फिजिकल हेल्थ- रोज एक ही समय पर सोएं–जागें: अनियमित नींद से बढ़ता है 172 बीमारियों का रिस्क, नींद पर अब तक की सबसे बड़ी स्टडी

अनियमित नींद से 172 बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, नींद पर अब तक की सबसे बड़ी स्टडी में पाया गया है। रोज अलग-अलग समय पर सोने-जागने से शरीर को पता नहीं चलता कि कब उठना है और कब खाना है, जिससे कई बीमारियां बढ़ सकती हैं।
 
नींद की बात करें तो लोग मेंजमेंट से बचने के लिए दिन-रात सोने-जाग रहे हैं, पर इसका मतलब शरीर कैसे जानेगा कि कब थक गया है और कब खाने की जरूरत है? रोज़ अलग-अलग समय पर सोने से यह समझने में असमर्थ होता है, जिससे कई बीमारियां बढ़ सकती हैं।

मुझे लगता है कि नींद की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर ही हम इस समस्या से निपटने की कोशिश कर सकते हैं, पर दिन-रात सोने-जागने वालों के लिए यह आसान नहीं होगा।
 
नींद की कहानी तो बहुत ही रोचक है! 🤣 अनियमित नींद से 172 बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, यह तो मुझे लगता है कि भारतीय खाने की कुछ चीजें हमेशा अच्छी होती हैं - पहले तो हमें दिल्ली का सिर्फ खट्टा मिठाई पेश कर दें, फिर क्यों न अनियमित नींद? 😂

लेकिन गंभीरता के साथ, चिंता करने वाली बात यह है कि जितने भी हमारे शरीर में कोई समस्या होती है, अनियमित नींद को वह एक बड़ा सहायक बन देती है। तो अगर आप किसी खास बीमारी से लड़ना चाहते हैं तो अनियमित नींद से पहले कहीं और शुरू करें, मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विचार होगा! 😊
 
नींद की बात करें तो यह बहुत ही जरूरी है। लोग बिना सोचे-समझे रोज अलग-अलग समय पर सोने-जागने लग देते हैं और यह बहुत हानिकारक हो रहा है 🤯। शरीर को पता नहीं चलता कि कब उठना है, कब खाना है, इसका मतलब शरीर की पूरी स्थिति खराब हो जाती है। इस बारे में ऐसी बड़ी स्टडी आयी है तो अब सबको समझ आ गया है कि नींद कितनी जरूरी है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि रोज एक ही समय पर सोने की कोशिश करें, और जब उठना है तो बिना सोचे-समझे उठ जाएं। इससे नींद पर लेकर सभी समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी।
 
🤕 अनियमित नींद से हमारे शरीर को बहुत बुरा लगता है। अगर हम सही समय पर उठेंगे और खाएंगे, तो हमारा शरीर ठीक से काम कर सकता है और कोई बीमारी नहीं होने देगी। लेकिन रोज अलग-अलग समय पर जागने-सोने से यह बात नहीं समझता कि मैं कब खाना हूँ, कब उठना हूँ। इससे हमारा शरीर बहुत थक जाता है और कई बीमारियां बढ़ सकती हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपनी नींद को स्थिर बनाए रखना चाहिए, ताकि हमारा शरीर ठीक से काम कर सके। अगर हम अपनी नींद को स्थिर रखेंगे, तो हमारा जीवन भी स्वस्थ और खुशहाल होगा।
 
नींद की गड़बड़ी से बहुत बड़ा खतरा है। मैंने पुरानी दादी-दादाजी की तरह जागने-सोने की आदतें अपनायी हुआ। अब जब सोफे पर बैठकर एक्सेस करता हूं, तो नींद की गड़बड़ी से बचने के लिए मैंने एक नई रूटीन बनाई है। सुबह उठने के बाद 30 मिनट तक फिर से नींद नहीं लेता। और शाम को कंप्यूटर पर बैठता हूं ताकि शरीर को पता चल जाए कि खाने का समय आ गया है या नहीं।
 
अगर मैं अपनी नींद की बात करूं तो मुझे लगता है कि हम सभी को अपनी रोटी भोजन करने के लिए एक सामान्य समय निर्धारित कर देना चाहिए... 😊 बशर्ते वो हर किसी को अलग-अलग समय पर उठने-जागने की अनुमति न दे। इससे हमें अपनी जिंदगी को सामंजस्य में लाने में मदद मिलेगी। और अगर फिर भी हमारे शरीर में थकावट लग जाए तो हमें अपनी नींद को अच्छा होने देना चाहिए... 🤯 जैसे खेल में गोली को गोली मारने से पहले बुलेटप्रूफ हैट पहनने की जरूरत नहीं होती, इसी तरह नींद में भी हमें थोड़ी मरजी रखनी चाहिए।
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि नींद का तार्किक पालन करने में कितनी कठिनाई होती है 🤔। अगर हम सिर्फ एक समय पर सोने-जागना शुरू कर देते, तो शरीर को पता चलता कि कब उठना है, और कब खाना है। यार, मैं अक्सर रात में 2:30 बजे उठ जाता हूँ और फिर 3 घंटे तक सोता रहता हूँ। ऐसा लगता है कि शरीर को भी अच्छी तरह से पता चलता है कि कब उठना है, लेकिन मैं समझ नहीं पाता। 😂 शायद नींद पर अध्ययन करने वाले लोगों को भी इस बारे में खुशी होती है कि हमारे शरीर को तार्किक पालन करने में इतनी कठिनाई होती है। 🤷‍♂️
 
मुझे लगता है यह दुनिया भर में आम समस्या है। तुम्हें सोने की आदत नहीं होती या फिर सोचने की भावना नहीं होती। अब तक की सबसे बड़ी स्टडी में पाया गया है कि अनियमित नींद से हमारे शरीर को कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मैंने भी कभी-कभी ऐसा महसूस किया है जब रात में अचानक उठता हूँ और फिर दिनभर ख्याल नहीं रख पाता। इससे मुझे थकान लगती है और मन भी तनावग्रस्त रहता है। इसलिए अगर तुम्हारी नींद को स्थिर करना चाहते हो, तो एक नियमित समय पर सोने की आदत बनाओ।
 
नींद की बात करना मुश्किल है ना, लेकिन यह सच है कि अनियमित नींद से हमारे शरीर को बहुत परेशानी होती है। 🤯 मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग अपनी दैनिक शेड्यूल के हिसाब से सोने-जागने की कोशिश नहीं करते, जिससे शरीर को पता नहीं चलता कि कब उठना है और कब खाना है। इससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जैसे कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग। नींद पर इस बड़ी स्टडी में पाया गया है कि अनियमित नींद से हमारे शरीर को 172 बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 🚑 यह तो बहुत बड़ी समस्या है, इसलिए मुझे लगता है कि हमें अपनी दैनिक शेड्यूल में थोड़ा सा बदलाव करना चाहिए और नियमित नींद लेनी चाहिए। 😴
 
नींद की बात है, तो हमें समझ में आ गई कि अगर हम अच्छी नींद नहीं लेते हैं तो हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। मेरी राय में, जीवन की शारीरिक गतिविधियों को लेकर हमें अपने दिन को व्यवस्थित करना चाहिए। अगर हम एक ही समय पर सोते हैं और उठते हैं, तो शरीर को पता चलता है कि कब खाना है, कब चलना है, और कब आराम करना है। इससे हमारी नींद अच्छी रहती है और हमारे शरीर को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।
 
अरे, ये तो बहुत बड़ा बातचीत है! नींद से जुड़ी सभी बीमारियों के खतरे बढ़ गए, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने जीवनशैली पर जरूर ध्यान देना चाहिए। रोज अलग-अलग समय पर सोने-जागने से शरीर को पता नहीं चलता कि कब उठना है, और कब खाना है। इससे कई तरह की बीमारियां बढ़ सकती हैं, जैसे कि मधुमेह, हृदय रोग, और अन्य। लेकिन अगर हम अपने नींद के समय को सुधारेंगे, तो यह खतरा कम हो जाएगा। मुझे लगता है कि हमें धीरे-धीरे अपनी नींद की आदतों को बदलना चाहिए, और रोजाना एक ही समय पर सोना-जागने की कोशिश करनी चाहिए। इससे हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा, और कई तरह की बीमारियों से बच जाएगा।
 
नींद की बात करने को तो मुझे अच्छा लगता है लेकिन यह वास्तविकता है कि अनियमित नींद से हमारा शरीर बहुत परेशान होता है 🤯। जब हम रोज अलग-अलग समय पर सोने-जागने लगें, तो शरीर को पता नहीं चलता कि कब उठना है और कब खाना है, जिससे कई बीमारियां बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, नींद की कमी से हमारा माइंड भी बहुत परेशान होता है। तो फिर यह अनियमित नींद से 172 बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, यह तो बहुत ही चिंताजनक है 🚨। हमें अपने शरीर और माइंड के लिए नियमित नींद की अनुशंसा करनी चाहिए, ताकि हमारा स्वास्थ्य बेहतर बन सके।
 
अरे, लोगों को नींद के बारे में थोड़ा सा ध्यान देना चाहिए। यह तो बहुत बड़ी समस्या है जिसके परिणामस्वरूप हमारे शरीर और मन त्रासदि का सामना कर सकते हैं। अनियमित नींद से हमारे शरीर को खत्म पता नहीं चलता कि कब उठना है, क्या खाना है जिससे कई बीमारियां बढ़ सकती हैं और हमारी कार्य शक्ति भी कमजोर हो जाती है। मेरी राय में, हमें नियमित नींद की आदत बनानी चाहिए ताकि हम अपने शरीर और मन को स्वस्थ रख सकें।
 
અહીં સૌથી ગમતું છે કે નીચે પ્રવૃત્તિઓએ ભારતના સ્વાસ્થ્યને ખોટી દિશા આપી છે. જંગલ બજારમાં હવે તમારું 'સળગાડનું' કોઈપણ ફોન, ટી.વી., લેપટોપ જેવું એકલા આપ્યા હોય, તો સમજો ને ચોખ્ખા ભારે બીજું ક્યાં આવે ?
 
मुझे ये तो सोच में आ गया है कि लोगों को अपनी नींद पर ध्यान देना चाहिए। आजकल लोग रोजाना अलग-अलग समय पर सोने-जागने लग गए हैं। इससे शरीर को पता नहीं चलता कि कब उठना है और कब खाना है। इससे कई बीमारियां बढ़ सकती हैं जैसे कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज आदि। मुझे लगता है कि लोगों को अपने नियमित दिनचर्या में एक नींद की सूझबूझ लानी चाहिए ताकि शरीर परेशान न हो।
 
मुझे लगता है कि यह नींद पर बहुत बड़ा महत्व है। मेरी अनुभवों से पता चलता है कि अच्छी नींद एक स्वस्थ जीवन है, लेकिन आजकल की ज्यादातर लोग रोज़ अलग-अलग समय पर सोने-जागने की प्रवृत्ति देख रहे हैं। मेरी बेटी भी ऐसा करती है और मैं हमेशा उससे कहता हूँ, "बेटी, रात 10 बजे सोने के बाद उठ जाना, यह तो सही है।" लेकिन वह नहीं सुनती। मुझे लगता है कि ऐसा करने से शरीर को पता नहीं चलता कि कब खाना है और कब उठना है, जिससे कई बीमारियां बढ़ सकती हैं। मैं अपनी बेटी से कहता हूँ, "बेटी, नींद का समय निर्धारित कर लेना, यह तो स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।" 🤦‍♀️
 
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