PM Modi का सिंगूर संदेश: ‘महा जंगलराज’ खत्म होगा, बंगाल-असम में नई परियोजनाओं की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सिंगूर रोड पर एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया, जहां उन्होंने बंगाल और असम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत करने का वादा किया।

उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार ने दशकों तक सत्ता के लिए कांग्रेस को समर्थन दिया, जिससे असम की जनसांख्यिकी, सुरक्षा और संस्कृति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। इसी reason में हमने असम दौरे में कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपए की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी।

इसी दौरान उन्होंने गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़—लखनऊ में 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा, "बेहतर कनेक्टिविटी ही विकास की कुंजी है। असम और पूर्वोत्तर अब विकास के केंद्र में आ गए हैं।"
 
मुझे तो लगता है कि मोदीजी ने बिल्कुल सही कहा, देश की ज़रूरत है अच्छी कनेक्टिविटी, बस 2G नहीं पर्याप्त है। यार, असम और पूर्वोत्तर को तो हमें अच्छा विकास किया जाना चाहिए। काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की बात आती है, मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा पहलू है। लेकिन मुझे लगता है कि ये परियोजनाएं जरूरी हैं, लेकिन हमें इनसे सुरक्षा और संस्कृति जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।

मोदीजी ने कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपए की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को आधारशिला रखा, और गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़—लखनऊ में 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें इनसे स्थानीय उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।
 
भैया तो यह संदेश बिल्कुल सही कह रहा है 🤝, सिंगूर रोड पर मोदी जी ने दिखाया कि भारत देश कैसे विकसित होता है। लेकिन मुझे लगता है कि असम की जनसांख्यिकी, सुरक्षा और संस्कृति पर बुरा प्रभाव पड़ने वाला यह सब कितना सही था 🤔, हमारी सरकार ने दशकों तक सत्ता के लिए कांग्रेस को समर्थन दिया तो फिर क्या कर सकती थी?

मुझे लगता है कि इस परियोजनाओं से असम और पूर्वोत्तर का विकास होगा तो फिर यह सब सही कहा गया है। लेकिन मेरा सवाल यह है कि हमारी सरकार ने इतनी देर तक कांग्रेस पर समर्थन दिया क्यों था? 🤷‍♂️
 
प्रधानमंत्री देश में आगे बढ़ रहे हैं और सिंगूर रोड पर जाना बहुत अच्छा निर्णय था। लेकिन असम को विकास का केंद्र बनाए रखने के लिए हमें ध्यान रखना होगा। मैंने दशकों पहले अपने गाँव में इसी जैसी परियोजनाओं की शुरुआत की थी, और वो बहुत अच्छा नतीजा देने वाली साबित हुई।

मुझे लगता है कि इन परियोजनाओं के लिए हमें सरकार में और भी अधिक सक्रियता बरतनी होगी। हमें यह नहीं तो असम की संस्कृति और जनसांख्यिकी पर प्रभाव डालने वाली किसी भी समस्या का समाधान करने में मदद कर सकते हैं।
 
Wow 😮, भारत सरकार ने अब बंगाल और असम को बहुत महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जोड़ने का फैसला किया है। यह एक अच्छी खबर है 🙌। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि बेहतर कनेक्टिविटी विकास की कुंजी है, और अब असम और पूर्वोत्तर भारत विकास के केंद्र में आ गए हैं। यह अच्छा सोचा गया है 🤔, लेकिन देखिए कि यह परियोजनाएं कितनी सफल होंगी और लोगों को कैसा फायदा होगा।
 
मुझे लगता है कि ये सब तो एक बड़ा प्रचार है 🤔। क्या वास्तव में सरकार ने दशकों से असम की मदद नहीं की थी, तो फिर इतनी रातों रात परियोजनाएं शुरू करने में क्या फर्क पड़ता? और 6,950 करोड़ रुपए की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के लिए तो हमें पहले से ही जानकारी नहीं थी, तो फिर कैसे आधारशिला रख सकते?

और ये अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, वह तो बहुत रोमांचनीय लग रही हैं 🚂, लेकिन क्या वास्तव में हमारी देशभर की ट्रेनें इस तरह से सुधारने के लिए इतनी जल्दी और पैसे कैसे खर्च कर सकते? मुझे लगता है कि सब कुछ एक बड़ा हाथ थापा है, और हमें बस उनकी झूठी बातों पर भरोसा करना चाहिए।
 
मेरा विचार है कि ये बहुत अच्छा संदेश है, लेकिन हमें याद रखना होगा कि भारत का विकास एक बड़ी परियोजना है और इसमें समय, प्रयास और संसाधनों की जरूरत है। असम में जो परियोजनाएं शुरू की गई हैं वह बहुत अच्छी होगी, लेकिन हमें ये भी देखना होगा कि इन परियोजनाओं के लिए कैसे धन और संसाधन प्राप्त किए जाएंगे। और सबसे जरूरी बात यह है कि हमारे देश के विकास में एक साथ मिलकर काम करना होगा।
 
मैंने देखा तो प्रधानमंत्री जी ने बंगाल और असम की परियोजनाओं के लिए बहुत अच्छा संदेश दिया है 📢 उनकी बात सुनकर मुझे एक खुशी महसूस हुई, विशेष रूप से असम के विकास को देखने का। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, न कि बस एक घोषणा है। हमें देख रहे हैं कि इन परियोजनाओं में इतनी रुचि और प्राथमिकता क्यों दी जा रही है, यह साफ़ सोचकर अच्छा लगता है 🤔

अब जब भारत विकसित होता है तो इसे एक मजबूत आधार बनाने के लिए इन परियोजनाओं में निवेश करना बहुत जरूरी है। असम की जनसांख्यिकी, सुरक्षा और संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों में सुधार करने के लिए इन परियोजनाओं में रुचि रखना अच्छा है 🌈
 
🚂 मुझे लगता है कि इस दौरान कुछ जरुरत नहीं है की हम तो बिना किसी संदेश के चले जाएं, मोदी सर ने कहा है की असम और बंगाल परियोजनाओं शुरू करने का वादा किया है, लेकिन अभी भी भूमि सुधार, पीने का पानी और रोजगार जैसे मुद्दे दूर नहीं हुए हैं ।
 
मोदी साहब का यह दौरा बहुत अच्छा है 🙌, जो कि असम और बंगाल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए एक नया युग शुरू कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इन परियोजनाओं से देश की विकास गति तेज हो जाएगी। असम में कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपए की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना बहुत बड़ी है और यहां तक कि गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़—लखनऊ में 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने से मुझे बहुत खुशी हुई। 😊
 
🚂 भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए हमें इन परियोजनाओं से बहुत उम्मीदें हैं, खासकर बंगाल और असम में। ये दोनों राज्य हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और इनके विकास से हमारा GDP बढ़ेगा।

लेकिन इन परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने के लिए, हमें अपने देश की सड़कें और रेलवे नेटवर्क में कई बदलाव कराने होंगे। इससे हमारा परिवहन सिस्टम सुधर जाएगा और देश के विभिन्न हिस्सों में बेहतर कनेक्टिविटी बनी रहेगी।

इसके अलावा, इन परियोजनाओं को शुरू करने के लिए हमें अपने पास की नीतियां और बजट में बदलाव कराना होगा। इससे हमारे देश के विकास के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
 
🚂 मोदीजी ने बिल्कुल सही कहा है परियोजनाओं को शुरू करना तो हमेशा अच्छा है, लेकिन सोच लेना चाहिए कि ये परियोजनाएं जानबूझकर असम और बंगाल में ही क्यों शुरू की जा रही हैं? 🤔

कांग्रेस को समर्थन देते समय हमने बहुत ज्यादा सुधार नहीं देखा, बस लोकल राजनीति हुई। लेकिन अब मोदीजी ने ठीक कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ही विकास की कुंजी है। लेकिन ये सवाल उठना चाहिए कि परियोजनाओं को शुरू करने से पहले हमें असम और बंगाल की समस्याओं का हल निकालना होगा। 💡

और मोदीजी ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर अब विकास के केंद्र में आ गए हैं। लेकिन क्या वास्तव में यह सच है? क्या हमने अपने पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन, उद्योग और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया है? ये सवाल उठना चाहिए। 🤷
 
मोदी जी ने अच्छा संदेश लेकर आया, बंगाल और असम में परियोजनाएं शुरू करने का वादा लिया है 🚨। कांग्रेस को समर्थन देने से असम पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा था, इसकी वजह से उन्होंने कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपए की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना शुरू की है 🚗

अब असम और पूर्वोत्तर विकास के केंद्र बन गए हैं, बेहतर कनेक्टिविटी ही विकास की कुंजी है, मोदी जी ने सही कहा 😊. गुवाहाटी – रोहतक और डिब्रूगढ़ – लखनऊ में दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है 🚂, ये अच्छी खबर है।
 
संदेश का सार:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है। उन्होंने बंगाल और असम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत करने का वादा किया। यह अच्छी खबर है कि सरकार ने असम की जनसांख्यिकी, सुरक्षा और संस्कृति को बेहतर बनाने का फैसला किया है। 6,950 करोड़ रुपए की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी गई। यह अच्छी खबर है कि गुवाहाटी–रोहतक और डिब्रूगढ़—लखनऊ में 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई। यह सुनिश्चित करता है कि असम और पूर्वोत्तर अब विकास के केंद्र में आ गए हैं।
 
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अरे, ये बात तो सचमुच बहुत अच्छी है 🤩, मोदीजी ने एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, अब गुवाहाटी से रोहतक और डिब्रूगढ़ से लखनऊ तक पास की है 💨। हमें बेहतर कनेक्टिविटी चाहिए तो यह एकदम सही फैसला है, मगर कलियाबोर परियोजना का खर्च 6,950 करोड़ रुपए था, अब देखेगे कि यह सारी चीज कैसे चलेगी।
 
मोदी जी का बोलबाला हुआ 🤔, लेकिन क्या सही मायनों में कहना है? असम में उन्होंने कहा कि वहां की जनसांख्यिकी और सुरक्षा पर कई दशकों तक कांग्रेस का समर्थन पड़ा था। लेकिन हमेशा यह सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस ने असम में विकास की दिशा में कोई काम किया था? या बस वहां पर अपना सामर्थ्य बढ़ाने की कोशिश कर रही थी? 🤷‍♂️

और बात करते हैं गुवाहाटी और रोहतक में नई ट्रेनों को, यह तो अच्छा सुना... लेकिन क्या ये ट्रेनें वास्तव में असम के नागरिकों के लिए फायदेमंद होंगी? या बस सरकार के राजनीति में उपयोग करने के लिए बनाई गई हैं? 🚂
 
मोदी जी ने अब बोल दिया कि असम में 6,950 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर शुरुआत कर रहे हैं और कहा कि यह परियोजनाएँ विकास की कुंजी हैं। लेकिन मुझे लगता है कि ऐसी बातें सिर्फ प्रचार के लिए हो सकती हैं। असम में कई छोटे शहरों में भी बहुत सारी अच्छी परियोजनाएँ शुरू की जा चुकी हैं, तो फिर क्यों उन्हें ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। और गुवाहाटी—रोहतक और डिब्रूगढ़—लखनऊ के ट्रेनों पर हरी झंडी दिखाने से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लोग बस ट्रेनों में आसानी से यात्रा कर पाएंगे।
 
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