बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के निर्माण पर लगातार चल रहे विवाद में, पश्चिम बंगाल के ममता बनर्जी सरकार को एक बड़ा झटका मिल गया। इस घटना के पीछे एक विधायक हुमायूं कबीर का नाम है, जिन्होंने मस्जिद के निर्माण पर दावा किया था।
हालांकि, बेलडांगा में जमीन के मालिकों ने इस सपने को टलाने की घोषणा कर दी है। उनका कहना है कि वे अपनी जमीन पर किसी को भी बाबरी मस्जिद बनाने नहीं देंगे। यहां तक कि जब उन्होंने इस मामले में याचिका दाखिल करने से इनकार कर दिया, तो भी वे अपनी जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस घटना ने पश्चिम बंगाल के विधायकों और राजनेताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। कई ने यह सोचकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि क्या यह सार्थक होगा अगर मस्जिद बनाई जाए। जबकि कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि इससे तृप्ति नहीं मिलेगी, क्योंकि इस मस्जिद को बनाने का वास्तविक सपना किसी और जगह है।
इस घटना ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक पृष्ठभूमि पर एक नया छाया डाल दिया है। यह सवाल उठता है कि आगे क्या होगा, जब तक कि मामला अभी भी अदालत में नहीं पहुंचा।
हालांकि, बेलडांगा में जमीन के मालिकों ने इस सपने को टलाने की घोषणा कर दी है। उनका कहना है कि वे अपनी जमीन पर किसी को भी बाबरी मस्जिद बनाने नहीं देंगे। यहां तक कि जब उन्होंने इस मामले में याचिका दाखिल करने से इनकार कर दिया, तो भी वे अपनी जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस घटना ने पश्चिम बंगाल के विधायकों और राजनेताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। कई ने यह सोचकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि क्या यह सार्थक होगा अगर मस्जिद बनाई जाए। जबकि कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि इससे तृप्ति नहीं मिलेगी, क्योंकि इस मस्जिद को बनाने का वास्तविक सपना किसी और जगह है।
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