यह भी समझना है कि बच्चों की बुद्धिमत्ता को मापने के लिए हमेशा एक ही तरीके से नहीं करना चाहिए।
 
अरे, तुम्हारे बच्चे का IQ कमजोर तो नहीं? 🤔 याद रखो, IQ टेस्ट बिल्कुल भी सही नहीं है। यह टेस्ट हमेशा एक ही बात बताने की कोशिश करता है, लेकिन वास्तविकता जैसी जटिलताओं को नहीं। बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझने के लिए तुम्हें उनकी रुचियों, क्षमताओं और स्वभाव को समझने की जरूरत है। और सबसे महत्वपूर्ण, धैर्य और प्रोत्साहन की जरूरत होती है। नहीं, तुम्हारा बच्चा अच्छा नहीं करने वाला है, वह बस अपनी जगह पर थक गया हो या अपने रास्ते में आ गया हो। इसलिए, हमेशा समझदारी से निर्णय लेने की कोशिश करो, और अपने बच्चों को सही ढंग से समर्थन देने की जरूरत है।
 
मैंने इस नियमित IQ टेस्ट पर ज्यादा विश्वास नहीं किया करता। यह तो दिखावा है कि माता-पिता अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता का माप करने के लिए। क्या वे जानते हैं कि बच्चों की बुद्धिमत्ता बहुत जटिल होती है और इसे एक सिरे पर फंसाना आसान नहीं है। IQ टेस्ट में केवल सिर्फ गणित, भाषा, इत्यादि की जांच होती है, लेकिन बच्चों की बुद्धिमत्ता में बहुत अधिक कुछ और है जिसे समझने की जरूरत है।
 
बचपन की उम्र में IQ टेस्ट जरूरी नहीं है 🤔 जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, उसकी बुद्धिमत्ता और समझ बढ़ती जाती है। अगर आपका बच्चा स्कूल में अच्छे मार्क्स नहीं ले रहा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह बुद्धिमान नहीं है। उसे अपनी रुचियों और क्षमताओं पर ध्यान देने की जरूरत है।

बचपन में बच्चों की समझ को समझने के लिए कई कारकों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे- उनकी भावनाएं, उसके आसपास के वातावरण और उसकी रुचियां। इन सभी कारकों को मानने से हमें बच्चों की बुद्धिमत्ता को सही ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
 
मैंने अपने बच्चे के IQ टेस्ट से बहुत डर गया। मुझे लगा कि अगर वह अच्छा निकलेगा, तो मैं उसकी उम्मीदों को असफल कर दूंगा। लेकिन फिर मैंने सोचा कि शायद यह है जिस चीज़ के लिए मेरे बच्चे को परीक्षण की आवश्यकता है। मैंने अपने बच्चे को समझाया कि IQ टेस्ट सिर्फ एक तरीका है, और वह ही हमेशा सही नहीं होता। अब मैं अपने बच्चे की रुचियों और क्षमताओं पर ध्यान देने का प्रयास करूंगा, और उसकी बुद्धिमत्ता को समझने के लिए अन्य तरीकों का भी उपयोग करूंगा। मुझे लगता है कि यह सबसे अच्छा तरीका है। 🤔📚
 
बिल्कुल सच है! IQ टेस्ट और अन्य युक्तियां बच्चों की बुद्धिमत्ता को सही ढंग से नहीं दिखा पातीं। मेरा मानना है कि बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझाने के लिए हमें उनकी रुचियों, क्षमताओं और स्वभाव पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपका बच्चा 12 साल का है और उसके स्कूल में मार्क्स अच्छे नहीं आ रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह बुद्धिमान नहीं है, जैसे कि पारिवारिक सलाहकार ने कहा।
 
😊 बहुत महत्वपूर्ण सवाल! मेरी राय में बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझाने के लिए हमेशा कई तरीके होते हैं। IQ टेस्ट को भी एक औचित्यिक उपकरण मान सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह ही सबकुछ है। बच्चों की रुचियों, क्षमताओं, स्वभाव और आसपास के वातावरण को समझना भी बहुत जरूरी है।

मेरे अनुसार, माता-पिताओं को अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझाने के लिए समय, धैर्य और प्रोत्साहन की जरूरत है। उन्हें अपने बच्चों को उनकी खासियतों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके अलावा, माता-पिताओं को भी अपने बच्चों की सीखने की शैली को बदलना चाहिए, ताकि वे अपने बच्चों को समझाएं कि उनकी बुद्धिमत्ता किस तरह से दिखाई देती है। 🤔
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि IQ टेस्ट इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे। मुझे लगता है कि ये टेस्ट हमारे बच्चों को उनकी वास्तविक क्षमताओं से दूर ले जाते हैं। मैंने अपने दोस्त के भाई को एक्सटी टेस्ट दिया था, और वह तय कर गया था कि वह कभी पढ़ाई नहीं करना चाहता। लेकिन जब उसने आगे बढ़कर पढ़ाई की, तो उसने अच्छे मार्क्स पाए। यह दिखाता है कि IQ टेस्ट हमेशा सही नहीं होते हैं।

मैंने एक बार अपने छोटे भाई को एक किताब दी, जिसमें उसकी पसंदीदा कहानियाँ थीं। और जब उसने पढ़ाई शुरू की, तो वह बहुत खुश हुआ। यह दिखाता है कि हमारे बच्चों को उनकी रुचियों और क्षमताओं को समझना चाहिए, न कि केवल एक टेस्ट से।
 
IQ टेस्ट तो फायदेमंद हो सकते हैं, परंतु यह पूरी तरह से बच्चों की बुद्धिमत्ता को माप नहीं सकते। जैसे कि अगर विद्यालय में पढ़ाई अच्छी नहीं हो रही है तो भी बुद्धिमान हो सकता है। लेकिन फिर भी, माता-पिताओं को अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझने के लिए एक दूसरे तरीके से करने चाहिए।
 
🤔 बहुत सारे माता-पिता अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझने के लिए IQ टेस्ट लेते हैं, लेकिन क्या वास्तव में यह बच्चों की कई क्षमताओं को परखता है? 📊

अगर हम अपने देश में 12वीं की पारीक्षाओं में उत्थान दर को देखें, तो यह लगभग 70% है। लेकिन यह मतलब नहीं है कि सभी बच्चे बुद्धिमान हैं। 📈

बचपन में बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझने के लिए हमें कई कारकों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे, उनकी रुचियां, क्षमताएं और स्वभाव। 🌟

अगर हम अपने देश में बच्चों की शिक्षा की दर को देखें, तो यह लगभग 90% है। लेकिन हमारे देश में अभी भी कई बच्चे पिछड़े हुए हैं। 📊

बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझाने के लिए हमें समय और परिश्रम करना चाहिए। इसलिए, माता-पिताओं को अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को सही ढंग से समझने के लिए हमेशा ध्यान देना चाहिए। 💡

यहाँ एक छोटी सी तालिका है जिसमें हमारे देश में बच्चों की बुद्धिमत्ता को समझने के लिए उपयोग किए जाने वाले तरीकों की सूची है:

| तरीका | प्रतिशत |
| --- | --- |
| IQ टेस्ट | 20% |
| बच्चों की रुचियां और क्षमताएं को समझना | 40% |
| बच्चों के स्वभाव और भावनाओं को समझना | 30% |
| माता-पिता की धैर्य और समझ को देखना | 10% |

📊
 
मेरे दोस्त मैंने अपने बच्चे के IQ टेस्ट के परिणाम देखे हैं और तो मुझे लगा कि यह पूरी तरह से गलत था। वहाँ मेरा एक बच्चा था जो स्कूल में अच्छे मार्क्स नहीं कर रहा था, लेकिन उसके IQ टेस्ट में 140 से अधिक आंकड़ा आया और यही बात मेरे दूसरे बच्चे के साथ भी हुई। तो मैंने सोचा कि शायद इन्हें IQ टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए थोड़ी मदद की जरूरत होगी। तो मैंने उन्हें किताबें पढ़ने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रोजेक्ट बनाने और खेल खेलने का मौका दिया। और जैसे जैसे समय बीतता गया, मेरे बच्चों के मार्क्स अच्छे होने लगे और उनके IQ टेस्ट में भी सुधार आया। तो मैं सोचता हूँ कि अगर हम अपने बच्चों को सही तरीके से समझने और उनकी बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने का मौका देते हैं, तो शायद IQ टेस्ट पूरी तरह से आवश्यक नहीं होते।

क्या आपके बच्चों ने कभी अपनी बुद्धिमत्ता का पता लगाने के लिए IQ टेस्ट किया है?
 
मुझे लगता है कि हमें यह सोचकर शुरू करना चाहिए कि बच्चों की बुद्धिमत्ता मापने के लिए IQ टेस्ट पूरी तरह से सही नहीं हैं। आमतौर पर, ये टेस्ट उन बच्चों को ध्यान में रखते हैं जिनकी पढ़ाई अच्छी होती है, लेकिन वहीं तो अक्सर वे बुद्धिमान नहीं होने वाले बच्चों को भूल जाते हैं। 🤔

क्या हमें अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को मापने के लिए अन्य तरीके ढूंढने चाहिए? जैसे कि उनकी रुचियां, क्षमताएं और स्वभाव को समझना। यह जरूरी है कि हम अपने बच्चों की बुद्धिमत्ता को सही ढंग से समझें और उन्हें प्रोत्साहित करें। 💡
 
इक्स निवासियों को यह जानने को तय है कि बच्चों की बुद्धिमत्ता कैसे मापी जाए? 😐 मेरा विचार है कि IQ टेस्ट तो फायदेमंद हैं, लेकिन एक्स्ट्रा स्कोर न बनाने वाले बच्चों पर रोक लगनी चाहिए। 🤔

बच्चे अपने आपमें अच्छाई और कमजोरियों को पहचानने में समय लगता है, लेकिन माता-पिताओं को उनकी बुद्धिमत्ता को समझाने में मदद करनी चाहिए। 🤝

बच्चों की रुचियां और क्षमताएं जैसे ही महत्वपूर्ण हैं, इसलिए उन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए, खासकर जब वो अपने आप में असफल महसूस करें। 💪
 
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