अनियमित नींद से बढ़ता है 172 बीमारियों का रिस्क, नींद पर अब तक की सबसे बड़ी स्टडी।
रोज अलग-अलग समय पर सोने-जागने के बाद शरीर को पता नहीं चलता कि कब थकान होनी चाहिए और कब आराम करना। इससे दिनभर में कई बार लापरवाही हो सकती है, जिससे व्यायाम, स्वस्थ भोजन और नींद की आदतें भूलने लगती हैं।
इस बीच अगर शरीर पर्याप्त आराम नहीं दिया जाता, तो रात में खांसते-पखाते सोते समय लंबे पलों में श्वसन प्रणाली खराब हो सकती है। इससे गल्ली पड़ सकती है और लंबे समय तक लगने पर क्रोनिक फुफ्फुसीय बीमारी भी विकसित हो जाती है।
अगर शरीर का श्वसन तंत्र खराब हो जाता, तो फेफड़े संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे गंभीर बीमारियां, जैसे कि कैंसर और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) भी विकसित हो सकती हैं।
इसके अलावा, अनियमित नींद से कुछ अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे कि पेरीकार्डिटिस, क्रोनिक फुफ्फुसीय ऑब्सट्रक्शन, स्ट्रोक और कैंसर।
इसीलिए, शरीर को अच्छी नींद मिलना बहुत जरूरी है। यह एक ऐसी चीज है जिसके लिए हमें अपने जीवन को संतुलित करना होगा।
रोज अलग-अलग समय पर सोने-जागने के बाद शरीर को पता नहीं चलता कि कब थकान होनी चाहिए और कब आराम करना। इससे दिनभर में कई बार लापरवाही हो सकती है, जिससे व्यायाम, स्वस्थ भोजन और नींद की आदतें भूलने लगती हैं।
इस बीच अगर शरीर पर्याप्त आराम नहीं दिया जाता, तो रात में खांसते-पखाते सोते समय लंबे पलों में श्वसन प्रणाली खराब हो सकती है। इससे गल्ली पड़ सकती है और लंबे समय तक लगने पर क्रोनिक फुफ्फुसीय बीमारी भी विकसित हो जाती है।
अगर शरीर का श्वसन तंत्र खराब हो जाता, तो फेफड़े संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे गंभीर बीमारियां, जैसे कि कैंसर और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) भी विकसित हो सकती हैं।
इसके अलावा, अनियमित नींद से कुछ अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे कि पेरीकार्डिटिस, क्रोनिक फुफ्फुसीय ऑब्सट्रक्शन, स्ट्रोक और कैंसर।
इसीलिए, शरीर को अच्छी नींद मिलना बहुत जरूरी है। यह एक ऐसी चीज है जिसके लिए हमें अपने जीवन को संतुलित करना होगा।