पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पुलिस पर भीड़ का हमला: 6 पुलिसकर्मी घायल, नौ आरोपी गिरफ्तार; जनवरी 2024 में ED टीम पर हमला हुआ था

संदेशखाली के बोयरमारी गांव में पुलिस टीम पर शुक्रवार रात भीड़ ने हमला कर दिया। यह घटना पश्चिम बंगाल में TMC कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हुई थी। हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहन में भी तोड़फोड़ की गई।

पुलिस के अनुसार, TMC कार्यकर्ता मूसा मोल्ला को गिरफ्तार करने गई थी, जिसके खिलाफ अवैध रूप से जमीन और तालाब पर कब्जा कर मछली पालन करने का आरोप है। जब पुलिसकर्मी मोल्ला को उसके घर से पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाने की कोशिश कर रहे थे, तभी मोल्ला के समर्थकों ने वाहन को घेर लिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी।

इस घटना में, नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमले करने के आरोप में दो स्थानीय टीएमसी नेताओं बोयरमारी ग्राम पंचायत-2 के प्रधान और उप-प्रधान को भी हिरासत में लिया गया है। घायल पुलिसकर्मियों को स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्हें छुट्टी दे दी गई।

इस हमले ने पश्चिम बंगाल के संदेशखाली इलाके में एक बार फिर दबंगई और प्रशासनिक विफलता के प्रतीक के रूप में उभरा है।
 
मुझे लगा कि ये घटना बहुत बड़ा मुद्दा है जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है 🤔। यह तो बिल्कुल सही नहीं था कि पुलिस टीम ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की, इसके बजाय उन्हें समझौता कराना चाहिए था। और यह तो बुरा है कि हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हुए, उनकी जान खतरे में आ गई।

मुझे लगता है कि इस घटना से हमें सबक सीखना चाहिए कि विपक्षी पक्ष को भी समझना और उनके दृष्टिकोण को मानना चाहिए। पुलिस टीम ने ऐसी गलती क्यों की? और हमलावरों ने इतने पत्थर फेंकने के लिए क्यों उग्रित हुए?

मुझे लगता है कि इस संदेशखाली इलाके में तो सबसे बड़ा मुद्दा है दबंगई और प्रशासनिक विफलता, जिससे लोग इतने बुरे माहौल में आ जाते हैं।
 
बोयरमारी गांव में ऐसी घटनाएं कभी भी नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह तो दिखाती है कि पुलिस और स्थानीय नेताओं के बीच क्या गलतफहमी है। TMC कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने जा रही थी, लेकिन इतनी गलत तरीके से? यह तो एक बड़ा झूठा मामला है और इसके पीछे कुछ बड़ी बातें छुपाई जा रही हैं। पुलिस को अपनी जवाबदेही समझनी चाहिए और TMC के नेताओं को भी अपने कार्यों के लिए जवाब देना चाहिए।

लेकिन यह तो एक बात है, हमले करने वाले लोग कौन हैं और उनके पीछे क्या मकसद है? यह तो एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब नहीं आ रहा है। हमले करने वालों को जरूर सुनना चाहिए और उन्हें समझाना चाहिए कि उनकी बात कहने से अच्छा निकाला जा सकता है।
 
ये तो बहुत बड़ा हमला हुआ है 🚨। क्या ये लड़ेगी कानून? यह तो बहुत दुखद है जितने लोग घायल हुए, उनकी सेहत देखभाल कैसे करेगा। TMC कार्यकर्ता को पकड़ने गए पुलिस टीम पर इतना विरोध क्यों? यह तो बीच में कौन आ गया और वोट में धोखा देने की लालच क्यों?
 
बिल्कुल तो यह घटना बहुत दुखद है, पुलिस कर्मचारी को गंभीर चोट लग गई, फिर भी हमारे पुलिसवालों की सेवा करने वाली नौकरियों में इतने दुष्चक्र क्यों बनते हैं? याद रखिए, मेरा दिल मेरी कंपनी के साथ है, और मैं हमेशा उनके पीछे खड़ा रहूंगा। 🤩

पुलिस वाहन पर पत्थरबाजी करना समझने को नहीं मिलता, लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह घटना कुछ और के बाद में देखने को मिलेगी। पुलिस अधिकारियों को अपने साथ खड़े होने वाली नागरिकों की मदद करने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन कभी-कभी यह पूरा काम आसान नहीं हो सकता है। 🚔

अब मैं अपने दोस्तों से बात कर रहा हूं, हम तीनों कंपनी के सभी उत्पाद खरीदते हैं, और हमें लगता है कि उनकी प्रभावशीलता और सेवा वाली टीम हमेशा हमारे साथ खड़ी रहेगी। 📈

मैं तो यही कहूंगा, क्योंकि हमारी कंपनी के प्रति समर्थन हमेशा बढ़ता रहता है, और हमें उनके साथ बाहर निकलने का दृश्य नहीं मिलता। 🙌
 
क्या यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है 🤕। मैंने अपने बच्चों को हमेशा सिखाया है कि पुलिस का सम्मान करना और उनके आदेशों का पालन करना चाहिए, लेकिन यहां तो ऐसा लग रहा है जैसे कुछ लोग पुलिस की सेवा में बाधा डाल रहे हैं 🚫। मुझे लगता है कि ऐसे हमलों से बच्चों को भी ज्यादा डर लगेगा और वे अपने भविष्य के बारे में सोचते समय कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे। इसके लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कड़ी मेहनत करनी होगी ताकि जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके और बाकी लोगों को सुरक्षित महसूस कराएं 🚔.
 
यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है 😔। पुलिसकर्मियों पर ऐसा हमला करना बिल्कुल सही नहीं है, वे सिर्फ अपने कर्तव्य को निष्पक्ष रूप से करते हैं और लोगों की मदद भी करते हैं। यह तो बहुत दुखद है कि हमले करने के बाद भी पुलिसकर्मियों को पर्याप्त चिकित्सा सहायता नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा के लिए हमेशा सावधान रहें, ताकि ऐसे हालात फिर न बनें।
 
बोयरमारी गांव में घटना जानकर तो मुझे लगने लगा कि फिर से पश्चिम बंगाल की यह दबंगई देखने को मिली। पुलिस की इस तरह की हिंसक कार्रवाई से पहले नहीं सोचा, खैर कुछ भी करने की कोशिश की तो उनका समर्थन करने वालों ने हमला कर दिया। यहां तक कि पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें लग गईं। मुझे लगता है कि इन घटनाओं से हमारे देश में शांति और समाजिक स्थिरता की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
 
बोयरमारी गांव में ऐसा हमला तो कभी नहीं सुना था। पुलिस टीम पर भीड़ क्यों ने ऐसा कर दिया? यह तो एक बड़ा सवाल है...

क्या पुलिस की तरह ही हमारे देश में लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं का समाधान करने की ज़रूरत नहीं है? चाहे वह कभीरामी या किसी भी अन्य प्रकार की समस्या हो, हमें एक-दूसरे को समझना और शांति से बात करनी चाहिए।

क्या यह हमला पुलिस की गरिमा को कम नहीं कर देगा? क्या हमारे समाज में ऐसी ही दबंगई की विरोधी सोच और समझौते की जरूरत नहीं है?
 
बोयरमारी गांव में ऐसी घटनाएं तो कभी-कभी सोच नहीं पाता, यह तो जरूरी है कि लोगों को किसी भी तरह के सवालों पर जवाब देने का मौका न मिले। पुलिस तो फिर से अपनी भूमिका बिगाड़ रही है, और यहां के लोग भी अपनी जिद्दी पर चलने लगे हैं। तीनों का खेल तो हमारी देशभर में एक ही तरह का दिखता है।
 
बिल्कुल यह घटना बहुत दुखद है, घायल पुलिसकर्मियों की तेजी से चिकित्सा भर्ती होनी चाहिए। TMC कार्यकर्ताओं को भी उनके समर्थन में हुए हमले में शामिल नहीं होना चाहिए, और पुलिस की दृष्टि तेज करनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएं न हों। संदेशखाली इलाके में दबंगई फैलाने वाले लोगों को पकड़ा जाना चाहिए, और उनके समर्थन में हुए हमले में शामिल लोगों को भी हिरासत में लिया जाना चाहिए।
 
बात यह तो बहुत दुखद, पुलिस टीम पर भीड़ का हमला करना कैसी चीज है? जानवरों की तरह व्यवहार कर रहे लोग, मुझे लगता है कि ये लोग अपने अधिकारों के बारे में सोचने नहीं देते। पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले लोग तो सिर्फ बेदखल हुए और भूमि के मुद्दे पर लड़ रहे थे, परन्तु अपनी गलती को स्वीकार नहीं कर रहे थे। यह घटना बहुत दुखद, मुझे लगता है कि पुलिसकर्मियों को फिर से गोलीबारी करने की बात मत कीजिए।
 
बात भाई, यह घटना बहुत दुखद है 🤕। मैं समझता हूँ कि किसी भी समाज में जो भी परेशानी होती है, वह सबकुछ एक साथ नहीं जुड़ता। लेकिन इस तरह के हमलों से तो पूरे इलाके में नाराजगी बढ़ सकती है।

मैं समझता हूँ कि पुलिस की तरफ से ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करना जरूरी होता है, लेकिन यह भी सच है कि जब उन्हें धीरे-धीरे और शांतिपूर्ण तरीके से समस्या हल करने का मौका मिलता है, तो उसे समझने की कोशिश करनी चाहिए।

कोई भी समाज में ऐसे incidents होते रहते हैं, लेकिन हमें एक दूसरे को समझने और समाधान खोजने की कोशिश करनी चाहिए, ना कि सिर्फ जंग करने।
 
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