PM Modi on Mamata Banerjee: ममता बनर्जी पर बरसे सुकांता मजूमदार, किया ये चौंकाने वाला दावा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भारत के विकसित बनने के सपने पर गौर किया, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि देश के गरीब वर्ग और प्रवासी मजदूरों पर क्या असर पड़ेगा। मोदी ने कहा है कि बंगाल में निवेश तभी होगा जब वहां कानून व्यवस्था ठीक हो जाए, लेकिन कई लोग इस बयान से असहमत हैं।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि मोदी सरकार के द्वारा दिए गए विकसित भारत के विजन में केवल बड़े कॉरपोरेट्स का फायदा हो रहा है, जबकि मध्यम वर्ग और बेरोजगार युवाओं की स्थिति अभी भी बहुत खराब है। चौधरी ने कहा है कि एक तरफ 'विकसित भारत' का सपना दिखाया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ देश के प्रवासी मजदूर और गरीब वर्ग असुरक्षित हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि मोदी सरकार ने अपने विकसित भारत के विजन में वास्तविक न्याय की कमी दिखाई है। चौधरी ने संसद में पूछा है कि एक तरफ 'विकसित भारत' के "चार स्तंभों" (युवा, महिला, किसान और गरीब) पर सरकार की नीतियों में वास्तविक न्याय की कमी है, जबकि दूसरी तरफ बड़े कॉरपोरेट्स का फायदा हो रहा है।

इस बयान से पहले, चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषी मजदूरों पर हो रहे हमलों और उनके साथ होने वाले भेदभाव का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा है कि जब तक देश का आम नागरिक सुरक्षित नहीं है, तब तक 'विकसित भारत' की बातें केवल खोखले वादे हैं।

इस बयान से पहले, चौधरी ने कहा है कि मोदी सरकार को अपने विकसित भारत के विजन पर सवाल उठाने की जरूरत है, और उन्हें यह समझना चाहिए कि देश के प्रवासी मजदूरों और गरीब वर्ग की स्थिति कैसे सुधारी जाए।
 
मोदी जी के 'विकसित भारत' के सपने में कुछ बातें सोचते हुए एक सवाल है कि विकास का मतलब तभी हो सकता है जब देश के हर वर्ग के लोगों को सम्मान और न्याय मिले। लेकिन ऐसा लगता है कि केवल बड़े कॉरपोरेट्स का फायदा ही हो रहा है। हमारे देश में गरीब और प्रवासी मजदूरों की स्थिति अभी भी बहुत खराब है, और उन्हें सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने की जरूरत है। 🤝
 
मोदी सरकार को ऐसे बयान देने की जरूरत नहीं है जिससे देश के लोगों में असहमति बढ़े। प्रधानमंत्री को अपने देश के विकसित बनने का सपना देखना चाहिए, लेकिन वह इसे सही तरीके से लागू करने की जरूरत है। हमें न तो कॉरपोरेट्स के फायदे की बात करें, न ही प्रवासी मजदूरों और गरीब वर्ग का दुर्व्यवहार करें। हमें एक ऐसे देश की सोच करनी चाहिए जहां हर किसी को समान अवसर मिले, जहां सबको सुरक्षित महसूस हो।
 
मोदी सरकार को विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए पहले सिर्फ बंगाल में निवेश बढ़ाना नहीं है, बल्कि देश के गरीब वर्ग और प्रवासी मजदूरों को भी विकसित भारत में सुरक्षा और अवसर प्रदान करने की जरूरत है 🤝
 
बोलते बोलते मुझे लगता है कि हमें अपने सपनों को सबसे पहले खुद को समझना चाहिए, ताकि हम अपने देश के विकास के लिए सही रास्ता पकड़ सकें। लेकिन आजकल की राजनीति में इतनी बहस हो रही है कि किसी को भी अपने सपनों पर ध्यान केंद्रित करने का मौका नहीं मिलता। हमारे प्रधानमंत्री जी ने देश के विकास के लिए बहुत सोच-समझकर काम किया है, लेकिन अभी भी एक सवाल उठता है - क्या विकास सिर्फ आर्थिक ही हो सकता है? या हमारे समाज में भी यही महत्वपूर्ण है? 🤔
 
मोदी का 'विकसित भारत' सपना तो याद है, लेकिन सवाल यह उठता है कि इसके नाम पर बड़े कॉरपोरेट्स को खाना मिलेगा। मध्यम वर्ग और बेरोजगार युवाओं की जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया, बस सरकार के विचारों का फोटो शूट हुआ। प्रवासी मजदूरों पर तो भेदभाव बढ़ गया। जब तक हमारी सुरक्षित न हो, तब तक 'विकसित' का सपना खोखला ही रहेगा 🤥
 
मोदीजी का विकसित भारत का सपना तो बहुत अच्छा लगता है, लेकिन पूछें तो देश के गरीब और प्रवासी मजदूरों की स्थिति कैसे होगी, यह सवाल नहीं उठाया गया। मुझे लगता है कि सरकार को अपने विकसित भारत के विजन पर वास्तविक न्याय दिखाने की जरूरत है, लेकिन बड़े कॉरपोरेट्स का फायदा होना तो नहीं चाहिए। 🤔

मुझे लगता है कि मोदीजी के पास यह सोच समझकर नहीं आ रहा है कि देश के गरीब और प्रवासी मजदूरों की जिंदगी कैसे बदलेगी। वे तो कहते हैं कि बंगाल में निवेश होगा जब वहां कानून व्यवस्था ठीक हो जाए, लेकिन यह क्या है? किसानों और गरीबों के लिए कानून व्यवस्था तय करने की जरूरत नहीं है, उनके लिए न्याय चाहिए। 😔

मुझे लगता है कि मोदीजी को यह समझना चाहिए कि देश के प्रवासी मजदूरों और गरीब वर्ग की स्थिति सुधारने के लिए सरकार को तैयार होने की जरूरत है। विकसित भारत का सपना तो फंस जाएगा अगर देश के सबसे कमजोर section पर न्याय नहीं किया जाता। 🚨
 
अरे भाई, मैंने इस विषय पर बात करने की कोशिश नहीं की थी, लेकिन जब मैंने देखा तो मुझे लगता है कि कुछ ऐसा गलत हुआ है। सरकार ने इतने बड़े झूठ बोले हैं कि सबको मनाने की जरूरत नहीं है। क्या विकसित भारत हासिल करने के लिए हमें अपने गरीबों और प्रवासी मजदूरों की स्थिति को देखना पड़ेगा या बस बड़े कॉरपोरेट्स की खुशी लेकर आगे बढ़ें। मुझे लगता है कि यह सवाल सरकार को सोचकर जवाब देना चाहिए, नहीं तो विकसित भारत का सपना बस एक झूठी कल्पना बन जाएगा। 🤔
 
मोदी सरकार को अपने विकसित भारत के सपने को सच कराने के लिए पहले से देश के गरीब और प्रवासी वर्ग की समस्याओं पर ध्यान देना होगा 😊। यही हमारा भविष्य है। बोलते समय भी दूसरों की बात सुनना चाहिए, नहीं तो खोखले वादे बनाए जा सकते हैं।
 
मोदी सरकार को अपने विकसित भारत के सपने में सच्चाई लाने का दौर आ गया है। चौधरी ji ने बिल्कुल सही कहा है कि यह सिर्फ बड़े कॉरपोरेट्स के फायदे को ध्यान में रखकर नहीं बनाया जा सकता। गरीब वर्ग और प्रवासी मजदूरों की स्थिति में सुधार करना ही वास्तविक विकास की दिशा में है।
 
બીજે પણ આખો દિવસ રાષ્ટ્રપતિની ગુમારત કરશે, પરંતુ એના જવાબમાં આ દ્રષ્ટિથી ભૂલશોને ક્યાં અપાયું?
 
Back
Top