फिजिकल हेल्थ- आर्टिफिशियल स्वीटनर्स से ब्रेन जल्दी बूढ़ा होता है: ‘शुगर फ्री’ से सावधान, जानें इसके हेल्थ रिस्क, बता रहे हैं डॉक्टर

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के बारे में कई सवाल हैं। ये सवाल है- इनसे हमारी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचता है? क्या आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन हमारी ब्रेन और शरीर की हेल्थ पर सीधा असर नहीं डालता?
 
आर्टिफ़िशियल स्वीटनर्स में कोई जहर नहीं है 🙅‍♂️। वो तो हमारे पास उपलब्ध हैं। और अगर ये स्वीटनर्स हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो यह बहुत बड़ा झूठ है। मेरी मांनी जी को भी आर्टिफ़िशियल स्वीटनर्स खाने के बाद कोई समस्या नहीं हुई।
 
बेटा, मुझे यह सोचकर अच्छा लगा कि लोगों को आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के पीछे खड़े होकर सवाल करने की जरूरत है। मेरे अनुभव से मैं कह सकता हूँ कि ये चीजें हमारे शरीर के लिए बहुत खतरनाक हो सकती हैं। जब हम इनसे स्वीटनर्स खाते हैं तो हमारी जिगर और पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। और फिर इसका असर हमारी ब्रेन और मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। मुझे लगता है कि हमें इन चीजों से दूर रहना चाहिए और अपने खाने में स्वस्थ और पौष्टिक चीजें शामिल करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि ये सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं 🤔. आर्टिफिशियल स्वीटनर्स में चीनी और अन्य पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं। अगर हम इनसे अधिक मात्रा में खाते हैं तो इससे हमारी ब्रेन में मधुमेह और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आ सकती हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपने खाने में अधिक चिकनी चीजों से बचना चाहिए और इसके बजाय फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाना चाहिए। यह हमारी सेहत को बेहतर बनाएंगे।
 
मेरे दोस्त, जो लोग आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का बहुत शौकीन हैं, उनके स्वास्थ्य को बार-बार खतरे में डालने वाली चीज़ हैं ये! क्या आप जानते हैं कि ये सिर्फ स्वाद लेकर आते हैं लेकिन फिर भी हमारे शरीर और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाते हैं? मेरे अनुसार, अगर हमारे पास कुछ खाने का विकल्प नहीं रहता तो स्वीटनर्स का सहारा लेना अच्छा लगता है, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा सेवन न करना चाहिए।
 
अरे ये तो बहुत ही दिलचस्प सवाल है! मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के बारे में हमें बहुत सावधानी से रखनी चाहिए। जैसे कि हमारे शरीर को हमेशा अच्छा और स्वस्थ रखने के लिए, हमने नियमित रूप से व्यायाम करना शुरू कर दिया है, तो उसी तरह आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन भी हमारी सेहत पर असर डाल सकता है। मुझे लगता है कि अगर हम जानते हैं कि हमारे शरीर को क्या अच्छा और क्या नहीं है, तो हम आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें 🤔
 
सुनो तो मैं यह बात बताऊंगा कि ये आर्टिफिशियल स्वीटनर्स बहुत बड़ा मुद्दा बन गए हैं। हमारे शरीर को हमेशा से अच्छी चीजों से भरपूर रहना चाहिए, लेकिन ये आर्टिफिशियल स्वीटनर्स हमें दूर दूर तक जाने वाले रसायनों से भरपूर खाद्य पदार्थ बनाते हैं। जब हम इन्हें खाते हैं तो हमारी शरीर की हेल्थ पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। यह हमारी ब्रेन को भी थका देते हैं, और हमारी हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ा देते हैं। तो आज कल आर्टिफिशियल स्वीटनर्स सेवन से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां होने लगी हैं 🤯, और यह एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है।
 
Wow! 👀 मुझे लगता है कि जिस तरह से हमारे देश के खाद्य प्रसंस्करण में तकनीकी बदलाव आ रहे हैं, वैसे ही आर्टिफिशियल स्वीटनर्स की समस्या भी बढ़ रही है। ये स्वीटनर्स तो हमारे शरीर को कोई जरूरी पोषक तत्व नहीं देते, बल्कि हमारी ब्रेन को कैफीन और अन्य मादक पदार्थों जैसी चीजें डालती हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकती हैं।
 
अगर मैं सोचूं तो मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के बारे में बहुत कुछ नहीं जाना। ये सब अच्छी चीजें होंगी, लेकिन शायद हम उनका सही तरीके से समझ नहीं पाएं। मेरे दोस्त ने बताया है कि कुछ आर्टिफिशियल स्वीटनर्स में अल्कोहल और अन्य रसायन होते हैं जो तुरंत हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। मुझे लगता है कि हमें अपने परिवार और दोस्तों से बात करनी चाहिए और इनसे बचने का फैसला करना चाहिए।
 
🤔 मुझे लगता है कि इनसे हमारी सेहत को नुकसान पहुंच रहा है, यह तो असंभव नहीं है। ये स्वीटनर्स में केमिकल्स होते हैं जो हमारे शरीर को बहुत बुरा लग सकते हैं। पिछले दिनों मेरी बहन ने इनसे एक स्वीटनर का सेवन किया था और उसके बाद उसे कई दिन तक बीमार रहा। मुझे लगता है कि इनसे हमारी ब्रेन और शरीर की हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है, जैसे कि डीप नींद आना, थकान, और अन्य समस्याएं। सरकार को जरूरी होगा कि इनसे बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों से सेहत पर सावधानी बरतनी होगी।
 
मुझे ये सवाल बहुत पसंद आ रहे हैं! मैंने कई बार एयरपोर्ट जाने वालों को देखा है तो उनकी टिक्की से भरी प्लास्टिक की बोतल पीने लगते हैं... 🤯 और फिर उन्हें आर्टिफिशियल स्वीटनर्स की समस्या पर लिखने वाले लोगों से ये सवाल करने की जरूरत क्यों नहीं थी? मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी समस्या है और हमें इसके बारे में जागरूक रहना चाहिए। 🚨

कुछ लोग कह रहे हैं कि ये स्वीटनर्स सुरक्षित हैं लेकिन मुझे लगता है कि यह जरूरी नहीं है। मेरे दोस्त की बेटी ने पहले एक आर्टिफिशियल स्वीटनर खाया था और उसे बहुत दर्द हुआ था। मैं समझ नहीं पाता कि ये स्वीटनर्स इतनी खतरनाक क्यों हो सकते हैं। 🤔

लेकिन एक बात तय है अगर हमारी सरकार इस समस्या को लेकर कुछ कदम उठाने में सफल होती है, तो यह बहुत अच्छा होगा। हमें अपने बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रखना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स को लेकर हमें अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना चाहिए। मैंने देखा है कि कई लोग इन्हें अपने खाने में मिलाते हैं, और यह अच्छा नहीं है। ये स्वीटनर्स वास्तव में हमारी आंत को खराब कर सकते हैं। मेरी राय में यह जरूरी है कि हम अपने खाने में मीठे पदार्थों का इस्तेमाल कम करें, और स्वस्थ विकल्प चुनें।
 
आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के बारे में तो बस हैरानी होती है! ये कि कैसे हमें इतनी सुविधाएं देते हैं और फिर भी उनका इस्तेमाल हमारे लिए खतरनाक हो सकता है? मेरा मानना है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के सेवन से हमारी ब्रेन में धूम्रपान जैसी आदत बन सकती है, तो यह हमारी सेहत पर जरूर एक नकारात्मक प्रभाव डालेगी। और शरीर की भी, वजन बढ़ने, ग्लूकोज नियंत्रण में समस्या आने की संभावना है। लेकिन जब तक सरकार और डेयरी उत्पादकों दोनों एक साथ बैठकर इसके खतरों पर ध्यान नहीं देते तो हमारी सेहत पर आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल जरूर हानिकारक होगा।
 
मुझे लगता है कि ये स्वीटनर्स में चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो हमारी सेहत को बिल्कुल नुकसान पहुंचा सकती है। मेरी माँ और दादी भी इनसे स्वीट में लगते थे, लेकिन अब वे बीमार हो गए। मुझे लगता है कि हमें इनसे बचना चाहिए, या कम से कम उनकी मात्रा जाननी चाहिए ताकि हम उन्हें स्वादिष्ट बनाएं लेकिन सेहतमंद रखें।
 
मेरी राय में तो आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के बारे में बात करना थोड़ा जटिल है। सबसे पहले, ये स्वीटनर्स हमारे शरीर में केमिकल्स को शामिल करते हैं जो हमारी त्वचा और आंतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। और फिर, हमारी ब्रेन पर इसका प्रभाव भी बहुत बड़ा होता है। जब हम आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन करते हैं तो हमारी तंत्रिकाओं में बदलाव आ सकता है जिससे हमें चिंता, बेचैनी और अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याएं हो सकती हैं।
 
मुझे लगा कि ये सब चीजें स्वास्थ्य विभाग को छुपाने के लिए हो सकती हैं 🤔। आर्टिफिशियल स्वीटनर्स में ज्यादा मेहनत करने वालों ने ही इसे बनाया होगा, तो ये सब चीजें कैसे सुरक्षित हो गई है? मुझे लगता है कि ये सब चीजें हमारे देश में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जा रहा है, तो इसकी गुणवत्ता कैसे नियंत्रित होगी? 🤷‍♂️
 
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