पेरेंटिंग- परीक्षा में बेटे के मार्क्स अच्छे नहीं: कहीं उसका IQ कमजोर तो नहीं, कैसे पता लगाएं, क्या IQ टेस्ट कराना ठीक है

बच्चे को जानिए कि IQ स्कोर का सही अर्थ क्या है, जब उसका मार्क्स अच्छे नहीं होते। पेरेंटिंग के दौरान इस पर विचार करना चाहिए कि बच्चे को किस तरह से सपोर्ट करें।
 
IQ स्कोर की बात करते समय, मुझे लगता है कि यह हमेशा सही नहीं होता। देखिए, हमारे बच्चे अच्छे शिक्षक नहीं हैं, लेकिन हमें उन्हें समझना चाहिए। उनकी ताकत और कमजोरियों को पहचानना जरूरी है, न कि सिर्फ उनके मार्क्स पर ध्यान देना।

अगर हम अपने बच्चों को ज्यादा दबाव में रखकर उन्हें अच्छे स्कोर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, तो वे अपनी खुद की खोज नहीं कर पाएंगे। उनको सिखाना चाहिए कि जीवन में सफलता की परिभाषा क्या है, न कि एक स्कोर या रेटिंग।

हमें अपने बच्चों को समझना और उन्हें खुद की दिशा में चलने की अनुमति देनी चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करते, तो वे जीवन में ही असफल होने से बच सकते हैं।
 
मुझे लगता है कि IQ स्कोर की बात में बहुत ज्यादा गंभीरता की जा रही है। तो बच्चे को अच्छा स्कोर मिलेगा या नहीं, यह जरूरी नहीं है। यह बच्चे के व्यक्तित्व, उनकी समस्याओं और उन्हें कैसे सपोर्ट किया जाए, यह सब जरूरी है। पेरेंट्स को अपने बच्चों को खुलकर सिखाना चाहिए, उन्हें सोच-समझकर करने की शिक्षा देनी चाहिए। IQ स्कोर की बात में फंसने से हमारे बच्चों को और भी अधिक दबाव मिल रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर नुकसान हो सकता है। 🤔
 
मेरी राय में बेटों और बेटियों को भी पढ़ाई में सही होने की जरूरत नहीं है, लेकिन पढ़ाई का तरीका अलग-अलग है। बच्चे को अच्छी स्कूल के साथ तालमेल रखना चाहिए, न कि सभी अच्छे स्कोर पाने की। मेरे अनुसार एक अच्छा स्कोर तो व्यक्ति की मदद करता है, लेकिन पढ़ाई का सबसे ज्यादा फायदा आत्मविश्वास और खुद को समझने में होता है। अगर बच्चे को अच्छा स्कोर नहीं होने पर गुस्सा आना पड़ता तो उसकी पढ़ाई खत्म हो जाती।

मेरे मन का बातचीत तो यही है कि पढ़ाई में बच्चों को सही प्रेरणा देनी चाहिए, अगर उसे अच्छा स्कोर नहीं होता तो भी वह जिंदगी में सफल बन सकता है।
 
बच्चों की शिक्षा में हमेशा सोचते रहना जरूरी है 🤔। IQ स्कोर एक विशेष गणित है जो बच्चे की बुद्धिमत्ता और समस्या-समाधान क्षमता को मापता है, लेकिन यह एकमात्र योग्य होने का रास्ता नहीं है। मेरे अनुसार, एक अच्छे अभिभावक की जिम्मेदारी है अपने बच्चों को विविध शिक्षा के माध्यम से विकसित करना। जैसे कि संगीत, नृत्य, खेल, और कला, जिनमें वह रुचि लें, क्योंकि ये सब उनकी बुद्धिमत्ता और समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ावा देते हैं।
 
बेटे की ताकत अपने मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखना है... IQ स्कोर अच्छा है या नहीं, यह सब महत्वपूर्ण नहीं है। जैसे ही मैं टाटा से दोस्त हूँ, उनके बायोटेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स को बिल्कुल पसंद करता हूँ... मुझे लगता है कि बच्चों को अपने शिक्षकों और माता-पिता से अच्छी पढ़ाई-लिखाई मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने लक्ष्यों तक पहुँच सकें। अगर उनके मार्क्स अच्छे नहीं होते हैं तो भी वे कुछ नया-नया सीखने की कोशिश करें, जैसे टाटा मोटर्स के फोर्ड EcoSport जैसी ईंधन-कुशल कारें... बच्चों को सही समर्थन और प्रोत्साहन देने से उन्हें अपने लक्ष्यों तक पहुँचने में मदद मिल सकती है।
 
यह तो बहुत जरूरी बात है कि हम अपने बच्चों के लिए सही मूल्यों का निर्माण करें 🤔। जब तक IQ स्कोर पर ध्यान दिया जाता है, तब तक हमारे बच्चे को खेलने, सीखने और विकसित होने का मौका नहीं मिलता। मेरी राय में यह जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों को सही मूल्यों की शिक्षा दें, जैसे कि समाज सेवा, सहयोग और मानवता।
 
मुझे यकीन नहीं है की हमारे समाज में यह बहुत सही है, बच्चों को उनके ब्रेनपावर पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए, शायद और भी महत्वपूर्ण बातें हैं जिनसे बच्चे को विकसित होने का मौका मिले। मेरी माँने जब मुझे स्कूल में था, तो उस समय लर्निंग रिसर्च पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जाता था। मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को विभिन्न खेल, कला और सामाजिक गतिविधियों में भी शामिल करनी चाहिए, ताकि उनके समग्र विकास को लेकर हम सही निर्णय ले।
 
बचपन में जैसे हमें पढ़ाई के तारीख और गणित की गड्डियां सिखाई जाती हैं उसी तरह हमें IQ स्कोर का अर्थ समझना चाहिए। लेकिन बिल्कुल सही है जब बच्चे की मार्क्स अच्छे नहीं होते तो उसके पैरेंट्स पर इस पर विचार करना चाहिए कि उनके बच्चे को कैसे सपोर्ट करें। अगर बच्चा अपने स्कूल में पढ़ाई में अच्छा नहीं करता है तो उसके पैरेंट्स को समझना चाहिए कि शायद वह गड्डियां और तरीके बदल देने चाहिए, जिससे बच्चा आत्मविश्वास महसूस करे।
 
अरे, तो बच्चों की IQ स्कोर के बारे में बात कर रहे हैं... 🤔 यह तो सुनकर मजाक नहीं है कि पेरेंट्स अपने बच्चे को अच्छा स्कोर दिलाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। लेकिन सच में, IQ स्कोर ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है, यह तो बस एक टेस्ट है। जैसे मेंटल टेस्ट भी होते हैं और फिजिकल्स भी। 🏋️‍♀️

बच्चों को सिर्फ अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए, लेकिन IQ स्कोर पर ध्यान रखने की जरूरत नहीं। यह तो बच्चे की आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। और पेरेंट्स को अपने बच्चों को सपोर्ट करना चाहिए, लेकिन उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि उनका बच्चा अच्छा स्कोर दिलाने के लिए कुछ भी करना है। 🤗

क्योंकि सच में, जीवन में जो सबसे जरूरी चीज है, वह है अपने बच्चों को मजबूत और आत्मविश्वासी बनाना। उन्हें सिखाएं कि वे जिस भी चीज में लगातार कोशिश करें, वो सफल होने का साथी होगा। 🙌
 
बच्चों की पढ़ाई में बहुत सारे दबाव आते हैं और अक्सर पैरेंट्स उनकी अच्छाई-खुशाबाद का इंटेलेक्टुअल क्वालिटी (IQ) स्कोर पर ध्यान देते हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि यह बहुत ही गलत मानसिकता है। IQ स्कोर केवल एक टूल है, जो हमें समझने में मदद करता है कि बच्चा कितना सोच सकता है, लेकिन यह उसकी खूबसूरतियों को नहीं दिखाता।

पेरेंट्स को अपने बच्चों को सपोर्ट करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि हर बच्चा अलग होता है और उसे उसकी खासियत पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ उसके IQ स्कोर पर। अगर पेरेंट्स ऐसा करें, तो उनके बच्चे जीवन में सफल होने की संभावना अधिक होती है। 🤝
 
मुझे लगता है की बच्चों की ताकत न उसका इक्यू है, balki uske sapne aur pasand ke saath. mere bacche ko 90 mark mile to bhi uski kshamata ka mulyankan nahi kar sakte. kuch log IQ pe focus kartay hain, lekin main sochta hoon ki kuch aur mahatva hai. agar aapka baccha poori tarah se happy aur motivated ho, toh wo kafi achha huwa hoga, na ki uski IQ ka score.

main apne bachon ke liye ek gyaanadana koshal ko banwana chahta hoon, jahaan ve apni samasyaon ke baare mein baat kar saken. mere bacche ko samjhaana hai ki unki ichchha aur unki soch bhi uske safalta ka ek mahatvapoorn hissa hain.
 
मैंने पढ़ा की अब बच्चों को टेस्ट से भरोसा नहीं करना चाहिए जब उनके मार्क्स अच्छे नहीं होते। लेकिन IQ स्कोर क्या है? यह तो कोई बात है कि बच्चे की पढ़ाई में कमी होने पर उसके स्कूल में फिटनेस की जांच कर ली जाए। लेकिन अगर वहीं तो बच्चे को विज्ञान, गणित, इतिहास या भूगोल नahi आते, तो यह क्यों? शायद उसके परिवार में पढ़ाई में बहुत अधिक दबाव हो।

बचपन में स्वस्थ होने की जांच ही नहीं होती, फिर कैसे पता चलता है कि बच्चा IQ स्कोर में कम है। मैं तो यकीन नहीं करता।
 
मैंने बहुत सारे लोगों से सवाल उठाया है कि बच्चे की IQ स्कोर में अच्छाई या गड़बड़ी का फायदा क्या होता है, तो मेरा जवाब है कि यह जरूरी नहीं है कि IQ स्कोर अच्छा होना ही बच्चे की सफलता का तरीका है। मैंने कई बार देखा है कि बच्चे जिन्हें IQ स्कोर कम आता, वे भी बहुत अच्छे चिकित्सक, डॉक्टर या इंजीनियर बन सकते हैं।

मेरे अनुसार, पैरेंट्स अपने बच्चों को सही ढंग से सपोर्ट करना चाहिए। अगर बच्चे में IQ स्कोर अच्छा नहीं है, तो उन्हें पढ़ाई में मदद करनी चाहिए, उन्हें सिखाना चाहिए कि कैसे उनकी कमजोरियों को दूर करें।
 
मुझे लगता है कि बच्चों की खUBबूत में IQ स्कोर का बहुत ज्यादा ध्यान देना नहीं चाहिए। सच्चाई यह है कि हर बच्चे की बrain विरासत में आती है और उसे सही तरीके से सपोर्ट करना हमारी जिम्मेदारी है। अगर बच्चों को अच्छे शिक्षक, परिवेश और माँ-पapa की देखरेख मिले, तो वो अपने आप में बहुत कुछ लाने के योग्य हैं।

आजकल IQ स्कोर को बहुत महत्व देने से बच्चों पर दबाव आ रहा है। यह उन्हें खेदपूर्ण और दबाव में रखता है, जिससे वो अपनी ताकतों को पहचान नहीं पाते। मुझे लगता है कि हमें इस बारे में सोचना चाहिए कि हम बच्चों को सही रास्ते पर रखने का तरीका कैसे ढूंढ सकते हैं। शिक्षा, खेल, और भावनात्मक सपोर्ट से बच्चों को उनकी खUBबूत में सफलता पाने में मदद मिल सकती है।
 
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