अगर आपका 12 साल का बेटा क्लास 6 में है और उसके मार्क्स बहुत कम आ रहे हैं, तो यह अच्छा विचार नहीं है। कई बार बच्चों की परीक्षा में अच्छे मार्क्स न आने से वे परेशान हो जाते हैं। ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी दबाव पड़ता है।
इसलिए पेरेंट्स अपने बच्चों को सही तरीके से समझने की कोशिश करें। इससे वे अपने बच्चे की कमजोरियों को पहचान सकते हैं और उन्हें ठीक करने में मदद कर सकते हैं। पेरेंट्स का यह सोच-समझकर करना बहुत जरूरी है।
इसलिए पेरेंट्स अपने बच्चों को सही तरीके से समझने की कोशिश करें। इससे वे अपने बच्चे की कमजोरियों को पहचान सकते हैं और उन्हें ठीक करने में मदद कर सकते हैं। पेरेंट्स का यह सोच-समझकर करना बहुत जरूरी है।