PM मोदी का मलेशिया दौरा: ‘हमें मनचाहा नतीजा मिलने की उम्मीद’, जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर MEA का रुख स्पष्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे से पहले विदेश मंत्रालय ने यह संकेत दिया है कि भारत को जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर मनचाहा परिणाम मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी 7 और 8 फरवरी को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर का दौरा करेंगे। इस यात्रा में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी पर हस्ताक्षर करने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान भारत और मलेशिया के बीच व्यापार, रणनीतिक सहयोग और आर्थिक समझौतों पर चर्चा होगी।

जाकिर नाइक को भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा 2016 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित है। उसके खिलाफ भड़काऊ भाषणों के जरिए नफरत फैलाने के आरोप भी हैं।
 
मुझे लगता है कि जाकिर नाइक को प्रत्यर्पित करने से पहले हमें अपने देश में इन्तजार करने की जरूरत नहीं है। हमें यह जानने की जरूरत है कि उसके खिलाफ आरोपों में सच्चाई है या नहीं। हमें अपने नेताओं से जवाबदेही मांगनी चाहिए कि वे कैसे इस मामले में आगे बढ़ रहे हैं। मलेशिया की सरकार भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
 
मोदी जी के मलेशिया दौरे से पहले यह बात तो अच्छी लगी, लेकिन सेमीकंडक्टर क्षेत्र में व्यापार और सहयोग करने की बात पर थोड़ा संदेह है। हमें अपनी सemi कंपनियों की फिर में निवेश करने का तय करना चाहिए, न कि केवल विदेशी राजनेताओं के साथ। और जाकिर नाइक की बात पर... यह भारतीय अर्थव्यवस्था को और भी अधिक जोखिम में डालने का तय होना चाहिए, तो फिर यह तय है कि हमें उसे अपने देश में रिहा करना चाहिए या नहीं।
 
मैंने पढ़ा है प्रधानमंत्री जी मलेशिया जैसे देश के साथ कैसे संबंध बनाते हैं... और जाकिर नाइक को लेकर तो सबकुछ थोड़ा जटिल है। मुझे लगता है कि भारत को अपनी राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा वांछित व्यक्ति को प्रत्यर्पित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब वह देश से दूसरे देश में भी जाता है। तो क्या यह दौरा केवल बिजनेस और राजनीतिक समझौतों तक ही सीमित होगा, या इसमें इस व्यक्ति की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा?
 
निकाला जाए जाकिर नाइक, बाकी सारा क्या है? 🤔 मोदी को मलेशिया जाने का इरादा तो अच्छा है, लेकिन जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर रुख करने की बात... खैर, यह एक दूसरे की बात है। मोदी के दौरे से पहले विदेश मंत्रालय को तो बस अपना स्टैंड ठीक कर लेना चाहिए, नहीं तो बाकी सब क्यों गले लगाएं? 🙃
 
मुझे यह बात अजीब लग रही है कि सरकार तो जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण कर देने के लिए तैयार है, लेकिन वहीं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं। लगता है कि सरकार को यह समझ आ गई है कि जाकिर नाइक को प्रत्यर्पित करने से हमारे अर्थव्यवस्था और विदेश नीति को फायदा होगा। मुझे लगता है कि इससे भारत की राजनीति में कुछ नया होने की उम्मीद है।
 
मलेशिया जैसे देशों में लोगों को हमेशा से अच्छा विकल्प मिलता रहा है, तो क्यों? यह वहीं ताकत है जिसने हमारे नेताओं को पीछे-पीछे चलने की स्थिति में डाल दिया है। 🤔

मलेशिया से क्या मिलेगा? वहां का सेमीकंडक्टर उद्योग तो हमारा ही है, लेकिन हम इसका फायदा नहीं उठाते हैं। कभी-कभर मुझे लगता है कि हमें यह बेहतरीन चीजें देनी चाहिए, न कि खुद से मिलने की कोशिश करनी।

नेताओं को तो अपने वोटों का बदलाव करने के लिए क्या चुनाव लड़ना होगा, यही नहीं परिवार-दोस्तों तक दौड़ते रहते हैं। 🤷‍♂️
 
मालूम क्या हुआ ब्रदर 🤔... मलेशिया जैसे देशों में जाकिर नाइक को लेकर तो बहुत पेचीदा स्थिति बन गई है। पहले कुछ दिनों में भारत और मलेशिया की राजनीतिक परस्परसंवाद बढ़ जाएगी, फिर यह देखा जाएगा कि क्या वाकई भारत ने उसे पकड़ने की कोशिश कर रहा है या फिर बस चिंता से बातें कर रहा है। मैं तो उम्मीद करता हूँ कि इस दौरान मलेशिया और भारत के बीच व्यापार संबंध तेजी से बढ़ेंगे। यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा, खासकर जब सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शुभकामनाएं!
 
मोदी जी की मलेशिया यात्रा से पहले तो मुझे लगता है कि भारत की बाजार की दुनिया में हमारे हिस्से को सुरक्षित रखने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी। 📈

जाकिर नाइक की मामले में तो मुझे लगता है कि सरकार द्वारा निकाली गई जानकारी कितनी सच्ची है, यह पता नहीं चल पाया है। लेकिन अगर सरकार ने भी इस पर ध्यान देने का फैसला किया है तो मुझे लगता है कि उसके परिणाम हमेशा अच्छे नहीं होते। 🤔

मलेशिया की अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हमारी सहयोग साझेदारी पर हस्ताक्षर करने की संभावना तो बहुत अच्छी है, लेकिन अगर हमारे देश के पास इसके लिए मजबूत आधार नहीं है तो फिर यह सब क्यों वादा है? 🤷‍♂️

आज की दुनिया में विदेशी संबंधों में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। हमें पता होना चाहिए कि अगर हमारे पास अपनी जगह पर मजबूत आधार तो फिर हम विदेशी देशों में इतने निजी जीवन क्यों छिपाते हैं? 🌐
 
🤔 मुझे लगता है कि भारत को जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर साबित करने के लिए कुछ समय और मेहनत की जरूरत होगी। 🕰️

📈 अगर हम मलेशिया के साथ व्यापार, रणनीतिक सहयोग और आर्थिक समझौतों पर चर्चा करते हैं तो यह अच्छा है! 🤝 भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद करने के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी बहुत जरूरी है। 💻

🚫 लेकिन जाकिर नाइक के खिलाफ आरोपों पर ध्यान देना भी जरूरी है। 🤔 हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने नागरिकों को भारत में सुरक्षित और स्वस्थ रखते हुए। 🛡️

📊 अगर प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया दौरे में जाकिर नाइक पर चर्चा होती है तो यह अच्छा होगा। 💬 हमें अपने विदेश नीति को और मजबूत बनाने के लिए सीखने को तैयार रहना चाहिए। 📚

🌈 मुझे लगता है कि मलेशिया में भारत की प्रतिनिधित्व करने वाली यात्रा सफल होनी चाहिए। 🎉
 
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मोदी जी का दौरा मलेशिया का बहुत प्रमुख होगा, लेकिन जाकिर नाइक को प्रत्यर्पित करने से पहले हमें अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर चर्चा करनी चाहिए, नहीं तो हम दूसरों को भी दोषी ठहराने की बात कर रहे हैं 🤔। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी ने जाकिर नाइक को प्रत्यर्पित करने की बात कही तो नहीं, लेकिन अगर ऐसा हुआ है, तो वह बहुत अच्छा संकेत होगा।

मलेशिया के साथ हमारे व्यापार और आर्थिक समझौतों में बहुत ज्यादा सुधार करने की उम्मीद है। और यह बात भी सच है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी पर हस्ताक्षर करने की संभावना है, जो हमारे देश के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

लेकिन, मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जी ने हमें यह भी बताना चाहिए कि उनके दौरे के दौरान भारत और मलेशिया के बीच क्या समझौते होंगे, और कौन से आर्थिक फायदे हमारे देश को मिलेंगे। तो लोगों को पता चल सके कि वास्तव में क्या हुआ, न कि कुछ भी गलत या ठीक नहीं कहकर बात करना।
 
मलेशिया जैसे देशों से हमारे बीच की समझ में अच्छी तरह से बढ़ोतरी होनी चाहिए, तभी यात्राएं और व्यापारिक समझौते सफल हो सकते हैं 🚀। यह जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर ध्यान देना अच्छा नहीं है, इसके बजाय हमें उसके आरोपों की जांच करनी चाहिए और उसके खिलाफ कोई गलतफहमी न हो।

प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी पर हस्ताक्षर करने से लाभ हो सकता है, जिससे हमारे देश के विदेश मंत्री बनने की उम्मीदें बढ़ सकती हैं 🚗

क्या नहीं यहां भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, इससे हमारे दोनों देशों के लिए लाभ हो सकता है 🤝
 
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