अपेंडिक्स क्या है? अपेंडिक्स डाइजेस्टिव सिस्टम का मुख्य अंग नहीं है, लेकिन यह हमारे पाचन तंत्र में मदद करता है। यह एक छोटी उंगली के आकार का ट्यूब जैसा अंग होता है और बड़ी आंत के सिरे से जुड़ा होता है, जो पेट के नीचे की तरफ दाईं ओर होता है। यह हमारे शरीर में कई फायदे करता है, जैसे कि हेल्दी गट बैक्टीरिया को सुरक्षित रखने में, इम्यूनिटी बनाए रखने में और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में।
अपेंडिक्स बढ़ने पर भी इसका एक अलग अर्थ है। यह माना जाता था कि अपेंडिक्स कोई महत्वपूर्ण अंग नहीं है, लेकिन अब कई नई रिसर्च में पता चला है कि यह हमारे शरीर को कई तरह से मदद करता है। इसके बिना भी व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन अगर इसमें इंफ्लेमेशन होता है, तो उस कंडीशन को अपेंडिसाइटिस कहते हैं।
अगर अपेंडिक्स बढ़कर 12 मिमी तक पहुंच गया है और इसके साथ दर्द और अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो यह एक गंभीर समस्या हो सकती है। अगर इस समस्या का इलाज नहीं किया जाता है, तो यह फट सकता है और इससे जानलेवा खतरे होते हैं।
अपेंडिसाइटिस का इलाज करने के लिए डॉक्टर कई तरह की दवाएं और उपचार देते हैं। अगर समस्या बहुत गंभीर है, तो सर्जरी भी एक विकल्प मानी जाती है। यहाँ कुछ बातें हैं जिनसे आपको अपने अपेंडिक्स से बचना चाहिए:
* भोजन में फाइबर और प्रोसेस्ड फूडों को कम करें।
* पर्याप्त पानी पीना।
* नियमित वॉक करें।
* पेट के दर्द या बीमारियों को नजरअंदाज न करें।
* जंक फूड और अन्य स्वास्थ्य हानिकारक खाद्य पदार्थों से बचें।
अपेंडिक्स बढ़ने पर भी इसका एक अलग अर्थ है। यह माना जाता था कि अपेंडिक्स कोई महत्वपूर्ण अंग नहीं है, लेकिन अब कई नई रिसर्च में पता चला है कि यह हमारे शरीर को कई तरह से मदद करता है। इसके बिना भी व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन अगर इसमें इंफ्लेमेशन होता है, तो उस कंडीशन को अपेंडिसाइटिस कहते हैं।
अगर अपेंडिक्स बढ़कर 12 मिमी तक पहुंच गया है और इसके साथ दर्द और अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो यह एक गंभीर समस्या हो सकती है। अगर इस समस्या का इलाज नहीं किया जाता है, तो यह फट सकता है और इससे जानलेवा खतरे होते हैं।
अपेंडिसाइटिस का इलाज करने के लिए डॉक्टर कई तरह की दवाएं और उपचार देते हैं। अगर समस्या बहुत गंभीर है, तो सर्जरी भी एक विकल्प मानी जाती है। यहाँ कुछ बातें हैं जिनसे आपको अपने अपेंडिक्स से बचना चाहिए:
* भोजन में फाइबर और प्रोसेस्ड फूडों को कम करें।
* पर्याप्त पानी पीना।
* नियमित वॉक करें।
* पेट के दर्द या बीमारियों को नजरअंदाज न करें।
* जंक फूड और अन्य स्वास्थ्य हानिकारक खाद्य पदार्थों से बचें।